देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए इस समय सबसे बड़ी चर्चा '8वें वेतन आयोग' और 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) को लेकर चल रही है. नवंबर 2025 में शुरू हुई इस आयोग की प्रक्रिया को अब 6 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है. पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश
News Pratyaksh | Updated : Sat 06th Jun 2026, 12:34 pm
देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए इस समय सबसे बड़ी चर्चा '8वें वेतन आयोग' और 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) को लेकर चल रही है. नवंबर 2025 में शुरू हुई इस आयोग की प्रक्रिया को अब 6 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है. पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बना यह आयोग बहुत जल्द अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है. इस फैसले का सीधा असर देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा रिटायर्ड पेंशनर्स पर पड़ेगा, जिनमें सेना के जवान और उनके परिवार भी शामिल हैं.पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों की सैलरी से कोई पैसा नहीं काटा जाता था, इसका पूरा खर्च सरकार खुद उठाती थी.
इसके उलट, साल 2004 से लागू हुई नई पेंशन योजना (NPS) में कर्मचारियों की सैलरी से 10% पैसा कटता है. यह पैसा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगाया जाता है. क्योंकि बाजार का कोई भरोसा नहीं होता, इसलिए इसमें पेंशन भी तय नहीं होती. कर्मचारी संगठनों का दावा है कि कुछ मामलों में तो रिटायर्ड कर्मचारियों को हर महीने मात्र ₹200 से ₹2,000 की पेंशन मिल रही है, जिससे इस महंगाई के दौर में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी नामुमकिन है