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सौरव गांगुली और पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, 6 महीने से आ रहे थे खत; पुलिस जांच में जुटी

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:24 pm
सौरव गांगुली और पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, 6 महीने से आ रहे थे खत; पुलिस जांच में जुटी कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) के अध्यक्ष के कार्यालय में एक धमकी भरा पत्र सामने आया, जिसमें गांगुली परिवार और उनके स्टाफ को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। 6 महीने से मिल रहे थे धमकी भरे खत बताया जा रहा है कि गांगुली परिवार को पिछले करीब छह महीनों से ऐसे पत्र मिल रहे थे। शुरुआत में इन्हें फैंस की ओर से भेजे गए सामान्य संदेश मानकर नजरअंदाज किया गया। हालांकि, पत्रों में इस्तेमाल भाषा कथित तौर पर लगातार आक्रामक होती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार और उनके निजी सहायक (PA) की ओर से ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस संदिग्ध की तलाश में जुटी पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और कथित तौर पर बेलघरिया निवासी अरुण कुमार नाम के एक संदिग्ध की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि धमकी भरे पत्र इसी नाम से भेजे गए थे। सौरव गांगुली को फिलहाल Y-कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। धमकी भरे पत्र सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मामले की जांच को लेकर भी पुलिस सक्रिय हो गई है। मामले में पुलिस पत्रों के स्रोत और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी के पीछे वास्तविक वजह क्या है।

पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली समेत 4 ने किया आत्मसमर्पण

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:23 pm
पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली समेत 4 ने किया आत्मसमर्पण चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कोल्हान, पोराहाट और सारंडा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चार सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस और CRPF के वरीय अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन का 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत हुई। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस भी सुरक्षाबलों को सौंपे। 10 लाख के इनामी सालुका कायम ने छोड़ा नक्सल का रास्ता आत्मसमर्पण करने वालों में सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर, मारू, विक्रम, डांगिल, तुबुई और जयराम का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सालुका भाकपा (माओवादी) की जोनल कमेटी का सदस्य था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, सालुका के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम में 90 और सरायकेला जिले में 6 मामले, यानी कुल 96 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के दौरान उसने एक AK-47 राइफल, दो मैगजीन और 843 राउंड कारतूस समेत अन्य सामान सुरक्षा बलों को सौंपा। तीन अन्य नक्सलियों ने भी किया सरेंडर सालुका के साथ तीन अन्य सक्रिय सदस्यों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। इनमें कोदोमुनी कोड़ा उर्फ कोदम मुन्नी कोड़ा उर्फ कितामाई, पिंकी पूर्ति उर्फ सुकांती पूर्ति उर्फ मेचो पूर्ति और अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम उर्फ मुक्ता उर्फ नूनी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु निवासी कोदोमुनी कोड़ा संगठन में दस्ता सदस्य के तौर पर सक्रिय था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ चाईबासा में सात मामले दर्ज बताए गए हैं। उसने एक वायरलेस सेट और 697 राउंड कारतूस सौंपे। पिंकी पूर्ति और अनिता तामसोय पर भी कई मामले पुलिस के अनुसार, पिंकी पूर्ति संगठन में दस्ता सदस्य के तौर पर सक्रिय थी। उसके खिलाफ चाईबासा में 13 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के दौरान उसके पास से एक वायरलेस सेट और 639 राउंड कारतूस मिले। वहीं, अनिता तामसोय के खिलाफ चाईबासा में 12 और सरायकेला में एक, कुल 13 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। उसने एक इंसास राइफल, पांच मैगजीन और 97 राउंड कारतूस सहित अन्य सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपे। सुरक्षाबलों के मुताबिक, चार नक्सलियों का आत्मसमर्पण कोल्हान क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

खगड़िया में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने से 165 से ज्यादा लोग बीमार, गांव में मचा हड़कंप

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:22 pm
खगड़िया में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने से 165 से ज्यादा लोग बीमार, गांव में मचा हड़कंप खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमनी पंचायत के हियादतपुर गांव में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने के बाद 165 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण प्रभावित लोगों को इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। 250 से ज्यादा लोगों ने खाया था प्रसाद जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 बजे मायाराम चौधरी के बेटे सुबोध चौधरी के घर सत्यनारायण पूजा का आयोजन किया गया था। पूजा संपन्न होने के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। बताया जा रहा है कि 250 से ज्यादा लोगों ने प्रसाद खाया था। प्रसाद खाने के करीब आधे घंटे बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। खासकर बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत सामने आई, जबकि कई बड़े लोगों ने चक्कर, कमजोरी और बेचैनी की शिकायत की। अस्पताल में मरीजों की लगी कतार एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद ग्रामीणों ने मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। देर रात तक अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। फिलहाल इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि प्रसाद खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की स्थिति बनी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है। ग्रामीण ने बताई पूरी घटना ग्रामीण महिला संजू देवी ने बताया, “पूजा होने के बाद प्रसाद दिया गया। बच्चों ने प्रसाद खाया। करीब आधे घंटे बाद बच्चों को उल्टी शुरू हो गई। उसके बाद जितने लोगों ने प्रसाद खाया था, सभी को एक-एक करके उल्टी होने लगी।” फिलहाल प्रभावित लोगों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले पर नजर बनाए हुए है।

कैमूर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, गोबर की खाद के बीच बने गुप्त तहखाने से 4815 लीटर शराब बरामद

