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क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर साइबर ठगी, जामताड़ा में एक आरोपी गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Sat 05th Sep 2026, 12:37 pm
क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर साइबर ठगी, जामताड़ा में एक आरोपी गिरफ्तार जामताड़ा: क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड जारी कराने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना की टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के भेलवाटांड़ गांव स्थित पोखर के पास छापेमारी की। यहां से पुलिस ने साइबर अपराध के आरोपी महताब अंसारी (27) को गिरफ्तार किया। बांस की झाड़ियों में छिपा था आरोपी पुलिस के मुताबिक, सकलपुर से बरमुण्डी जाने वाले रास्ते में भेलवाटांड़ स्थित पोखर के पास ट्रांसफार्मर पोल के नजदीक बांस की झाड़ियों में एक साइबर अपराधी के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और महताब अंसारी को पकड़ लिया। आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बरमुण्डी गांव निवासी स्वर्गीय मुख्तार अंसारी का पुत्र बताया गया है। APK फाइल डाउनलोड करवाकर हासिल करते थे जानकारी पुलिस की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपियों द्वारा लोगों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड जारी कराने की बात कहकर फोन किया जाता था। इसके बाद उन्हें झांसे में लेकर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस फाइल के जरिए आरोपियों द्वारा क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी। साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक या क्रेडिट कार्ड बंद होने अथवा नया कार्ड जारी कराने के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK या कोई संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड न करें और अपनी बैंकिंग या कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

गढ़वा में गलत इंजेक्शन से 17 वर्षीय किशोर की मौत, अवैध दवा दुकान सील

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Aug 2026, 12:28 pm
गढ़वा में गलत इंजेक्शन से 17 वर्षीय किशोर की मौत, अवैध दवा दुकान सील गढ़वा। बरडीहा थाना क्षेत्र के बरडीहा बाजार में एक 17 वर्षीय किशोर की इलाज के दौरान मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आरोप है कि बिना लाइसेंस संचालित प्रज्ञा ड्रग स्टोर में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए जाने के बाद किशोर की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट रांची मुख्यालय को भी भेजी गई है। घटना के बाद अधिकारियों ने दुकान पर छापेमारी की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं बरामद होने के साथ मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाला बेड और ग्लूकोज चढ़ाने का स्टैंड भी मिला। प्रशासन ने दुकान को तत्काल सील कर दिया है। ननिहाल आया था किशोर विशुनपुरा गांव निवासी गणेश पाल का 17 वर्षीय पुत्र अनोज कुमार पाल सोमवार को अपनी मां के साथ जीका गांव स्थित ननिहाल आया था। इसी दौरान उसकी तबीयत खराब हुई और उसे बुखार हो गया। इसके बाद उसका मामा दिनेश पाल उसे इलाज के लिए बरडीहा बाजार स्थित प्रज्ञा ड्रग स्टोर ले गया। परिजनों के अनुसार, दुकान संचालक नरेश प्रसाद के पुत्र शशि प्रसाद ने किशोर का इलाज किया। इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी हालत मृतक के मामा दिनेश पाल ने आरोप लगाया कि शशि प्रसाद ने अनोज को सीधे नस में इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों ने कथित तौर पर इसका विरोध करते हुए इंजेक्शन दूसरी जगह लगाने की बात कही, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद अनोज बेहोश हो गया और उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रारंभिक आशंका है कि गलत तरीके से इंजेक्शन दिए जाने से उसकी स्थिति गंभीर हुई। हालांकि, मौत की सटीक चिकित्सीय वजह पोस्टमार्टम और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। छापेमारी में मिली एक्सपायरी दवाएं घटना की जानकारी मिलने के बाद मझिआंव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. गोविंद प्रसाद सेठ और बरडीहा प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दुकान की तलाशी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। इसके अलावा दुकान के अंदर मरीजों के लिए बेड और ग्लूकोज चढ़ाने का स्टैंड भी पाया गया। आरोप है कि दुकान में दवा बिक्री के अलावा मरीजों का इलाज भी किया जा रहा था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पूरे स्टोर को सील कर दिया है। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी रिपोर्ट रांची मुख्यालय भेजी गई है। अब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की जांच के आधार पर यह तय होगा कि दुकान का संचालन किन नियमों के उल्लंघन में किया जा रहा था और किशोर की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। प्रशासन की इस कार्रवाई ने ग्रामीण इलाकों में बिना लाइसेंस दवा दुकान चलाकर इलाज करने वाले लोगों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि बिना प्रशिक्षित चिकित्सकीय निगरानी के इंजेक्शन और दवाओं का इस्तेमाल लोगों की जान के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है

रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई: NDPS मामले का फरार आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, चोरी गैंग का भी भंडाफोड़

News Pratyaksh | Updated : Fri 21st Aug 2026, 12:41 pm
रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई: NDPS मामले का फरार आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, चोरी गैंग का भी भंडाफोड़ रांची पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। एक ओर धुर्वा थाना के चर्चित NDPS मामले में तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, वहीं दूसरी ओर अरगोड़ा थाना पुलिस ने चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लाखों रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया। 3 साल से फरार NDPS आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार धुर्वा थाना कांड संख्या 116/23 (NDPS Act की धारा 17(b)/18/22/25/29) में फरार चल रहे आरोपी अमित (पिता महेंद्र सिंह) को दिल्ली के रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, अप्रैल 2023 में संयुक्त अभियान के दौरान 492 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर अमित का नाम सामने आया था, जिसके बाद वह फरार हो गया था। हाल ही में दिल्ली क्राइम ब्रांच NR-II से सूचना मिलने पर रांची पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और 18 अगस्त 2026 को रोहिणी के मधुबन चौक के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली की अदालत में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उसे रांची लाया गया। मुख्य बिंदु मामला: धुर्वा थाना कांड संख्या 116/23 बरामदगी: 492 ग्राम अफीम आरोपी: अमित, निवासी केसरसेती, सांपला, रोहतक (हरियाणा) कार्रवाई: दिल्ली क्राइम ब्रांच और रांची पुलिस की संयुक्त टीम अरगोड़ा थाना पुलिस ने चोरी गैंग का किया खुलासा अरगोड़ा थाना कांड संख्या 221/26 में पुलिस ने चोरी करने वाले गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर एक मकान में छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामद सामान ₹11,38,500 नकद लोहे के 169 सरिया/सेंटरिंग सामग्री चांदी जैसे धातु के 5 पायल एक सैमसंग मॉनिटर एक की-बोर्ड एक मिक्सर मशीन करीब 100 किलो एल्यूमिनियम केबल और तार दो खाली गैस सिलेंडर पीतल की थाली दो मोटरसाइकिल भी जब्त गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश बिहार के सीतामढ़ी और रांची के निवासी बताए गए हैं। छापेमारी टीम

दिल्ली जल बोर्ड केस में बड़ा अपडेट, सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपी राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश

News Pratyaksh | Updated : Wed 19th Aug 2026, 12:51 pm
दिल्ली जल बोर्ड केस में बड़ा अपडेट, सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपी राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में ACB ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया है। ACB के अनुसार, सत्येंद्र जैन के अलावा उदित प्रकाश राय (IAS और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO), अंकित श्रीवास्तव (पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट), नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी अदालत में पेश किया गया है। इन सभी को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज FIR के तहत गिरफ्तार किया गया है। ACB ने यह FIR 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की थी। मामले में कथित भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और साजिश जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। अब अदालत में पेशी के बाद यह तय होगा कि आरोपियों की रिमांड और आगे की जांच को लेकर अदालत क्या आदेश देती है।

गोपालगंज में पुलिस पर बड़ा एक्शन, थानाध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Wed 19th Aug 2026, 12:50 pm
गोपालगंज में पुलिस पर बड़ा एक्शन, थानाध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाने वाले मामले में एसपी विनय तिवारी ने कड़ा एक्शन लिया है। भ्रष्टाचार, अवैध हिरासत और कथित तौर पर पैसे लेकर निर्दोष लोगों को छोड़ने के मामले में जादोपुर थानाध्यक्ष समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। 36 घंटे तक हिरासत में रखने का आरोप मामले के अनुसार, जादोपुर थाना पुलिस पर कुछ लोगों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखने का आरोप है। आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई और रिहाई के बदले कथित तौर पर पैसे की मांग की गई। प्रारंभिक पुलिस जांच में अलग-अलग लोगों से 50 हजार, 75 हजार और 55 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच के बाद जादोपुर थानाध्यक्ष समेत चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस अब पूरे मामले में कथित वसूली, हिरासत और संबंधित लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।

मधुकम जमीन विवाद में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, SLP खारिज

News Pratyaksh | Updated : Thu 13th Aug 2026, 12:03 pm
मधुकम जमीन विवाद में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, SLP खारिज रांची: मधुकम जमीन विवाद मामले में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। उनकी ओर से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जमीन की खरीद-बिक्री और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को कथित रूप से छिपाए जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की। जमीन बेचने के बाद कब्जा दिलाने के लिए अदालत का सहारा लेने पर सवाल सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले प्रभावित लोगों से ₹1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये लेकर जमीन बेची गई और बाद में कब्जा दिलाने के लिए अदालत का सहारा लिया गया। अदालत ने मामले को संभावित जालसाजी से जोड़ते हुए सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि याचिका पर आगे सुनवाई कराई गई तो ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद महादेव उरांव की ओर से SLP वापस लेने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। झारखंड हाईकोर्ट भी लगा चुका है जुर्माना इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने भी महादेव उरांव पर ₹12 लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही 12 प्रभावित लोगों को ₹1-₹1 लाख देने का निर्देश दिया गया था। 38.25 डिसमिल जमीन और 12 घरों का मामला यह पूरा विवाद करीब 38.25 डिसमिल जमीन और 12 घरों से जुड़ा है। इन घरों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और SLP खारिज होने के बाद अब प्रभावित परिवारों के भविष्य तथा विवादित जमीन पर आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर सबकी नजर बनी हुई है।
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