कतर के प्रधानमंत्री ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से "दोहरे मानदंडों" को खारिज करने और इजराइल को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया. यह बात उन्होंने दोहा में हमास सदस्यों पर अभूतपूर्व इजराइली हमले के जवाब में बुलाई गई एक आपातकालीन शिखर बैठक की पूर्व संध्या पर कही.अमेरिका के एक सहयोगी द्वारा दूसरे देश की धरती पर किए गए इस घातक हमले ने आलोचनाओं की लहर पैदा कर दी. इसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार भी शामिल है, जिन्होंने समर्थन जताने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो को इजराइल भेजा.सोमवार को अरब और इस्लामी नेताओं की आपातकालीन बैठक खाड़ी देशों के बीच एकता का एक स्पष्ट प्रदर्शन होगी और इजराइल पर और दबाव बनाने की कोशिश करेगी, जो पहले से ही गाजा में युद्ध और मानवीय संकट को समाप्त करने के लिए बढ़ती मांगों का सामना कर रहा है.कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने रविवार को एक तैयारी बैठक में कहा, "समय आ गया है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय दोहरे मापदंड अपनाना बंद करे और इजराइल को उसके द्वारा किए गए सभी अपराधों के लिए दंडित करे." उन्होंने आगे कहा कि गाजा में इजराइल का "विनाश का युद्ध" सफल नहीं होगा."इजराइल को जारी रखने के लिए जो चीज प्रोत्साहित कर रही है... वह है उसकी चुप्पी, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की उसे जवाबदेह ठहराने में असमर्थता." सोमवार के शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के शामिल होने की उम्मीद है. फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास रविवार को दोहा पहुंचे.यह देखना बाकी है कि सऊदी अरब के वास्तविक शासक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं, हालांकि उन्होंने इस हफ़्ते की शुरुआत में पड़ोसी देशों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए कतर का दौरा किया था.तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने रविवार को अल जजीरा को बताया कि इज़राइल के व्यवहार का सवाल "अब सिर्फ़ फिलिस्तीन-इजराइल का मुद्दा नहीं रह गया है." उन्होंने कहा, "इस समय सबसे बड़ी समस्या इस क्षेत्र में इजराइली विस्तारवाद है. अरब और इस्लामी देशों को एक साथ आकर इस नई समस्या का समाधान निकालना होगा."हार्वर्ड के मिडिल ईस्ट इनिशिएटिव की फेलो एल्हम फाखरो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खाड़ी देश "इस शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल वाशिंगटन से इजराइल पर लगाम लगाने का आह्वान करने के लिए करेंगे."न्होने आगे कहा, "वे इस आधार पर अमेरिका से और मजबूत सुरक्षा गारंटी की भी मांग करेंगे कि इजराइल की कार्रवाइयां मौजूदा आश्वासनों की अपर्याप्तता को उजागर करती हैं और एक सुरक्षा साझेदार के रूप में अमेरिका की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं."पेरिस के साइंसेज पो विश्वविद्यालय के मध्य पूर्व के व्याख्याता करीम बितार ने इस सम्मेलन को अरब और मुस्लिम नेताओं के लिए एक "लिटमस टेस्ट" बताया और कहा कि उनके कई समर्थक "पुरानी शैली की विज्ञप्तियों से तंग आ चुके हैं."उन्होंने कहा, "आज वे यही उम्मीद कर रहे हैं कि ये देश... न केवल इजराइल को, बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका को भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत दें कि अब समय आ गया है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इजराइल को यह खाली चेक देना बंद करे."क़तर इस क्षेत्र में सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे की मेज़बानी करता है, और इज़राइल-हमास युद्ध में संयुक्त राज्य अमेरिका और मिस्र के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण मध्यस्थता की भूमिका निभाता है. शेख मोहम्मद ने शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ रात्रिभोज किया.कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी के अनुसार, सोमवार की बैठक में "कतर राज्य पर इज़राइली हमले पर एक मसौदा प्रस्ताव" पर विचार किया जाएगा.

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