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कौन थे JDU के पूर्व विधायक डॉ प्रमोद सिंह, निधन से राजनीतिक गलियारे में छाई शोक की लहर -       

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Jan 2025, 11:26 am

                                                    कैमूर: जेडीयू के भभुआ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ प्रमोद सिंह का निधन हो गया है. हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया है. इस बात से जिले के लोगों और जनप्रतिनिधियों में शोक की लहर है. बता दें कि प्रमोद सिंह भभुआ थाना क्षेत्र के अखलासपुर गांव के निवासी थे, जिन्होंने अपने समय के विधायक कार्यकाल में कम समय में बहुत काम करके दिखाया था. उनके कामों को लोग कभी भूल नहीं पाएंगे.इन्हीं का कार्यकाल में भभुआ शहर को ग्रीन सिटी का नाम मिला था. बताया जाता है कि जनता दल यूनाइटेड के पूर्व भभुआ विधायक डॉ प्रमोद सिंह का कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी. इसी बीच आज उनकी असमय मृत्यु हो गयी, जिसकी सूचना मिलते ही महागठबंधन के कार्यकर्ताओं की उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर ईश्वर से उनके आत्मा की शांति के लिए कामना की. वहीं सूचना पर पहुंचे जिला परिषद सदस्य विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि डॉ प्रमोद सिंह बहुत ही संघर्षशील और जुझारू नेता थे. ये तीन बार के पूर्व विधायक रह चुके थे. प्रमोद सिंह का ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक संवेदना प्रकट की है. जेडीयू ने ऑफिशियल सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि भभुआ के पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह जी के आकस्मिक निधन पर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने अपनी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने शोकाकुल परिजनों से दूरभाष पर बात कर सांत्वना दी है. निश्चित रूप से उनका जाना राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति है. जद (यू) परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि.डॉ. प्रमोद सिंह लगभग 64 वर्ष के थे. भभुआ विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुनाव जीतकर विधायक बने. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष भी रहे. इसके अलावा वे दो बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर और एक बार लोक जनशक्ति पार्टी ( एलजेपी ) के टिकट पर विधायक बने.डॉ. प्रमोद सिंह लगभग 64 वर्ष के थे. भभुआ विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुनाव जीतकर विधायक बने. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष भी रहे. इसके अलावा वे दो बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर और एक बार लोक जनशक्ति पार्टी ( एलजेपी ) के टिकट पर विधायक बने.