Crime


रांची में एयर गन के साथ संदिग्ध ऑटो चालक हिरासत में, यात्रियों से लूटपाट की आशंका

News Pratyaksh | Updated : Mon 26th Oct 2026, 12:48 pm
रांची में एयर गन के साथ संदिग्ध ऑटो चालक हिरासत में, यात्रियों से लूटपाट की आशंका रांची: राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान पंडरा ओपी पुलिस ने एक ऑटो चालक को एयर गन के साथ पकड़ा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, यात्रियों से लूटपाट में उसकी संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, पंडरा ओपी पुलिस ने देर रात एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान एक ऑटो चालक को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक एयर गन बरामद हुई। पूछताछ के दौरान वह एयर गन के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर पंडरा थाना ले गई। हिरासत में लिए गए ऑटो चालक की पहचान रवि स्टील निवासी गुड्डू के रूप में हुई है। पुलिस उससे एयर गन रखने के कारणों और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है। ऑटो से यात्रियों को निशाना बनाने की आशंका पुलिस को आशंका है कि आरोपी एयर गन का इस्तेमाल कर यात्रियों को डराने या लूटपाट करने की घटनाओं को अंजाम दे सकता था। हालांकि, यह फिलहाल पुलिस का संदेह है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गौरतलब है कि हाल के दिनों में रांची में ऑटो से सफर करने वाले यात्रियों के साथ लूटपाट की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में एयर गन के साथ ऑटो चालक के पकड़े जाने के बाद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

फर्जी ‘विशिष्ट शिक्षिका’ की आईडी बनाकर करीब एक करोड़ के भुगतान का आरोप, कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR की तैयारी

News Pratyaksh | Updated : Thu 08th Oct 2026, 12:26 pm
फर्जी ‘विशिष्ट शिक्षिका’ की आईडी बनाकर करीब एक करोड़ के भुगतान का आरोप, कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR की तैयारी भागलपुर: जिला शिक्षा विभाग की डिजिटल व्यवस्था और पोर्टल में कथित गड़बड़ी का फायदा उठाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग की स्थापना शाखा में वर्ष 2019 से संविदा पर कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने ‘तनुश्री’ नाम से कथित फर्जी ‘विशिष्ट शिक्षिका’ की आईडी तैयार कर करीब एक करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करा दिया। मामले का खुलासा पटना स्थित मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) की केंद्रीय टीम द्वारा डिजिटल डेटा के सत्यापन के दौरान हुआ। जांच में ‘तनुश्री’ नाम से बनाई गई संदिग्ध आईडी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी पड़ताल शुरू की गई। कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका पर जांच में सवाल प्राथमिक जांच में विभाग में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। अविनाश राज भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र स्थित सूर्यलोक कॉलोनी का रहने वाला बताया गया है। उसका पैतृक गांव बांका जिले के रजौन प्रखंड क्षेत्र के पुनसिया में बताया गया है। विभागीय जांच में कथित तौर पर फर्जी आईडी तैयार करने और उससे जुड़े भुगतान की प्रक्रिया में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। साइबर थाने में प्राथमिकी की तैयारी मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ-स्थापना) शशि चंदन चौधरी ने आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ साइबर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि फर्जी आईडी किस तरह तैयार की गई, उसके जरिए कितनी राशि का भुगतान हुआ और इस पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। #newspratyaksh #Bhagalpur

टंडवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 90 लाख रुपये के अवैध लॉटरी टिकट जब्त, एक गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Wed 09th Sep 2026, 12:28 pm
टंडवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 90 लाख रुपये के अवैध लॉटरी टिकट जब्त, एक गिरफ्तार चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 90 लाख रुपये मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि टिकटों की तस्करी में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन भी जब्त किया गया है। यह कार्रवाई टंडवा थाना पुलिस की छापेमारी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की। क्या है पूरा मामला? पुलिस को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन से अवैध लॉटरी टिकटों की खेप हजारीबाग से टंडवा लाई जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई और वाहन की तलाश शुरू की गई। टंडवा चौक के पास पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। चालक पहले वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। बरामदगी पुलिस की तलाशी में वाहन से बड़ी मात्रा में अवैध लॉटरी टिकट बरामद हुए। 30 बंडल अवैध लॉटरी टिकट प्रत्येक बंडल में 2 पैकेट कुल 60 पैकेट बरामद प्रत्येक पैकेट में 1,500 टिकट कुल 90,000 लॉटरी टिकट जब्त जब्त टिकटों की अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये लॉटरी टिकट ले जा रहा एक पिकअप वाहन भी जब्त गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस मामले में विकास कुमार प्रजापति (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिलवार गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस ने क्या कहा? टंडवा थाना पुलिस के अनुसार आरोपी अवैध लॉटरी टिकटों को हजारीबाग से टंडवा लाकर बेचने की तैयारी में था। आरोपी के खिलाफ टंडवा थाना कांड संख्या 48/26 दर्ज कर लॉटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की आगे जांच जारी है।