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:21 pm
कैमूर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, गोबर की खाद के बीच बने गुप्त तहखाने से 4815 लीटर शराब बरामद कैमूर: बिहार के कैमूर जिले में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली-कोलकाता हाईवे स्थित समेकित जांच चौकी के उत्पाद चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह एक 14 चक्का ट्रक से करीब 4,815 लीटर शराब बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 70 से 75 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में ट्रक चालक और सहचालक को गिरफ्तार किया गया है। गोबर की खाद के बीच बनाया था गुप्त तहखाना उत्पाद विभाग की टीम को यूपी की ओर से आ रहे पंजाब नंबर प्लेट वाले ट्रक पर संदेह हुआ। तलाशी के दौरान ट्रक में सड़े हुए गोबर जैसी खाद के बीच लोहे का एक गुप्त तहखाना मिला। अधिकारियों ने जब इस गुप्त कक्ष को खोला तो उसमें शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद टीम ने तहखाने से पूरी शराब बरामद कर ली। पंजाब से बिहार लाई जा रही थी शराब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि शराब की खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने शराब की पहचान छिपाने के लिए बोतलों पर दर्ज बैच नंबर भी मिटा दिए थे। गुप्त सूचना पर पकड़ा गया ट्रक उत्पाद चेकपोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई। तलाशी में लोहे के गुप्त तहखाने से 4,815 लीटर शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 70-75 लाख रुपये आंकी गई है। उत्पाद विभाग ने ट्रक को जब्त कर लिया है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की विशेष जांच में कई बड़े होटलों में कथित तौर पर सड़ा हुआ मीट, फंगस लगा खाना, एक्सपायरी दूध

News Pratyaksh | Updated : Mon 10th Aug 2026, 12:33 pm
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की विशेष जांच में कई बड़े होटलों में कथित तौर पर सड़ा हुआ मीट, फंगस लगा खाना, एक्सपायरी दूध-दही, गंदे किचन और गलत तरीके से खाद्य पदार्थों के भंडारण के मामले सामने आए। जांच के दौरान अधिकारियों ने करीब 132 किलो खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की। वहीं, यूबी सिटी स्थित एक किचन को नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर दिया गया। विभाग ने GBA के सभी जोन को कवर करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की 30 टीमें तैनात की हैं, जो शहर के थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की जांच कर रही हैं। सड़ा मीट और एक्सपायरी दूध-दही मिला अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान भोजन की स्वच्छता, स्टोरेज और एक्सपायरी उत्पादों से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कई मामले मिले। अलग-अलग स्थानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। यूबी सिटी के 16वें फ्लोर स्थित स्काई लाउंज के किचन में जांच के दौरान गंदगी मिली। अधिकारियों के मुताबिक, वहां मीट उत्पाद खराब हालत में थे और कुछ में फफूंदी भी पाई गई। इसके अलावा करीब 10 दिन पहले एक्सपायर हो चुका दूध और दही भी मिला, जिसके बाद किचन को सील कर दिया गया। 51 किलो खाद्य सामग्री फेंकी गई यूबी सिटी के होटल स्काई में अधिकारियों को करीब 45 किलो खराब चिकन और बीफ, 6 किलो वेजिटेबल कटलेट और 15 लीटर इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल मिला। जांच के बाद कुल 51 किलो खाद्य सामग्री को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की यह विशेष जांच अभियान पिछले कुछ दिनों से जारी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन में गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर एक व्यक्ति से ₹8 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। नंदग्राम थाना क्षेत्र की औरा कायमेरा सोसाइटी में रहने वाले संजय कुमार को जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। घटना के करीब दो महीने बाद शिकायत

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:41 pm
गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन में गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर एक व्यक्ति से ₹8 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। नंदग्राम थाना क्षेत्र की औरा कायमेरा सोसाइटी में रहने वाले संजय कुमार को जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। घटना के करीब दो महीने बाद शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 'गैस कनेक्शन कट जाएगा' का भेजा मैसेज संजय कुमार के मुताबिक, 24 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें गैस कनेक्शन डिस्कनेक्ट होने की बात कही गई थी और बिल अपडेट करने के लिए एक नंबर पर कॉल करने को कहा गया था। संजय ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो कॉलर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामूली रकम जमा करने के बाद कनेक्शन चालू रहेगा। ठगों ने यह भी दावा किया कि जमा की गई राशि सीधे उनके खाते में क्रेडिट होकर गैस बिल में एडजस्ट हो जाएगी। कंपनी के नाम से भेजी APK फाइल पीड़ित को अपना बकाया बिल याद नहीं था। कनेक्शन कटने की परेशानी से बचने के लिए उन्होंने ठगों के कहे अनुसार भुगतान करने की कोशिश की। इसी दौरान जालसाजों ने उन्हें कथित तौर पर गैस कंपनी की एप्लीकेशन भेजने की बात कही। इसके बाद व्हाट्सऐप पर एक APK फाइल भेजी गई। संजय ने एप्लीकेशन डाउनलोड कर ली। पेमेंट करने के दौरान उन्होंने उसमें अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज की। इसके बाद उनका मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक हो गया और पेमेंट भी नहीं हो पाया। स्क्रीन शेयर करते ही ठगों के हाथ में पहुंचा फोन संजय ने जब दोबारा दिए गए नंबर पर कॉल किया तो जालसाजों ने मदद करने के बहाने उनसे स्क्रीन शेयर करने को कहा। स्क्रीन शेयर करते ही आरोपियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर लिया। पीड़ित कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनके बैंक खाते से रकम कटने के मैसेज आने लगे। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर पुलि