Fri, 31st Jul 2026संसद में झारखंड भाजपा सांसदों का मौन प्रदर्शन: JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार पर CBI जांच की मांग   Fri, 31st Jul 20262.20 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत तीन नक्सली 14 दिन की पुलिस रिमांड पर, NIA-IB करेंगी संयुक्त पूछताछ   Fri, 31st Jul 2026मिर्जापुर: द मूवी' का ट्रेलर 11 अगस्त को होगा रिलीज, 8 शहरों में प्रमोशनल रोड ट्रिप से बनेगा 'भौकाल'   Fri, 31st Jul 2026शादी के दबाव में युवती की हत्या का आरोप: शव ट्रॉली बैग में भरकर ओडिशा में फेंका, आरोपी ऑटो चालक गिरफ्तार   Thu, 30th Jul 2026तमिलनाडु में दल-बदल विवाद: AIADMK की याचिका पर सुनवाई 4 अगस्त तक टली, स्पीकर ने एडप्पादी पलानीस्वामी को किया तलब

News Pratyaksh


बिहार में 5 लोगों को आजीवन कारावास :

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jan 2025, 11:04 am

बिहार में 5 लोगों को आजीवन कारावास :
बिहार में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. मामला सुपौल का है. करीब दो वर्ष पूर्व नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड पार्षद प्रत्याशी रोहित कुमार मणि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मंगलवार (28 जनवरी) को अदालत ने अपना फैसला सुनाया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने इस हत्या में शामिल पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई. यह मामला त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 580/22 और सत्र वाद संख्या 256/23 से संबंधित है. यह पूरा मामला हत्याकांड से जुड़ा है. 17 दिसंबर 2022 को त्रिवेणीगंज नगर परिषद के वार्ड नंबर 18 से पार्षद पद के प्रत्याशी रोहित कुमार मणि पर उस समय गोली चलाई गई जब वs अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. गोली लगने के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इलाज के दौरान 23 जनवरी 2023 को उनकी मृत्यु हो गई थी.इस घटना को लेकर रोहित कुमार मणि की पत्नी निधि कुमारी ने शिकायत दर्ज कराई थी. वार्ड नंबर 18 निवासी चिंटू सिंह उर्फ राजकुमार सिंह, रोशन पोद्दार, दीपक कुमार, नरहा वार्ड नंबर 16 निवासी मु. उजेर आलम उर्फ गुड्डू खन्ना और धीरज कुमार पर आरोप लगाया था कि इन लोगों ने मिलकर उनके पति पर हमला किया है.
अब दोषी पाए जाने के बाद अदालत की ओर से सभी पांच दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. साथ ही, चिंटू सिंह को 27 आर्म्स एक्ट के तहत चार साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई. अर्थदंड नहीं देने पर उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अमर कुमार दास और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार झा व एकरामुल हक ने बहस की. अदालत ने सभी दोषियों को दी गई सजा एक साथ चलने का आदेश दिया.