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SAARC को फिर से जिंदा करने की मांग तेज: बांग्लादेश और मालदीव की पहल पर भारत ने दिया स्पष्ट संदेश

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Jul 2026, 12:07 pm
SAARC को फिर से जिंदा करने की मांग तेज: बांग्लादेश और मालदीव की पहल पर भारत ने दिया स्पष्ट संदेश दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन सार्क (SAARC) को दोबारा सक्रिय करने की बांग्लादेश और मालदीव की मांग ने एक बार फिर इस क्षेत्रीय संगठन को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में सार्क के पुनर्जीवित होने की राह अब भी आसान नहीं मानी जा रही है। नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है। हालांकि, उन्होंने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि दक्षिण एशिया में सभी जानते हैं कि कौन-सा देश और उसकी कौन-सी गतिविधियां सार्क की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि "सहयोग के लिए सद्भावना आवश्यक होती है।" 2016 के बाद नहीं हुई कोई SAARC शिखर बैठक साल 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद इस्लामाबाद में प्रस्तावित सार्क शिखर सम्मेलन रद्द कर दिया गया था। भारत के साथ कई सदस्य देशों ने भी सम्मेलन का बहिष्कार किया था। इसके बाद से अब तक सार्क की कोई शिखर बैठक आयोजित नहीं हुई है। मालदीव और बांग्लादेश की नई पहल हाल के दिनों में मालदीव और बांग्लादेश दोनों ने अलग-अलग मंचों से सार्क को फिर से सक्रिय करने की वकालत की है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में सार्क को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सदस्य देशों से मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मालदीव इस प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। वहीं, बांग्लादेश ने भी इस वर्ष फरवरी में सार्क प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। इसके अलावा, नई दिल्ली में आयोजित बिम्सटेक (BIMSTEC) की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की बैठक के दौरान भी ढाका ने एक बार फिर सार्क को सक्रिय करने की मांग उठाई। क्यों अहम है SAARC? सार्क की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को ढाका में हुई थी और इसका सचिवालय काठमांडू में स्थित है। वर्तमान में इसके सदस्य भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान हैं। संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा, विज्ञान, पर्यटन, पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण सार्क की गतिविधियां लगभग ठप पड़ी हुई हैं।

रेलवे का बड़ा निर्देश: CUG SIM को बैंक अकाउंट या पर्सनल फाइनेंशियल कामों से लिंक करने पर रोक

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:55 am
रेलवे का बड़ा निर्देश: CUG SIM को बैंक अकाउंट या पर्सनल फाइनेंशियल कामों से लिंक करने पर रोक नई दिल्ली: पर्सनल बैंक लोन लेने और वित्तीय लेन-देन के लिए CUG SIM कार्ड के गलत इस्तेमाल की कई शिकायतों के बाद भारतीय रेलवे ने अपनी संचार नीति का सख्ती से पालन करने का फैसला किया है। रेलवे के नए निर्देश के मुताबिक, कर्मचारियों को अपने आधिकारिक CUG SIM का इस्तेमाल पर्सनल बैंक अकाउंट लिंक करने, बैंक लोन लेने या किसी भी व्यक्तिगत वित्तीय लेन-देन के लिए नहीं करने को कहा गया है। यह कदम उन रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है, जिनमें सामने आया कि आधिकारिक संचार के लिए जारी किए गए CUG SIM का इस्तेमाल तय उद्देश्य से बाहर किया जा रहा था। रेलवे ने दोहराया है कि CUG SIM केवल अधिकृत आधिकारिक संचार के लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्देश का उद्देश्य रेलवे कम्युनिकेशन सिस्टम की अखंडता बनाए रखना और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर लागू नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे के अनुसार, कई CUG नंबर पहले के उपयोगकर्ताओं द्वारा सरेंडर किए जाने के बाद दूसरे कर्मचारियों को आवंटित किए जाते हैं। ऐसे मामलों में यदि पुराने उपयोगकर्ता ने नंबर को बैंक अकाउंट या अन्य व्यक्तिगत सेवाओं से लिंक किया हो, तो नए उपयोगकर्ता को लगातार गलत कॉल और संदेशों का सामना करना पड़ता है, जिससे आधिकारिक कार्य प्रभावित होते हैं। इंडियन रेलवे S&T मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। यूनियन के जनरल सेक्रेटरी आलोक चंद्र प्रकाश और नेशनल प्रेसिडेंट नवीन कुमार ने कहा कि इससे कर्मचारियों को अनावश्यक कॉल और संदेशों से राहत मिलेगी तथा आधिकारिक संचार बेहतर होगा। लोको पायलट चांडी प्रसाद ने भी बताया कि उन्हें आवंटित CUG नंबर पर लंबे समय से बैंक और पिछले उपयोगकर्ता से जुड़े कॉल आते रहे हैं। उन्होंने रेलवे के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भविष्य में कर्मचारियों को ऐसी परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी। रेलवे ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि निजी कार्यों के लिए CUG SIM के इस्तेमाल पर रोक संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का डेटा पोर्टल पर अपडेट करने तथा निर्धारित फॉर्म जल्द जमा कराने को भी कहा गया है।