मधुबनी में फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का भंडाफोड़, 62 मूल पासपोर्ट के साथ चार आरोपी गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Tue 08th Sep 2026, 12:47 pm
मधुबनी में फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का भंडाफोड़, 62 मूल पासपोर्ट के साथ चार आरोपी गिरफ्तार मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट और अवैध विदेशी वीजा से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। घोघरडीहा थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने 62 मूल पासपोर्ट जब्त किए हैं। मामले में गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस को हुआ शक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के अनुसार, अपराध नियंत्रण को लेकर जिले में लगातार वाहन जांच और रात्रि गश्ती अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम हनुमान चौक के पास विशेष वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शत्रुपट्टी की ओर से आ रही एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों की नजर पुलिस पर पड़ी। पुलिस को देखते ही दोनों अचानक बाइक घुमाकर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने तत्परता से घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद इरशाद और रफी अहमद के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद काले रंग के बैग से भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों से जारी 62 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। विदेश में नौकरी के नाम पर मंगवाते थे पासपोर्ट एसएसपी योगेंद्र कुमार के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मोहम्मद इरशाद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मोहम्मद आरजू विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों से पासपोर्ट मंगवाते थे। बताया गया कि ये पासपोर्ट घोघरडीहा क्षेत्र में ग्रामीण डाक सेवक मोहम्मद अदनान हुसैन के पते पर मंगवाए जाते थे। इसके बाद पासपोर्ट को पटना और कानपुर में सक्रिय एजेंटों मयंक और श्रवण तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पासपोर्ट किन लोगों के हैं, इन्हें किस उद्देश्य से एकत्र किया जा रहा था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है। मामले में आगे की जांच जारी है।

असम में साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन, करीब 330 आरोपी गिरफ्तार; हैदराबाद-बेंगलुरु तक पहुंची पुलिस की जांच

News Pratyaksh | Updated : Mon 07th Sep 2026, 12:37 pm
असम में साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन, करीब 330 आरोपी गिरफ्तार; हैदराबाद-बेंगलुरु तक पहुंची पुलिस की जांच असम: राज्य में साइबर ठगी और धोखाधड़ी के खिलाफ शनिवार सुबह से चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस ने करीब 330 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) हरमीत सिंह ने खुद इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस बनकर लोगों को धमकाने का आरोप पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों पर पुलिसकर्मी बनकर लोगों से धोखाधड़ी करने समेत कई तरह के साइबर फ्रॉड में शामिल होने का आरोप है। डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि आरोपी लोगों को फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते थे। इसके बाद उन्हें किसी पुलिस केस को सुलझाने या कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर डराया-धमकाया जाता था और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती थी। हैदराबाद और बेंगलुरु तक पहुंची जांच डीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों का सुराग असम के बाहर हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी मिला है। ऐसे संदिग्धों को भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह से शुरू हुई कार्रवाई में अब तक करीब 330 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहने वाली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहा विशेष अभियान डीजीपी हरमीत सिंह के अनुसार, साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्धों और गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

20 महीने बाद चंचला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, भाई ने किया सरेंडर; परिवार के तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में:

News Pratyaksh | Updated : Mon 07th Sep 2026, 12:36 pm
0 महीने बाद चंचला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, भाई ने किया सरेंडर; परिवार के तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में: शेखपुरा: चर्चित डाककर्मी चंचला कुमारी हत्याकांड में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में आरोपित मृतका के सगे भाई शुभम कुमार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। भाई के सरेंडर के साथ ही इस मामले में आरोपित परिवार के तीनों सदस्य पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। इससे एक दिन पहले रविवार को मृतका के पिता बचनदेव चौहान ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। वहीं, चंचला की मां अनीता कुमारी को पुलिस करीब एक सप्ताह पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आत्महत्या का मामला नहीं, हत्या की जांच में बदली कहानी चंचला कमासी गांव की रहने वाली थी और गया जिले में डाक विभाग में कार्यरत थी। पुलिस के अनुसार, उसने कारे गांव निवासी युवक राहुल से अपनी इच्छा से शादी की थी। बताया जा रहा है कि परिवार इस शादी से नाराज था। करीब 20 महीने पुराने इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने ऐसे तथ्य आए, जिनके आधार पर घटना को आत्महत्या के बजाय हत्या का मामला माना गया। शादी से नाराज परिवार ने घर बुलाया, हत्या का आरोप पुलिस के अनुसार, चंचला की शादी परिवार को मंजूर नहीं थी। आरोप है कि शादी को सामाजिक रूप से स्वीकार करने का भरोसा देकर उसे घर बुलाया गया। पुलिस जांच के मुताबिक, 25 नवंबर 2024 को चंचला की हत्या कर दी गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। खास बात यह है कि उस समय मृतका के पिता की ओर से ही थाने में आत्महत्या को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की पूरी तस्वीर बदलती नजर आ रही है। पुलिस परिवार के तीनों आरोपित सदस्यों से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी सच्चाई और हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी है।
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