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झारखंड के रांची जिले के हरदाग की रहने वाली 26 वर्षीय नीतू कुमारी महतो ने जापान के काकामिगाहारा में आयोजित अंडर-18 (U-18) महिला एशिया कप में अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में अपनी शानदार पहचान बनाई है।

News Pratyaksh | Updated : Thu 11th Jun 2026, 01:23 pm
झारखंड के रांची जिले के हरदाग की रहने वाली 26 वर्षीय नीतू कुमारी महतो ने जापान के काकामिगाहारा में आयोजित अंडर-18 (U-18) महिला एशिया कप में अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में अपनी शानदार पहचान बनाई है। यह टूर्नामेंट 29 मई से 6 जून तक आयोजित किया गया था。नीतू कुमारी के बारे में कुछ मुख्य और उल्लेखनीय बिंदु निम्नलिखित हैं:ऐतिहासिक उपलब्धि: यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय नियुक्ति थी और इसके साथ ही वह झारखंड की दूसरी महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बन गई हैं。हॉकी की पारिवारिक पृष्ठभूमि: नीतू का पूरा परिवार हॉकी से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनकी माता, दुलारी टोपनो, खुद एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी और वर्तमान में एक कोच हैं。 उनकी बहनें (कंचन और रानी) तथा छोटा भाई भी हॉकी खेलते हैं。स्वयं एक खिलाड़ी: अंपायरिंग में कदम रखने से पहले, नीतू ने अंडर-14 और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड का प्रतिनिधित्व भी किया है。अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर: उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग करियर की शुरुआत वरिष्ठों के मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय मैचों के यूट्यूब वीडियो देखकर बारीकियों (पोजिशनिंग, बॉडी लैंग्वेज) को समझकर की है