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देश के नामी संस्थान के खिलाफ रोज फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया जा रहा है:

News Pratyaksh | Updated : Mon 20th Jan 2025, 11:27 am
देश के नामी संस्थान के खिलाफ रोज फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया जा रहा है: आरोप है इंजीनियरिंग की तैयारी कराने के नाम पर ठगी की गई है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए गहना तक गिरवी रख दिए लेकिन बच्चों को पढ़ाने के नाम पर संस्थान रुपये लूट कर फरार हो गया। इस संस्था के द्वारा आज बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मामला इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले कोचिंग सेंटर फिटजी की है, जो JEE की तैयारी करवाता है। यह संस्था राजधानी पटना के चार केन्द्रों से फीस के नाम पर रुपया लेकर फरार हो गई। अब परिजन थाना का चक्कर लगा रहे हैं। रविवार को कोतवाली थाना में पांच नये आवेदन दिए गये हैं।इस संबंध में भागवत नगर निवासी कृष्णा प्रसाद का कहना है कि उनके पुत्र ने बताया कि दो महीने से सही ढंग से पढाई नहीं हो रही है। शिक्षक विगत पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने की बात कह रहे थे। फिर अचानक सभी शिक्षक एक दिन कोचिंग बंद कर के फरार हो गये। अब वही शिक्षक जो कल तक वहां पढ़ाते थे अब दूसरी जगह से उन बच्चों को फोन कर बुलाकर दूसरे संस्थान में नामांकन कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब स्थिति यह है कि मेरे रुपये भी डूब गये और मेरे बच्चे की पढ़ाई भी नहीं हो पाई। अब मैं क्या करूँ?हंगामा होने पर शिक्षक और कर्मचारियों को थाना बुलाया फिर छोड़ दिया कृष्णा प्रसाद ने बताया कि मुझसे तीन किस्तों में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये लिए गये। उन्होंने बताया कि जब बच्चों को कोचिंग बंद होने की जानकारी हुई तो सभी बच्चों ने इस बात की जानकारी अपने माता-पिता को दी। देखते ही देखते पटना के चारों केन्द्रों पर बच्चों के माता-पिता जमा हो गये और हंगामा करने लगे। हंगामा की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भी उन संस्थानों तक पुलिस पहुँच गई। मामला ज्यादा न बिगड़े इसलिए माहौल को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने कोचिंग के सारे शिक्षकों और कर्मियों को पकड़कर कोतवाली थाना ले आई। कुछ ने कहा कि मैं इस कोचिंग में कर्मचारी हूं, तो किसी ने कहा कि मैं गार्ड हूं। शिक्षकों ने पुलिस को कहा कि मैं शिक्षक हूं, मेरा काम सिर्फ पढ़ाना है। शिक्षकों ने फिर बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने का आश्वासन दिया और इस आधार पर पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार ने 'अमर उजाला' को बताया कि फिटजी कोचिंग संस्था पर पूर्व नियोजित तरीके से बंद करने और फीस की रकम हड़प कर छात्रों का नुकसान करने के आरोप में कांड संख्या 41/ 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में कोचिंग के निदेशक डी के गोयल सहित मनीष आनंद, राजीव बब्बर और आर के ठाकुर को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। अब इस मामले में कोचिंग संस्था के खिलाफ जितने भी आवेदन आ रहे हैं, सभी को कांड संख्या 41/ 25 के साथ ही संलग्न किया जा रहा है। पुलिस अब उन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

डॉक्यूमेंट खुद चेक करेंगे ACS सिद्धार्थ :

News Pratyaksh | Updated : Wed 15th Jan 2025, 12:00 pm
डॉक्यूमेंट खुद चेक करेंगे ACS सिद्धार्थ :शिक्षा विभाग ने बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कुल 1.90 लाख शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू हुई है. यह एक बड़ी संख्या है और इस प्रक्रिया को सुचारू ढंग से चलाने के लिए शिक्षा विभाग ने कई अहम कदम उठाए हैं. बता दें, 10,470 विशेष शिक्षकों, जो गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा के आधार पर ट्रांसफर के लिए आवेदन दिए हैं उनके तबादले की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने स्वयं ली है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ खुद इन शिक्षकों की मार्कशीट और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच करेंगे. इसके बाद शेष 1.80 लाख शिक्षकों के तबादले की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारियों यानी डीईओ को दी गई है. अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ हर महीने 5-8 दिनों के अंतराल पर ट्रांसफर लिस्ट जारी करेंगे. इसके बाद मुख्यालय में सभी आवेदनों को सूचीबद्ध किया जाएगा और फिर डीईओ को भेजा जाएगा. डीईओ शिक्षकों को प्रखंड और प्रखंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को स्कूल आवंटित करेंगे.दूसरी तरफ, बिहार में 68 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. ये सभी शिक्षक दूसरे राज्यों के रहनेवाले हैं. दूसरे राज्य के प्रमाण पत्र के आधार पर न केवल बिहार में शिक्षक बने हैं, बल्कि आरक्षण का भी लाभ उठाया है. इनमें सबसे अधिक 24 हजार शिक्षक बीपीएससी परीक्षा देकर बहाल हुए हैं. अब शिक्षा विभाग 68 हजार से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच करेगा. जांच के दौरान जिन शिक्षकों के सर्टिफिकेट संदिग्ध पाए जाएंगे, उन्हें होल्ड किया जाएगा. इस दौरान ये शिक्षक नौकरी करते रहेंगे. जांच के दौरान प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद सख्त एक्शन लिया जाएगा और उनसे सैलरी की रिकवरी भी की जाएगी.

