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हेमकुंड साहिब यात्रा पर आ रहे 90 से ज्यादा पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु रोके गए, वीजा के बावजूद नहीं मिली उड़ान

News Pratyaksh | Updated : Fri 11th Sep 2026, 12:25 pm
हेमकुंड साहिब यात्रा पर आ रहे 90 से ज्यादा पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु रोके गए, वीजा के बावजूद नहीं मिली उड़ान फैसलाबाद: पाकिस्तान के फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक बड़ा मामला सामने आया है। उत्तराखंड स्थित पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भारत आने वाले 90 से अधिक पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को कथित तौर पर एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन श्रद्धालुओं के पास भारत का वीजा होने के बावजूद उन्हें भारत आने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि यह घटना फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई। क्या है पूरा मामला? फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के एक अधिकारी के अनुसार, करीब 92 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, भारत पहुंचने के लिए अप्रत्यक्ष उड़ान लेने फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उन्हें खाड़ी देश जाने वाली एयरलाइन की उड़ान में सवार होने से रोक दिया। इन श्रद्धालुओं का उद्देश्य उत्तराखंड के श्री हेमकुंड साहिब की धार्मिक यात्रा करना था। वीजा होने के बावजूद उन्हें यात्रा से रोके जाने की खबर के बाद इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सवाल यह है कि वीजा होने के बावजूद इन श्रद्धालुओं को उड़ान में सवार होने से क्यों रोका गया?

IND vs SL 1st Test: फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए दिनेश चंडीमल, अस्पताल भेजे गए

News Pratyaksh | Updated : Tue 18th Aug 2026, 12:42 pm
IND vs SL 1st Test: फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए दिनेश चंडीमल, अस्पताल भेजे गए भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका को बड़ा झटका लगा। अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चंडीमल फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। चंडीमल को कंधे और गर्दन के आसपास चोट लगी। घटना भारत की दूसरी पारी के शुरुआती ओवरों में हुई, जब केएल राहुल ने गेंद को बाउंड्री की ओर खेला। चंडीमल तेजी से गेंद रोकने पहुंचे और डाइव लगाकर उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान वह असहज तरीके से जमीन पर गिरे। मैदान पर श्रीलंका के फिजियोथेरेपिस्ट और डॉक्टर ने तुरंत उनकी जांच की। इसके बाद एहतियात के तौर पर उन्हें स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। बाद में श्रीलंका क्रिकेट ने बताया कि चंडीमल को कनकशन के कारण मैच से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह पसिंदु सूरियाबंदर को कनकशन रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया। श्रीलंका के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि टीम को भारत के खिलाफ मैच के बाकी हिस्से में अपने अनुभवी बल्लेबाज की कमी खलेगी।

Instagram पर CSAM को लेकर सरकार सख्त, Meta को सेफ हार्बर पर चेतावनी

News Pratyaksh | Updated : Tue 18th Aug 2026, 12:40 pm
  नई दिल्ली: Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट यानी CSAM के प्रसार को लेकर केंद्र सरकार ने Meta के साथ सख्त बातचीत की है। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने Meta को स्पष्ट संदेश दिया है कि CSAM कंटेंट का प्रसार भारतीय कानूनों और नियमों का गंभीर उल्लंघन है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मिलने वाली 'सेफ हार्बर' यानी कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठ सकता है। Meta के साथ हुई सख्त बातचीत IT मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया पर सामान्य कंटेंट को सेंसर या प्रतिबंधित करना नहीं है। सरकार चाहती है कि प्लेटफॉर्म भारत के मौजूदा कानूनों और नियमों का पूरी तरह पालन करें। सरकार ने Meta को यह भी कहा कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को रोकने और यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्लेटफॉर्म की है। बातचीत के दौरान Meta ने भी अपना पक्ष रखा और अधिकारियों को अपने एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, इस पूरे मुद्दे पर अभी विचार-विमर्श जारी है और जरूरत पड़ने पर सिस्टम में बदलाव और आगे की कार्रवाई की जा सकती है। बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस CSAM से जुड़े मामलों को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है। ऐसे कंटेंट को रोकने, हटाने और उसके प्रसार पर कार्रवाई करने को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर अब सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत तेज हो गई है। फिलहाल, Meta के साथ चर्चा जारी है और आने वाले समय में इस मामले में सरकार की ओर से और कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है।

वैज्ञानिकों ने बनाया ब्रह्मांड का सबसे बड़ा नक्शा, 4 अरब खगोलीय पिंडों का डेटा; 5.6 ट्रिलियन पिक्सल में दिखी Universe की तस्वीर