आपको भी ChatGPT में दिक्कत आ रही है क्या?

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 11:56 am
आपको भी ChatGPT में दिक्कत आ रही है क्या? ChatGPT ग्लोबल आउटेज: दुनिया भर के यूजर्स को आ रही दिक्कत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च और डिप्लॉयमेंट कंपनी OpenAI ने पुष्टि की है कि उसके लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT में कनेक्टिविटी की समस्या आ रही है। इस कारण दुनिया भर के यूजर्स इस सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।यह समस्या पिछले 30 मिनट से शुरू हुई है। ट्रैकिंग वेबसाइट DownDetector के अनुसार, अमेरिका, यूरोप, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों से ChatGPT के काम न करने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। इससे साफ है कि यह आउटेज पूरे विश्व में प्लेटफॉर्म को प्रभावित कर रहा है।OpenAI ने अपने आधिकारिक स्टेटस पेज पर आउटेज की पुष्टि करते हुए कहा, "हमें ChatGPT को प्रभावित करने वाली समस्या की जानकारी है। हम लिस्ट में दी गई सर्विस से जुड़ी समस्या की जांच कर रहे हैं।"#ChatGPT #OpenAI #ChatGPTDown #GlobalOutage #DownDetector #AI #TechNews #ChatGPTNotWorking #InternetDown #BreakingNews

रोहित-कोहली की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया, इंग्लैंड के खिलाफ आज से वनडे सीरीज का आगाज : टीम इंडिया 14 जुलाई से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड का सामना करने के लिए तैयार है। सीरीज का पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में खेला जाए

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jul 2026, 12:08 pm
रोहित-कोहली की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया, इंग्लैंड के खिलाफ आज से वनडे सीरीज का आगाज : टीम इंडिया 14 जुलाई से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड का सामना करने के लिए तैयार है। सीरीज का पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में 0-4 की निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम वनडे प्रारूप में नए जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरने जा रही है। इस सीरीज में विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की अनुभवी तिकड़ी लंबे समय बाद एक साथ वनडे टीम का हिस्सा बनेगी। जसप्रीत बुमराह 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद पहली बार वनडे मुकाबला खेलते नजर आएंगे, जबकि विराट कोहली आईपीएल 2026 के फाइनल के बाद पहली बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करेंगे। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारतीय टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पहले वनडे मुकाबले से पहले कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम को रोहित शर्मा और विराट कोहली के अनुभव पर पूरा भरोसा है और उनकी बल्लेबाजी टीम को जीत की राह पर वापस ला सकती है। भारत हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार चुका है। ऐसे में वनडे सीरीज टीम इंडिया के लिए वापसी का बड़ा अवसर मानी जा रही है, जहां अनुभवी खिलाड़ियों पर सभी की निगाहें टिकी होंगी। #INDvsENG #TeamIndia #RohitSharma #ViratKohli #JaspritBumrah #ShubmanGill #ODISeries #Cricket #IndianCricket #EnglandCricket #BCCI #SportsNews #BreakingNews #CricketNews #HindiNews #NewsUpdate

गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:18 pm
गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता गाजा में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार को हुए ताजा हमलों में छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी और स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में से दो लोगों की मौत सेंट्रल गाजा के नुसेरत कैंप में कथित ड्रोन हमले के दौरान हुई, जबकि अन्य चार लोगों के अलग-अलग इलाकों में मारे जाने की सूचना है। स्थानीय अस्पतालों ने भी छह शव मिलने की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और संघर्षविराम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जमीनी स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से भिन्न दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरें भी सुर्खियों में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, United States Central Command ने कहा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा से जुड़े खतरों को कम करने के उद्देश्य से कार्रवाई की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। वहीं, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अल-अजराक एयर बेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई हालिया घटनाओं के जवाब में की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात में और अधिक तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जापान के Hayabusa-2 ने एस्टेरॉयड के पास से भरी उड़ान, पृथ्वी की रक्षा तकनीक के परीक्षण में मिली सफलता

News Pratyaksh | Updated : Mon 06th Jul 2026, 01:09 pm
जापान के Hayabusa-2 ने एस्टेरॉयड के पास से भरी उड़ान, पृथ्वी की रक्षा तकनीक के परीक्षण में मिली सफलता जापान की अंतरिक्ष एजेंसी Japan Aerospace Exploration Agency (JAXA) ने पृथ्वी को संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रहों से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी का स्पेस प्रोब Hayabusa-2 रविवार को पृथ्वी के निकट मौजूद एस्टेरॉयड Torifune के बेहद करीब से सफलतापूर्वक गुजरा। फ्रिज के आकार वाले Hayabusa-2 को एस्टेरॉयड के लगभग 800 मीटर के दायरे से गुजारने की योजना बनाई गई थी। इस मिशन का उद्देश्य एस्टेरॉयड से टकराना नहीं था, बल्कि यह जांचना था कि भविष्य में यदि किसी खतरनाक अंतरिक्ष चट्टान का रास्ता बदलने की जरूरत पड़े तो स्पेसक्राफ्ट को कितनी सटीकता से नियंत्रित किया जा सकता है। यह परीक्षण मिशन NASA के 2022 के ऐतिहासिक DART मिशन के बाद आया है, जिसमें एक अंतरिक्ष यान को जानबूझकर Dimorphos से टकराया गया था। उस मिशन ने सफलतापूर्वक एस्टेरॉयड की कक्षा में बदलाव कर ग्रह रक्षा तकनीक की संभावनाओं को साबित किया था। करीब 18,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रहे Hayabusa-2 ने टोरिफ्यून के पास से सुरक्षित उड़ान भरी। JAXA के अनुसार स्पेसक्राफ्ट पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहा है और मिशन के शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं। कंट्रोल रूम में वैज्ञानिकों ने मिशन की सफलता पर तालियां बजाकर खुशी जताई। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पुष्टि हो जाती है कि प्रोब वास्तव में एस्टेरॉयड के 800 मीटर के भीतर से गुजरा, तो यह पृथ्वी के निकट किसी क्षुद्रग्रह के सबसे नजदीकी फ्लाईबाय मिशनों में से एक माना जाएगा। विशेषज्ञों ने इसकी सटीकता की तुलना जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा से उत्तरी द्वीप होक्काइडो तक फैले क्षेत्र में एक छोटे सिक्के पर निशाना लगाने जैसी चुनौती से की है। यह मिशन भविष्य में पृथ्वी को संभावित एस्टेरॉयड टक्कर से बचाने के लिए विकसित की जा रही "प्लैनेटरी डिफेंस" तकनीकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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