ओरेकल के शानदार तिमाही नतीजों के बाद दुनिया के सबसे अमीर इंसान बने :
News Pratyaksh | Updated : Thu 11th Sep 2025, 07:55 am
दुनिया के अरबपतियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. लंबे समय तक दुनिया के नंबर-1 अमीर रहे एलन मस्क अब पीछे रह गए हैं और ओरेकल कॉर्पोरेशन के को-फाउंडर लैरी एलिसन दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. 81 साल के टेक टॉयकून एलिसन की संपत्ति में एक ही दिन में 101 अरब डॉलर का जबरदस्त उछाल आया, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ 393 अरब डॉलर तक पहुँच गई. वहीं, एलन मस्क की नेटवर्थ इस समय 385 अरब डॉलर दर्ज की गई.इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण ओरेकल के तिमाही नतीजे हैं. कंपनी ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया और इसके शेयरों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली. नतीजों के बाद लैरी एलिसन की नेटवर्थ में भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे उन्होंने ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स में टॉप पोजिशन हासिल कर ली.ओरेकल के शेयरों में इस साल अब तक 45% से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. बुधवार को शेयर में 41% का उछाल आया और इसका भाव 328.33 डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले कारोबारी दिन एलिसन का शेयर 241.63 डॉलर पर बंद हुआ था. बुधवार को यह शेयर 319.19 डॉलर पर खुला और तेजी पकड़ते हुए 345.72 डॉलर तक पहुँच गया. इस तेजी ने एलिसन को दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के तौर पर स्थापित कर दिया.एलन मस्क, जो टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ हैं, पहली बार 2021 में दुनिया के नंबर-1 अमीर बने थे. इसके बाद उनका स्थान कुछ समय के लिए अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस और एलवीएमएच के चेयरमैन बर्नार्ड अरनॉल्ट के हाथों गया. पिछले साल फिर संपत्ति में उछाल के कारण मस्क नंबर-1 पायदान पर लौटे थे. लेकिन इस साल टेस्ला के शेयरों में 13% तक गिरावट के कारण उनकी नेटवर्थ पर असर पड़ा और वे दूसरे स्थान पर आ गए.81 वर्षीय लैरी एलिसन इस उम्र में भी ओरेकल के चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के रूप में काम कर रहे हैं. उनकी अधिकांश संपत्ति उनकी कंपनी से होने वाली कमाई और स्टॉक्स से आती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि एलिसन की बढ़ती संपत्ति और मस्क की गिरती नेटवर्थ ने अरबपतियों की लिस्ट में नया संतुलन बना दिया है.ओरेकल के शेयर की तेजी और कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है. विश्लेषक मानते हैं कि भविष्य में अरबपतियों की रैंकिंग में और बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि टेक उद्योग में संपत्ति में तेजी से बदलाव संभव है. इस ऐतिहासिक बदलाव ने यह साबित कर दिया कि अरबपतियों की दुनिया में स्थिति कभी भी पलट सकती है और नई कंपनियों के प्रदर्शन से बड़े बदलाव संभव हैं.