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बिहार विश्वविद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा चल रहा कास्ट वार

News Pratyaksh | Updated : Sat 05th Apr 2025, 09:33 am

बिहार विश्वविद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा चल रहा कास्ट वार
बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने अपने ऊपर लगे जातिवाद के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता रजनीश कुमार किसी राजनीति से प्रेरित होकर राज भवन में राज्यपाल को पत्र लिखे थे। उनके पत्र लिखने के पहले से वो बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे। अभी स्वस्थ होकर आए हैं तो उन्हें इसकी जानकारी मिली है। कहीं भी कम्प्लेन करने का एक नियम-कानून है लेकिन कोई भी इसे मानता नहीं है। पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय स्थित गेस्ट हाउस में कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने सफाई दी। इस दौरान विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारी और सीनेट के सदस्य भी उपस्थित रहे। कुलपति ने बताया कि उनके जॉइनिंग से पहले विश्वविद्यालय में अधिकारियों की जाति के आधार पर जो स्थिति थी, अभी भी वैसा ही है। कुलपति ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए जाति के हिसाब से विश्वविद्यालय में तैनात अधिकारियों का आंकड़ा बताया। कुलपति ने बताया कि मेरी जॉइनिंग से पहले कायस्थ जाति के दो अधिकारी थे, जो अब तीन हो गए हैं। ब्राह्मण दो थे जो अब पांच हो गए हैं। मुस्लिम जीरो थे लेकिन अब दो हैं। बंगाली एक थे अभी भी एक है। एससी जाति के दो थे अब तीन हैं। ओबीसी के 18 थे अब 23 हैं। मैं भूमिहार जाति से आता हूं मेरा जॉइनिंग से पहले भूमिहार जाति के छह अधिकारी थे अभी भी 6 हैं। अगर आप आंकड़ा देखेंगे तो इस हिसाब से मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और बेतुका है।