ग्रीनलैंड में स्थित पिटुफिक स्पेस बेस अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा और संचार का केंद्र :
News Pratyaksh | Updated : Tue 20th Jan 2026, 12:09 pm
ग्रीनलैंड में स्थित पिटुफिक स्पेस बेस अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा और संचार का केंद्र :
अमेरिका ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) एयरक्राफ्ट तैनात करेगा, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डेनमार्क के अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र पर कब्जा करने के कदम से तनाव बढ़ रहा है.नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने कहा कि एयरक्राफ्ट बेस पर कई लंबे समय से प्लान किए गए कामों में मदद के लिए आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ कोऑर्डिनेशन में की गई है.नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,'नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) के एयरक्राफ्ट जल्द ही ग्रीनलैंड के पिटफिक स्पेस बेस पर पहुंचेंगे. कॉन्टिनेंटल यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा के बेस से ऑपरेट होने वाले एयरक्राफ्ट के साथ, वे अमेरिका और कनाडा के साथ-साथ डेनमार्क की राजधानी के बीच लंबे समय से चल रहे डिफेंस कोऑपरेशन को आगे बढ़ाते हुए इसकी (NORAD) कई लंबे समय से प्लान की गई एक्टिविटीज को सपोर्ट करेंगे.उन्होंने आगे कहा, 'इस गतिविधि को डेनमार्क की राजधानी के साथ कोऑर्डिनेट किया गया है और सभी सहायक बल जरूरी राजनयिक मंजूरी के साथ काम कर रहा है. ग्रीनलैंड सरकार को भी प्लान की गई गतिविधि के बारे में बताया गया है.' नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड नियमित रूप से नॉर्थ अमेरिका की रक्षा के लिए लगातार ऑपरेशन करता है, जो नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के एक या तीनों इलाकों (अलास्का, कनाडा और कॉन्टिनेंटल अमेरिका) के जरिए होता है.अमेरिका का यह कदम डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकियों को लेकर वॉशिंगटन के साथ तनाव के बीच डेनिश सेनाओं के नेतृत्व में एक मल्टीनेशनल मिलिट्री एक्सरसाइज के बाद आया है. जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड्स और फिनलैंड ने आर्कटिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए ग्रीनलैंड में थोड़ी संख्या में मिलिट्री के लोग भेजे हैं. डेनमार्क ने अमेरिका को भी मिलिट्री एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए बुलाया था.इस बीच डेनमार्क का इलाका हासिल करने की अपनी कोशिश को और मजबूत करते हुए ट्रंप ने डेनमार्क और ब्रिटने समेत दूसरे यूरोपियन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, अगर वे ग्रीनलैंड बेचने के लिए राजी नहीं हुए. अपने पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, और इस इलाके में चीन और रूस की दिलचस्पी का जिक्र किया.उन्होंने यूरोपियन देशों के साथ बातचीत करने का ऑफर दिया, लेकिन अगर डील नहीं हुई तो 1 फरवरी, 2026 से 10 परसेंट और 1 जून, 2026 से 25 परसेंट टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी, और कहा कि सालों के अमेरिकी समर्थन के बाद अब "डेनमार्क के लिए वापस देने का समय आ गया है.'