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₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले पर BJP का बड़ा हमला, 'सरकार बड़े अफसरों को बचा रही है'

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:56 am
₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले पर BJP का बड़ा हमला, 'सरकार बड़े अफसरों को बचा रही है' रांची: झारखंड में कथित ₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार घोटाले में शामिल अपने चहेते वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि पिछले कुछ वर्षों के लगभग ₹10,000 करोड़ सरकारी धन का हिसाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जांच के लिए गठित SIT में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया, जिनके कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों में ट्रेजरी घोटाले के मामले सामने आए थे। भाजपा का दावा है कि हजारीबाग और बोकारो जैसे जिलों में घोटाले की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है, जबकि बड़े अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने चारा घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में भी ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका अदालतों ने स्वीकार की थी। पार्टी ने झारखंड वित्त नियमावली और कोषागार संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी धन के भुगतान में DDO और ट्रेजरी अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय है और किसी भी संदिग्ध भुगतान की जांच करना उनका दायित्व है। फिलहाल यह आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रांची में JPSC परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह, अभ्यर्थियों ने CBI जांच की उठाई मांग

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:54 am
रांची में JPSC परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह, अभ्यर्थियों ने CBI जांच की उठाई मांग रांची: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलन की तर्ज पर अब झारखंड की राजधानी रांची में भी जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू हो गया है। मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा सहित आयोग द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अभ्यर्थियों ने सत्याग्रह शुरू किया है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य गठन के बाद JPSC और JSSC द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि केवल 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा ही नहीं, बल्कि अब तक आयोजित सभी JPSC और JSSC परीक्षाओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। फिलहाल, अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रखने की बात कही है।

कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके को हुआ टाइफाइड 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP)

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 11:56 am
कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके को हुआ टाइफाइड 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश के जरिए जानकारी दी है कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। टेस्ट के बाद टाइफाइड की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनका IV यानी इंट्रावीनस दवाओं के जरिए इलाज चल रहा है। वीडियो में दिपके ने कहा कि टाइफाइड के कारण उन्हें तेज बुखार के साथ शरीर में कई अन्य लक्षण भी महसूस हो रहे हैं। टाइफाइड कैसे फैलता है?क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, टाइफाइड मुख्य रूप से गंदे पानी, दूषित भोजन और संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आने से फैलता है। ये बैक्टीरिया संक्रमित व्यक्ति की आंतों में रहते हैं और गॉलब्लैडर में भी बिना लक्षण के मौजूद रह सकते हैं। इसका मतलब है कि ठीक होने के बाद भी व्यक्ति दूसरों को संक्रमण फैला सकता है।टाइफाइड आमतौर पर इन कारणों से फैलता है:टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति द्वारा बिना हाथ धोए खाने-पीने की चीजों को छूनामल या गंदगी से दूषित पानी का पीने या खाने में इस्तेमाल होना संक्रमित व्यक्ति द्वारा टॉयलेट के बाद हाथ न धोना और फिर फोन, दरवाजे का हैंडल जैसी चीजों को छूना, जिससे बैक्टीरिया दूसरों तक पहुंच जाते हैं#AbhijeetDipke #CockroachJantaParty #CJP #Typhoid #HealthNews #SalmonellaTyphi #EntericFever #StaySafe #HygieneMatters #BreakingNews #newspratyaskh

बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने चुनाव आयोग से की प्रशांत किशोर की शिकायत, चुनावी खर्च और सोशल मीडिया प्रचार पर लगाए गंभीर आरोप

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Jul 2026, 09:38 am
बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने चुनाव आयोग से की प्रशांत किशोर की शिकायत, चुनावी खर्च और सोशल मीडिया प्रचार पर लगाए गंभीर आरोप पटना: बिहार बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पटना में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। भाजपा ने चुनाव आयोग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से अनिवार्य है। भाजपा का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में निर्धारित 40 लाख रुपये की चुनावी व्यय सीमा से कहीं अधिक खर्च किया है। पार्टी का दावा है कि चुनाव प्रचार में फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन खर्च किया गया और बड़े पैमाने पर संसाधनों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और बॉट नेटवर्क का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। पार्टी के अनुसार, इन आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य भी निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं। हालांकि, इस मामले में प्रशांत किशोर या जन सुराज की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निर्वाचन आयोग अब शिकायत और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।#Bihar #Patna #BankipurByElection #PrashantKishor #JanSuraaj #BJP #ElectionCommission #ShahnawazHussain #BiharPolitics #PoliticalNews #BreakingNews #LatestNews #IndiaNews #Election2026 #pratyakshnews #newspratyaksh

पूर्व CM शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव के घर वन विभाग का छापा, आरोपी की तलाश में पहुंची टीम

