हम जब भी ब्रह्मांड के बारे में सोचते हैं तो हमारे मन में कई बार ऐसा सवाल आता है कि क्या पृथ्वी के अलावा किसी भी अन्य ग्रह पर जीवन संभव है या कभी जीवन था
News Pratyaksh | Updated : Thu 11th Sep 2025, 09:31 am
हम जब भी ब्रह्मांड के बारे में सोचते हैं तो हमारे मन में कई बार ऐसा सवाल आता है कि क्या पृथ्वी के अलावा किसी भी अन्य ग्रह पर जीवन संभव है या कभी जीवन था. दुनिया भर के वैज्ञानिक कई सालों से इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में नासा को एक खोज की है, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि शायद मंगल ग्रह पर भी कभी जीवन हुआ करता था. आइए हम आपको नासा की इस नई खोज की डिटेल्स बताते हैं.दरअसल, नासा के रोवर Perseverance ने इस सवाल का जवाब खोजने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है कि क्या मंगल ग्रह पर कभी जीवन था. नासा के इस रोवर ने मंगल ग्रह पर एक ऐसी चट्टान को ढूंढा है, जिसमें जीवन के पुराने संकेत या सबूत छिपे हो सकते हैं.नासा के परसेवेरेंस रोवर को जुलाई 2024 में मंगल ग्रह के “Bright Angel Formation” नाम के इलाके में यह चट्टान मिली थी. यह जगह एक पुरानी नदी की घाटी में हैं, जहां कभी बहुत तेजी से पानी बहा करता था. इस चट्टान का आकार लगभग 3 फीट लंबा और 2 फीट चौड़ा है. इसमें कुछ रंग-बिरंगे स्पॉट्स भी दिखाई दिए हैं, जो दिखने में चीता जैसी खाल (Leopard Spots) जैसे हैं. इन्हीं धब्बों में कुछ खास तरह के खनिज (minerals) भी पाए गए हैं. जैसे:
विवियनाइट (Vivianite) – यह पृथ्वी पर दलदली इलाकों या सड़ी हुई चीज़ों के पास पाया जाता है.
ग्रेगाइट (Greigite) – ग्रेगाइट को पृथ्वी पर कुछ खास तरह के बैक्टीरिया बनाते हैं.
इन खनिजों का एक साथ पाया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि मंगल ग्रह पर शायद कभी जीवन होगा या जीवन की कोई प्रक्रिया होगी.अब आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि नासा के रोवर को जो संकेत मिले हैं, क्या वो किसी ग्रह पर बिना जीवन के भी मिल सकते हैं. इसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सब कुछ गैर-जैविक (non-biological) प्रक्रियाओं से भी बन सकता है, जैसे तेज़ गर्मी या अम्लीय माहौल में इन चीजों का निर्माण हो सकता हैं. हालांकि, नासा को मंगल ग्रह के जिस इलाके ये सबूत मिले हैं, वहां किसी कठोर वातावरण के सबूत नहीं मिले हैं.इसका मतलब है कि अगर मंगल ग्रह के इन क्षेत्रों में कभी माइक्रोब्स थे, तो उन्होंने इन तत्वों का इस्तेमाल करके एनर्जी बनाई होगी. पृथ्वी पर भी माइक्रोब्स इसी प्रोसेस को फॉलो करते हैं. इसी कारण से वैज्ञानिक इन सबूतों को मंगल ग्रह पर जीवन होने का अभी तक का सबसे मजबूत संकेत मान रहे हैं.