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शिक्षा विभाग ने डहर 2.0 सर्वे में ‘अन्य’ कॉलम जोड़ा है. इससे अब आदिवासी बच्चे अपनी पहचान दर्ज करा सकेंगे:

News Pratyaksh | Updated : Tue 30th Dec 2025, 10:45 am
शिक्षा विभाग ने डहर 2.0 सर्वे में ‘अन्य’ कॉलम जोड़ा है. इससे अब आदिवासी बच्चे अपनी पहचान दर्ज करा सकेंगे: : केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल के तहत चल रहे डहर (डिजिटल हैबिटेशन मैपिंग एंड रियल-टाइम मॉनिटरिंग) 2.0 सर्वे में शिक्षा विभाग ने अहम बदलाव करते हुए धर्म कॉलम में ‘अन्य’ (Others) का विकल्प जोड़ दिया है. इस संशोधन के बाद ऐसे आदिवासी बच्चे जो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन या बौद्ध धर्म से स्वयं को नहीं जोड़ते, वैसे लोग अब सरना या आदिवासी धर्म के रूप में अपनी पहचान दर्ज करा सकेंगेअब तक सर्वे प्रपत्र में केवल छह धर्मों के विकल्प होने के कारण आदिवासी समाज में नाराजगी देखी जा रही थी. विभिन्न जनजातीय संगठनों का कहना था कि इससे आदिवासी बच्चों की वास्तविक गणना प्रभावित हो रही है और उनकी धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पा रही. लगातार उठती आपत्तियों और मांगों के बाद शिक्षा विभाग ने 11 दिसंबर 2025 से पोर्टल में ‘अन्य’ कॉलम को सक्रिय कर दिया है. विभागीय स्तर पर स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे के दौरान संशोधित प्रारूप के अनुसार प्रविष्टियां की जाएं.आदिवासी नेता अजय तिर्की का बयानइस फैसले का स्वागत करते हुए आदिवासी नेता अजय तिर्की ने कहा कि डहर 2.0 सर्वे में ‘अन्य’ कॉलम जुड़ना आदिवासी समाज के लिए एक जरूरी और सकारात्मक कदम है. इससे बच्चों की सही पहचान दर्ज होगी और सरकार के सामने वास्तविक आंकड़े आएंगे. यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व की स्वीकारोक्ति है. उन्होंने कहा कि सही गणना से ही योजनाओं का लाभ सही लाभुकों तक पहुंच सकता है.

दिल्ली में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी का असर हैदराबाद में भी दिखाई दे रहा है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मल्लापुर थोक बाजार में विक्रेता और खरीदार दिवाली पर शोर और रोशनी के लिए 'पर्यावरण-अनुकूल' पटाखों का समर्थन कर रहे हैं. हर बार

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Oct 2025, 11:20 am
दिल्ली में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी का असर हैदराबाद में भी दिखाई दे रहा है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मल्लापुर थोक बाजार में विक्रेता और खरीदार दिवाली पर शोर और रोशनी के लिए 'पर्यावरण-अनुकूल' पटाखों का समर्थन कर रहे हैं. हर बार की तरह इस बार भी इस बाजार के दुकानदारों ने पटाखे पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के शिवकाशी से मंगवाए हैं. पुराने और नए ग्राहक कहते हैं कि वे इस थोक बाजार में बिकने वाले पटाखों को लेकर उत्साहित हैं जहां तुलनात्मक रूप से सस्ते पटाखे मिलते हैं. दिवाली भारत का पारंपरिक त्यौहार है और पटाखे इस उत्सव का हिस्सा रहे हैं लेकिन हैदराबाद में लोग बदलते समय के हिसाब से हरित पटाखे बेच रहे हैं.

