जिला के कई इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक चरम पर पहुंच गया है. शनिवार को बालूमाथ थाना क्षेत्र के मारंगलोइया गांव के पास जंगल में महुआ चुनने गई महिलाओं पर जंगली हाथियों के झुंड में से एक हाथी ने हमला कर दिया.इस घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है. महिला के पेट में गंभीर चोट लगी है. हालांकि अन्य महिलाएं किसी प्रकार अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहीं. घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मामले की छानबीन में जुट गई है.दरअसल बालूमाथ थाना क्षेत्र के मारंगलोइया गांव के पास स्थित जंगल में लगभग 17-18 की संख्या में जंगली हाथियों का जमावड़ा लगा हुआ है. इसी बीच शनिवार की सुबह गांव की महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल में गईं. महिलाएं तथा अन्य लोग अलग-अलग पेड़ों के पास महुआ चुन रहे थे. इसी दौरान जंगली हाथियों का झुंड वहां आ पहुंचा. इन हाथियों में से एक हाथी ने महुआ चुन रही महिला सुनीता देवी पर हमला कर दिया और उसे सूंड में लपेटकर काफी दूर फेंक दिया.इस घटना में महिला को गंभीर चोट आई. हालांकि महिला ने हिम्मत का परिचय देते हुए पेड़ की ओट में छिपकर अपनी जान बचाई. इधर हाथियों को अचानक आया देख महुआ चुन रही अन्य महिलाएं हल्ला मचाते हुए वहां से भागी. महिलाओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग भी वहां पहुंचे और शोर मचाने लगे. जिससे जंगली हाथी जंगल में घुस गए. बाद में स्थानीय ग्रामीणों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया. जहां महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत रिम्स रेफर कर दिया.इस घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएफओ प्रवेश अग्रवाल के निर्देश पर वन विभाग की टीम घटनास्थल का मुआयना किया. वहीं घायल महिला से मिलने अस्पताल भी पहुंचे. विभाग के द्वारा घायल महिला के इलाज के लिए उचित मुआवजा भी दिए जाने की बात कही गई. इस संबंध में रेंजर नंदकुमार महतो ने बताया कि महिला सुबह में महुआ चुनने गई थी. जहां हाथी के हमले में वह घायल हो गई हैं. महिला को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है. विभाग के द्वारा तत्काल घायल के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गई है. बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों को इस इलाके से दूर भगाने के लिए भी विभाग के द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है.रेंजर ने ग्रामीणों से अपील किया है कि जंगलों में सूर्योदय के बाद ही जाएं. उन्होंने कहा है कि अनावश्यक रूप से जंगल में जाने से बचे. यदि महुआ चुनने जाना है तो समूह बनाकर ग्रामीण एक साथ सूर्योदय होने के बाद जंगल में जाएं और शाम 5:00 से पहले वापस लौट आए. उन्होंने कहा कि देर शाम से लेकर अहले सुबह तक जंगली जानवर ज्यादा आक्रामक होते हैं. इस दौरान जंगल में जाना खतरनाक हो सकता है.
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