विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर आयकर विभाग की देशव्यापी कार्रवाई
नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार, आयकर विभाग ने संदिग्ध विदेशी धन प्रेषण के मामलों की जांच के लिए देशभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम के डेटा विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जा रही है।
जांच में ऐसी कई कंपनियों और संस्थाओं की पहचान हुई है, जिनका घोषित कारोबार बेहद कम या शून्य है, लेकिन उन्होंने विदेशों में बड़ी रकम भेजी है। विभाग को इनके घोषित टर्नओवर और विदेश भेजे गए धन के बीच गंभीर असंगति मिली है।
फर्जी ट्रस्ट और शेल कंपनियों का नेटवर्क
CBDT के मुताबिक, फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों के खिलाफ तलाशी के दौरान कथित तौर पर एक नेटवर्क का पता चला। इन ट्रस्टों पर फर्जी दान के जरिए ‘अकोमोडेशन एंट्री’ तैयार करने और उस धन को विदेश भेजने का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं या बेहद मामूली टर्नओवर दिखा रही थीं, जबकि उनके जरिए विदेशों में भारी रकम भेजी गई।
कागजों पर दफ्तर, विदेशों में बड़ी रकम
जमीनी सत्यापन के दौरान कुछ कंपनियां अपने घोषित पते पर कारोबार करती हुई नहीं मिलीं। विदेश भेजे गए धन के लिए सॉफ्टवेयर आयात, माल ढुलाई और कंसल्टेंसी जैसी वजहें बताई गईं, लेकिन ये दावे उनकी वास्तविक वित्तीय स्थिति से मेल नहीं खाते पाए गए।
जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। विभाग के अनुसार, सीमित संख्या में पेशेवरों द्वारा बड़ी संख्या में Form 15CB प्रमाणपत्र जारी किए गए और विदेश भेजा गया पैसा कुछ चुनिंदा विदेशी समूहों के खातों तक पहुंचा।
आयकर विभाग अब इन लेनदेन की कड़ियों, कंपनियों की वास्तविक गतिविधियों, संबंधित ट्रस्टों और विदेश में रकम प्राप्त करने वाले पक्षों की विस्तृत जांच कर रहा है।