भारत के उभरते स्क्वैश खिलाड़ी श्रेयांस झा ने इंडिया जूनियर ओपन का खिताब जीतकर मिथिलांचल ही नहीं पूरे राज्य का नाम रोशन किया

News Pratyaksh | Updated : Sat 13th Sep 2025, 09:41 am
भारत के उभरते स्क्वैश खिलाड़ी श्रेयांस झा ने इंडिया जूनियर ओपन का खिताब जीतकर मिथिलांचल ही नहीं पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उन्हें बधाई दी है. मिथिलांचल के दरभंगा निवासी श्रेयांस झा के पिता मृगांक शेखर झा भारतीय नेवी में कमांडर हैं, जबकि मां रश्मि झा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं. श्रेयांस फिलहाल मुंबई के बॉम्बे जिमखाना स्पोर्ट्स क्लब में कोच अविनाश भवनानी से ट्रेनिंग ले रहे हैं.श्रेयांस की यह उपलब्धि बिहार के खेलों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और युवाओं को प्रेरित करेगी कि वे भी खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त कर राज्य और देश का नाम रोशन करें.

पलामू पुलिस और एसपी रीष्मा रमेशन का मानवीय चेहरा, गरीब लड़की की पढ़ाई का खर्च उठाया

News Pratyaksh | Updated : Thu 11th Sep 2025, 07:54 am
  पलामू: जिला पुलिस और पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया है। एसपी की पहल पर पलामू पुलिस ने एक गरीब लड़की की पढ़ाई का जिम्मा उठाया है, जिससे उसका भविष्य संवर सके। पलामू के सदर थाना क्षेत्र के बहलोलवा निवासी नेहा परवीन ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए एसपी रीष्मा रमेशन से मदद मांगी थी। नेहा के पिता एक सड़क हादसे का शिकार हो गए, जिसके बाद वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। पहले पान की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले नेहा के पिता के इस हादसे ने परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया। नेहा, जो पहले ही ग्रेजुएशन पूरा कर चुकी है, अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित पहल करते हुए नेहा का कॉलेज में नामांकन सुनिश्चित करवाया। साथ ही, उन्होंने नेहा की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पलामू पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। यह कदम न केवल नेहा के सपनों को पंख देगा, बल्कि समाज में शिक्षा और मानवता के प्रति पुलिस के सकारात्मक रवैये को भी दर्शाता है।

पलामू पुलिस और एसपी रीष्मा रमेशन का मानवीय चेहरा, गरीब लड़की की पढ़ाई का खर्च उठाया

News Pratyaksh | Updated : Wed 10th Sep 2025, 10:10 am
पलामू पुलिस और एसपी रीष्मा रमेशन का मानवीय चेहरा, गरीब लड़की की पढ़ाई का खर्च उठाया पलामू: जिला पुलिस और पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया है। एसपी की पहल पर पलामू पुलिस ने एक गरीब लड़की की पढ़ाई का जिम्मा उठाया है, जिससे उसका भविष्य संवर सके। पलामू के सदर थाना क्षेत्र के बहलोलवा निवासी नेहा परवीन ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए एसपी रीष्मा रमेशन से मदद मांगी थी। नेहा के पिता एक सड़क हादसे का शिकार हो गए, जिसके बाद वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। पहले पान की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले नेहा के पिता के इस हादसे ने परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया। नेहा, जो पहले ही ग्रेजुएशन पूरा कर चुकी है, अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित पहल करते हुए नेहा का कॉलेज में नामांकन सुनिश्चित करवाया। साथ ही, उन्होंने नेहा की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पलामू पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। यह कदम न केवल नेहा के सपनों को पंख देगा, बल्कि समाज में शिक्षा और मानवता के प्रति पुलिस के सकारात्मक रवैये को भी दर्शाता है

कक्षा तीन के बच्चों को स्थानीय भाषा में शिक्षा

News Pratyaksh | Updated : Mon 21st Apr 2025, 12:08 pm
कक्षा तीन के बच्चों को स्थानीय भाषा में शिक्षाशिक्षा विभाग ने कहा है कि स्कूलों में कक्षा तीन तक के बच्चों को स्थानीय भाषा में पढ़ाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने कहा कि सरकारी स्कूलों में कक्षा तीन तक के बच्चों को भोजपुरी, मैथिली सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में पढ़ाया जाएगा। शिक्षा संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि चेतना सत्र कार्यक्रम में बच्चों को अलग-अलग प्रकार की गतिविधियां सीखाई जाएंगी। इस दौरान राष्ट्रगान, प्रार्थना और राष्ट्र भावना को जागृत करने वाली गतिविधियां बताई जाएंगी। इसके अलावा बच्चों को स्वच्छता, स्वास्थ्य रक्षा की भी जानकारी दी जाएगी।