केरल के एर्नाकुलम के सांसद हिबी एडेन ने कहा है कि एर्नाकुलम के पल्लुरुथी स्थित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल में हिजाब से जुड़े विवाद को खत्म करने के लिए एक समझौता हो गया है.
News Pratyaksh | Updated : Wed 15th Oct 2025, 11:28 am
केरल के एर्नाकुलम के सांसद हिबी एडेन ने कहा है कि एर्नाकुलम के पल्लुरुथी स्थित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल में हिजाब से जुड़े विवाद को खत्म करने के लिए एक समझौता हो गया है. इस स्कूल में आठवीं कक्षा की एक छात्रा को कथित तौर पर हिजाब पहनने के कारण कक्षा से बाहर कर दिया गया था. एर्नाकुलम के सांसद हिबी एडेन, डीसीसी अध्यक्ष मोहम्मद शियास और छात्रा के अभिभावकों के बीच स्कूल परिसर में हुई एक बैठक के बाद यह समझौता हुआ.चर्चा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद हिबी ईडन ने पुष्टि की कि सभी इस बात पर सहमत हो गए हैं कि बच्ची को स्कूल की नीतियों के अनुसार अपनी शिक्षा जारी रखने की अनुमति दी जाए. हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतीकरण न करने की चेतावनी दी और आरएसएस और भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया.ईडन ने कहा, "सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है. किसी भी ताकत को इस देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को नष्ट करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. केरल में कुछ लोग सुबह-सुबह अपने घरों से निकल पड़ते हैं और समाज में विभाजन पैदा करने के लिए जगह तलाशते हैं."
सांसद ने उन लोगों की आलोचना की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक तनाव भड़काने के लिए छिटपुट घटनाओं का फायदा उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, "ये वही लोग हैं, जो धार्मिक मतभेद पैदा करने और उससे राजनीतिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं. केरल में इसका किसी भी हालत में कोई महत्व नहीं है."ईडन ने इस बात पर जोर दिया कि पल्लुरुथी अपने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाना जाता है, और पिता के इस फैसले को केरल की धर्मनिरपेक्षता की पुष्टि बताते हुए कहा, "पल्लुरुथी एक ऐसी जगह है, जहां सभी जातियां और धार्मिक समूह एकता के साथ आगे बढ़ते हैं. बच्ची के पिता अनस ने खुद आगे आकर कहा है कि वह अपनी बेटी को स्कूल के नियमों और विनियमों के अनुसार यहां पढ़ा सकते हैं. यह धर्मनिरपेक्षता का संदेश है." उन्होंने इस मुद्दे को तूल देने में सोशल मीडिया की भूमिका की भी निंदा की.ईडन ने कहा, "कई लोग सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. मेरे खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अभियान चलाने में कुछ भी ग़लत नहीं है और मैं इससे निपटूंगा. समुदाय को बांटने की कोशिश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती." सांसद ने कथित तौर पर दखलअंदाजी करने की कोशिश कर रहे बाहरी तत्वों को भी कड़ी चेतावनी दी, "हम इसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे. अगर कुछ लोग बाहर से आकर यहाँ हालात बिगाड़ने की धमकी देते हैं, तो हमें इसे अपने हाथ में लेना होगा."उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन और लड़की के परिवार ने आगे कोई भी संवेदनशील या भड़काऊ बयान जारी न करने पर सहमति जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह राजनीतिक लाभ के लिए छिटपुट घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, "छिटपुट घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की जा रही है. कुछ संगठन सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें पोस्ट करके यह भ्रम फैला रहे हैं कि वे ही इस सब को हवा दे रहे हैं. वे इस घटना को मुस्लिम-ईसाई संघर्ष के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं