मधुकम जमीन विवाद में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, SLP खारिज
रांची: मधुकम जमीन विवाद मामले में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। उनकी ओर से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जमीन की खरीद-बिक्री और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को कथित रूप से छिपाए जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की।
जमीन बेचने के बाद कब्जा दिलाने के लिए अदालत का सहारा लेने पर सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले प्रभावित लोगों से ₹1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये लेकर जमीन बेची गई और बाद में कब्जा दिलाने के लिए अदालत का सहारा लिया गया। अदालत ने मामले को संभावित जालसाजी से जोड़ते हुए सख्त टिप्पणी की।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि याचिका पर आगे सुनवाई कराई गई तो ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद महादेव उरांव की ओर से SLP वापस लेने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट भी लगा चुका है जुर्माना
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने भी महादेव उरांव पर ₹12 लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही 12 प्रभावित लोगों को ₹1-₹1 लाख देने का निर्देश दिया गया था।
38.25 डिसमिल जमीन और 12 घरों का मामला
यह पूरा विवाद करीब 38.25 डिसमिल जमीन और 12 घरों से जुड़ा है। इन घरों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और SLP खारिज होने के बाद अब प्रभावित परिवारों के भविष्य तथा विवादित जमीन पर आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर सबकी नजर बनी हुई है।