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आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई: कार्यपालक अभियंता के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, करोड़ों की संपत्ति की जांच

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Jul 2026, 12:11 pm
आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई: कार्यपालक अभियंता के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, करोड़ों की संपत्ति की जांच बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लघु सिंचाई प्रमंडल, सासाराम (रोहतास) के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद गुरुवार सुबह यह कार्रवाई शुरू की गई। छापेमारी का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, विश्वस्त सूत्रों से मिली सूचना के सत्यापन के बाद 29 जुलाई 2026 को ईओयू थाना कांड संख्या-15/26 दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। ₹1.19 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि अरविंद कुमार चौधरी ने अपनी ज्ञात आय से 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 85.05 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई की गई। इन 6 ठिकानों पर चल रही है छापेमारी ईओयू की टीमों ने एक साथ निम्न स्थानों पर तलाशी शुरू की है: पटना (दानापुर) के आदमपुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 405 पटना के आशोपुर स्थित वीनस इम्पायर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 1301 मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल सासाराम स्थित लघु सिंचाई प्रमंडल कार्यालय डेहरी-ऑन-सोन स्थित सरकारी आवास बांका जिले के पीपराडीह गांव स्थित पैतृक मकान छापेमारी के दौरान दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, चल-अचल संपत्तियों के कागजात, निवेश से संबंधित अभिलेख और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। नकदी और आभूषण की भी जांच आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुईं थाना प्रभारी, ACB ट्रैप टीम की बड़ी कार्रवाई

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Jul 2026, 12:09 pm
₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुईं थाना प्रभारी, ACB ट्रैप टीम की बड़ी कार्रवाई झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची की ट्रैप टीम ने अहर्तू थाना, खूंटी की थाना प्रभारी पु०अ०नि० सपना सुलेखा को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 30 जुलाई 2026 को की गई। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शिकायतकर्ता श्याम कुमार ने ACB को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। आवेदन के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया और ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रामगढ़ में युवक की हत्या से सनसनी, दामोदर नदी रोड किनारे मिला खून से लथपथ शव

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jul 2026, 01:15 pm
रामगढ़ में युवक की हत्या से सनसनी, दामोदर नदी रोड किनारे मिला खून से लथपथ शव रामगढ़: जिले के न्यू बगिया स्थित दामोदर नदी रोड पर बुधवार सुबह एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान झंडा चौक, कुम्हार टोली निवासी सुमित अग्रवाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में मामला धारदार हथियार, संभवतः चाकू से हमला कर हत्या किए जाने का प्रतीत हो रहा है। जानकारी के अनुसार, सुमित अग्रवाल मंगलवार शाम करीब 7 बजे से लापता था। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिलने के कारण कोई सुराग नहीं मिल सका। बुधवार सुबह शव मिलने की सूचना के बाद परिवार और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी मुख्यालय अकरम रजा और रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं, फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाई जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मंगलवार शाम सुमित किन लोगों के संपर्क में था, वह न्यू बगिया-दामोदर नदी रोड की ओर किस उद्देश्य से गया था और घटना से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं। इसके लिए परिचितों से पूछताछ की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। डीएसपी मुख्यालय अकरम रजा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

JPSC सदस्य जमाल अहमद को हटाने की मांग तेज, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखा पत्र, ACB जांच की उठाई मां

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 12:01 pm
JPSC सदस्य जमाल अहमद को हटाने की मांग तेज, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखा पत्र, ACB जांच की उठाई मांग रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य जमाल अहमद को पद से हटाने और उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति की ACB से जांच कराने की मांग की है। 23 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि जमाल अहमद ने अपने पद का कथित दुरुपयोग कर बीते कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर चल और अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। उन्होंने दावा किया कि रांची में उनके पास हजारों वर्गफीट का आलीशान प्लॉट है और हजारीबाग समेत अन्य स्थानों पर भी संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जमाल अहमद की वर्ष 2008 में लेक्चरर पद पर हुई नियुक्ति की प्रक्रिया की कथित अनियमितताओं की जांच CBI द्वारा की जा रही है। ऐसे में जांच के दायरे में रहे व्यक्ति को JPSC जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य बनाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि युवाओं के हित और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जमाल अहमद को तत्काल पदमुक्त किया जाए तथा उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति की ACB से निष्पक्ष जांच कराई जाए। नोट: पत्र में लगाए गए आरोप राजनीतिक पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस दस्तावेज़ में उपलब्ध नहीं है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रातू थाना क्षेत्र के हिसरी गांव निवासी विकास महतो की पत्नी माधुरी कुमारी (30) की मौत

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 11:58 am
रातू थाना क्षेत्र के हिसरी गांव निवासी विकास महतो की पत्नी माधुरी कुमारी (30) की मौत के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को एनएच-75 स्थित काठीटांड़ चौक को जाम कर दिया।परिजनों का आरोप है कि माधुरी दहेज प्रताड़ना से परेशान थी, जिसके कारण उसने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी मृतिका के पति विकास महतो को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बावजूद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।जाम के कारण एनएच-75 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने में जुटी है।#RatuNews #JharkhandNews #RanchiNews #BreakingNews #NH75Jam #kathitandchowk #NEWSPRATYASKH

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

News Pratyaksh | Updated : Thu 23rd Jul 2026, 11:47 am
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर नई दिल्ली। मेघालय में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की कथित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की रिहाई से चल रहे ट्रायल में बाधा उत्पन्न हो सकती है। हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर जताई आपत्ति सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कथित कमियों के आधार पर राहत देकर गलती की। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के आधारों से जुड़े विवाद जांच को प्रभावित करने का आधार नहीं बन सकते। पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि आरोपी को गिरफ्तारी से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे। 'जमानत नियम है, लेकिन…' सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि "जमानत नियम है और जेल अपवाद", लेकिन इस मामले में पहले भी मेरिट के आधार पर जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं और ट्रायल शुरू हो चुका है। ऐसे में इस चरण पर आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा। 6 महीने में ट्रायल पूरा नहीं हुआ तो दोबारा जमानत का विकल्प अदालत ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल में पर्याप्त प्रगति नहीं होती या वह पूरा नहीं होता, तो सोनम रघुवंशी नई जमानत याचिका दाखिल कर सकती हैं। मेघालय सरकार ने दी थी चुनौती यह आदेश मेघालय सरकार की उस याचिका पर आया, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई राहत को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि घटना के बाद आरोपी फरार हो गई थी और सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक का शव 10 दिन बाद मिला था और उसकी पहचान टैटू के आधार पर हुई थी। #SupremeCourt #SonamRaghuvanshi #RajaRaghuvanshi #Meghalaya #CourtNews #BreakingNews #CrimeNews #IndiaNews https://www.newspratyaksh.com/ #LatestNews #Judiciary #newspratyaksh
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