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jul 2026, 12:47 pm
पूर्व CM शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव के घर वन विभाग का छापा, आरोपी की तलाश में पहुंची टीम दुमका में कार्रवाई के दौरान लोगों का हंगामा, पंकज राउत नहीं मिला; पिछले साल वन विभाग से अभद्रता के मामले में गिरफ्तारी की थी कोशिश दुमका: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत के दुमका स्थित महुआ डंगाल आवास पर शनिवार सुबह वन विभाग की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई का नेतृत्व IFS ट्रेनी पुष्कर काले कर रहे थे। टीम वन विभाग के एक मामले में नामजद आरोपी पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। दुमका जिला परिषद सदस्य चिंता देवी भी वहां पहुंचीं। लोगों ने कार्रवाई का कारण बताए बिना घर में प्रवेश का विरोध किया और मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बहस होती रही। बाद में सहमति बनने पर वन अधिकारी पुष्कर काले अपने बॉडीगार्ड और महिला पुलिसकर्मियों के साथ घर के अंदर गए। करीब 10 मिनट तक तलाशी लेने के बाद टीम बाहर लौट आई, लेकिन आरोपी पंकज राउत का कोई पता नहीं चल सका। दुमका के डीएफओ सात्विक व्यास ने बताया कि 13 जून 2025 को प्रतिबंध के बावजूद लालजी पटेल एंड कंपनी सॉ मिल के संचालन की सूचना पर वन विभाग ने छापेमारी की थी। उस दौरान पंकज राउत और मिल संचालक जयपाल राउत पर वनकर्मियों के साथ अभद्रता करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा था। मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोनों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसी मामले में पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए शनिवार को यह कार्रवाई की गई।

खुर्रम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को UAPA केस में जमानत, पटियाला हाउस कोर्ट का बड़ा आदेश

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jul 2026, 12:44 pm
खुर्रम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को UAPA केस में जमानत, पटियाला हाउस कोर्ट का बड़ा आदेश दिल्ली हाईकोर्ट से पहले टेरर फंडिंग मामले में भी मिली थी राहत, चार साल से अधिक समय से हिरासत में थे खुर्रम परवेज दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने यूएपीए (UAPA) मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को जमानत दे दी है। प्रिंसिपल एंड सेशंस जज पीतांबर दत्त ने दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद खुर्रम परवेज की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी टेरर फंडिंग मामले में उन्हें जमानत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि वह चार साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी माना था कि वर्ष 2004 में लैंडमाइन विस्फोट में खुर्रम परवेज अपना एक पैर गंवा चुके हैं और उनकी शारीरिक स्थिति को विशेष ध्यान की आवश्यकता है। अदालत ने उन्हें पासपोर्ट जमा कराने, बिना अनुमति दिल्ली से बाहर न जाने और मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी न करने की शर्तों के साथ जमानत दी थी। एनआईए के अनुसार, खुर्रम परवेज को 22 नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ता की आड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक सदस्य के साथ ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) का नेटवर्क संचालित किया और आतंकी गतिविधियों में सहयोग किया। एनआईए ने नवंबर 2021 में दर्ज अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने खुर्रम परवेज समेत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर भारत में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने सुरक्षा बलों की गतिविधियों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से जुड़ी सूचनाएं आतंकी संगठन तक पहुंचाईं तथा एक सरकारी अधिकारी ने भी कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग कर दस्तावेज उपलब्ध कराए। #KhurramParvez #IrfanMehraj #UAPA #PatialaHouseCourt #DelhiCourt #NIA #Kashmir #TerrorFundingCase #BreakingNews #IndiaNews #LegalNews #NewsPratyaksh दिल्ली हाईकोर्ट से पहले टेरर फंडिंग मामले में भी मिली थी राहत, चार साल से अधिक समय से हिरासत में थे खुर्रम परवेज दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने यूएपीए (UAPA) मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को जमानत दे दी है। प्रिंसिपल एंड सेशंस जज पीतांबर दत्त ने दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद खुर्रम परवेज की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी टेरर फंडिंग मामले में उन्हें जमानत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि वह चार साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी माना था कि वर्ष 2004 में लैंडमाइन विस्फोट में खुर्रम परवेज अपना एक पैर गंवा चुके हैं और उनकी शारीरिक स्थिति को विशेष ध्यान की आवश्यकता है। अदालत ने उन्हें पासपोर्ट जमा कराने, बिना अनुमति दिल्ली से बाहर न जाने और मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी न करने की शर्तों के साथ जमानत दी थी। एनआईए के अनुसार, खुर्रम परवेज को 22 नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ता की आड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक सदस्य के साथ ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) का नेटवर्क संचालित किया और आतंकी गतिविधियों में सहयोग किया। एनआईए ने नवंबर 2021 में दर्ज अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने खुर्रम परवेज समेत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर भारत में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने सुरक्षा बलों की गतिविधियों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से जुड़ी सूचनाएं आतंकी संगठन तक पहुंचाईं तथा एक सरकारी अधिकारी ने भी कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग कर दस्तावेज उपलब्ध कराए। #KhurramParvez #IrfanMehraj #UAPA #PatialaHouseCourt #DelhiCourt #NIA #Kashmir #TerrorFundingCase #BreakingNews #IndiaNews #LegalNews #NewsPratyaksh
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