News Pratyaksh | Updated : Wed 12th Aug 2026, 12:20 pm
वैज्ञानिकों ने बनाया ब्रह्मांड का सबसे बड़ा नक्शा, 4 अरब खगोलीय पिंडों का डेटा; 5.6 ट्रिलियन पिक्सल में दिखी Universe की तस्वीर हैदराबाद: ब्रह्मांड को समझने की दिशा में वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। DESI (Dark Energy Spectroscopic Instrument) Legacy Imaging Surveys की टीम ने अब तक का सबसे बड़ा 2D ब्रह्मांडीय नक्शा जारी किया है। यह नक्शा आसमान के करीब तीन-चौथाई हिस्से को कवर करता है और इसमें लगभग 4 अरब खगोलीय पिंडों की जानकारी शामिल है। 13 साल की मेहनत से तैयार हुआ मैप ब्रह्मांड का यह विशाल नक्शा एक दिन में तैयार नहीं हुआ। वैज्ञानिकों ने इसे तैयार करने के लिए करीब 13 वर्षों तक काम किया। इसके लिए 2.63 लाख से ज्यादा टेलीस्कोप तस्वीरों को मिलाया गया, जिससे कुल 5.6 ट्रिलियन पिक्सल का विशाल डेटा तैयार हुआ। इन तस्वीरों को सामान्य दृश्य प्रकाश के साथ-साथ नजदीकी इन्फ्रारेड तरंगों में भी कैप्चर किया गया है। इस वजह से वैज्ञानिकों को बेहद दूर स्थित खगोलीय पिंडों को पहचानने और उनका अध्ययन करने में मदद मिलती है। डार्क एनर्जी को समझने में मिलेगी मदद इस मैप का मकसद सिर्फ ब्रह्मांड की तस्वीर तैयार करना नहीं है। इसके जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अरबों वर्षों में ब्रह्मांड किस तरह फैलता गया। इस शोध में डार्क एनर्जी भी बेहद महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्रह्मांड के लगातार तेज गति से फैलने के पीछे डार्क एनर्जी की भूमिका हो सकती है। नए डेटा से इसके स्वरूप और प्रभाव को समझने में मदद मिल सकती है। 4.7 करोड़ से ज्यादा गैलेक्सी और क्वासर का 3D मैप DESI परियोजना का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। अप्रैल 2026 तक DESI ने 4.7 करोड़ से अधिक गैलेक्सी और क्वासर का मैप तैयार कर लिया था। इसे अब तक के सबसे बड़े और विस्तृत 3D ब्रह्मांडीय नक्शों में शामिल किया जा रहा है। यह विशाल डेटा वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की संरचना, उसके विकास और विस्तार की गति को समझने के लिए नई जानकारी उपलब्ध कराएगा।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स बने पुर्तगाल के कप्तान, अब खेलेंगे T20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर

News Pratyaksh | Updated : Wed 12th Aug 2026, 12:14 pm
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स बने पुर्तगाल के कप्तान, अब खेलेंगे T20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर स्पोर्ट्स डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स अब क्रिकेट में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। 39 वर्षीय हेनरिक्स को पुर्तगाल क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया है। वह फिनलैंड में होने वाले T20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर C में पुर्तगाल की 14 सदस्यीय टीम की अगुआई करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके हैं 44 इंटरनेशनल मैच हेनरिक्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2021 में खेला था। उनके नाम ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T20 इंटरनेशनल मैच हैं। उन्होंने पिछले महीने ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन विदेशी लीग में उनका खेलना जारी रहेगा। वह European T20 Premier League के पहले सीजन में Glasgow Cosmic के लिए खेलेंगे। Ronaldo से भी है खास कनेक्शन मोइसेस हेनरिक्स का पुर्तगाल से खास रिश्ता उनके जन्मस्थान की वजह से है। उनका जन्म पुर्तगाल के मदीरा द्वीप में हुआ था। यही वह जगह है जहां दुनिया के मशहूर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का भी जन्म हुआ। हेनरिक्स का परिवार उनके बचपन में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपना लंबा घरेलू क्रिकेट करियर बनाया और न्यू साउथ वेल्स और सिडनी सिक्सर्स के लिए खेलते रहे। अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में लंबा सफर तय करने के बाद हेनरिक्स पुर्तगाल की जर्सी में नई शुरुआत करने जा रहे हैं।

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, दमिश्क की अदालत ने मानवता के खिलाफ अपराधों में ठहराया दोषी

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:22 pm
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, दमिश्क की अदालत ने मानवता के खिलाफ अपराधों में ठहराया दोषी दमिश्क: सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मंगलवार को दमिश्क की एक अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें हत्या, यातना, मनमाने ढंग से हिरासत में रखने और मानवता के खिलाफ अपराधों समेत कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। यह असद के खिलाफ सीरियाई अंतरिम अधिकारियों की ओर से पहली बड़ी आपराधिक सजा है। अतीफ नजीब को भी मौत की सजा अदालत ने पूर्व सुरक्षा अधिकारी अतीफ नजीब को भी हत्या और यातना से जुड़े मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई। नजीब पर 2011 में दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में सरकार के दमन अभियान में भूमिका निभाने के आरोप रहे हैं। 2024 में सत्ता से बेदखल हुए थे असद बशर अल-असद दिसंबर 2024 में विपक्षी बलों के तेज सैन्य अभियान के बाद सत्ता से हट गए थे। इसके बाद वह सीरिया छोड़कर रूस चले गए, जहां उन्हें शरण मिली। असद के सत्ता से हटने के साथ उनके परिवार का कई दशकों पुराना शासन समाप्त हो गया था। इसके बाद अंतरिम सरकार ने असद शासन के दौरान हुए कथित अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। असद और उनके भाई माहेर अल-असद के खिलाफ मुकदमे भी उनकी गैरमौजूदगी में आगे बढ़े। सजा के बावजूद असद रूस में असद वर्तमान में रूस में हैं, इसलिए दमिश्क की अदालत का फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें तत्काल सीरियाई हिरासत में नहीं लिया गया है।