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jan 2025, 11:57 am
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है, जिसे राज्यपाल संतोष गंगवार ने मंजूरी दे दी है। 24 फरवरी से शुरू होकर 27 मार्च तक बजट सत्र चलेगा। बजट सत्र के पहले दिन नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के अलावा राज्यपाल का अभिभाषण और शोक प्रकाश का कार्यक्रम है। बजट सत्र के पहले दिन 24 फरवरी को साढ़े ग्यारह बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। देश की दिवंगत विभूतियों को इस दिन याद कर श्रद्धांजलि देने के साथ सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। बजट सत्र में कुल 20 कार्य दिवस निर्धारित हैं।3 मार्च को पेश होगा बजटराज्यपाल के अभिभाषण पर दूसरे दिन 25 फरवरी और तीसरे दिन 27 फरवरी को वाद-विवाद के साथ सरकार का उत्तर होगा। 26 फरवरी को अवकाश रहेगा। 28 फरवरी को सरकार चालू वित्त वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी। तीन मार्च को प्रश्नकाल के बाद वित्त वर्ष 2025-26 का बजट हेमंत सरकार पेश करेगी। सत्र के अंतिम दिन 27 मार्च को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और गैर सरकारी संकल्प लाए जाएंगे। ये रहा बजट सत्र का पूरा शेड्यूल24 फरवरी : नए सदस्यों की शपथ, राज्यपाल का अभिभाषण, शोक प्रकाश 25 फरवरी: प्रश्नकाल, राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद 26 फरवरी : अवकाश 27 फरवरी : प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2024-25 का तीसरा अनुपूरक बजट, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा, सरकार का उत्तर 28 फरवरी : प्रश्नकाल, अनुपूरक पर चर्चा 01 से 02 मार्च : अवकाश 03 मार्च : वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 04 से 07 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 08 से 09 मार्च: अवकाश 10 से 11 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 12 से 16 मार्च तक : अवकाश 17 से 21 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 22-23 मार्च: अवकाश 24 मार्चः प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद, विनियोग विधेयक 25 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक 26 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य 27 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, गैर सरकारी संकल्प

बिहार में शिक्षकों के तबादलों का एक बड़ा मसला सुलझ गया

News Pratyaksh | Updated : Tue 12th Nov 2024, 03:25 pm
#newspratyaksh #Bihar बिहार में शिक्षकों के तबादलों का एक बड़ा मसला सुलझ गया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पटना में बताया कि एक ही अनुमंडल वाले जिलों में भी शिक्षकों का तबादला होगा। इसके लिए अनुमंडल का विभाजन किया जाएगा। दरअसल शिक्षा विभाग ने हाल ही में शिक्षक तबादला नियमावली जारी की थी। इसपर सवाल उठ रहे थे कि जिन जिलों में सिर्फ एक ही अनुमंडल है, वहां तबादले कैसे होंगे, क्योंकि नियमावली के मुताबिक शिक्षकों का तबादला दूसरे जिलों में ही किया जाना था।शिक्षा मंत्री ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि अरवल, बांका, जमुई, जहानाबाद, किशनगंज, लखीसराय, शेखपुरा और शिवहर जिलों में केवल एक ही अनुमंडल है। इन जिलों में तबादले के लिए अनुमंडल का विभाजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा, 'ऐसे आठ जिले, जहां एक ही अनुमंडल है, वहां (उसी अनुमंडल में) विभाजन करके उसी जिले में शिक्षकों का तबादला या पदस्थापन किया जाएगा।'

: शिक्षा विभाग ने कई राज्य विश्वविद्यालयों के बैंक खाते ‘फ्रीज’ करने के अपने आदेश को वापस लिया

News Pratyaksh | Updated : Thu 13th Jun 2024, 12:35 pm
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने कई राज्य विश्वविद्यालयों के बैंक खाते ‘फ्रीज’ करने और कुलपतियों तथा अन्य अधिकारियों के वेतन रोकने के अपने विवादास्पद आदेश को बुधवार को वापस ले लिया। हाल में पटना उच्च न्यायालय ने विभाग के इस आदेश पर स्थगन लगा दिया था। शिक्षा विभाग के सचिव बैद्य नाथ यादव ने बुधवार को राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे एक पत्र में कहा, “विभाग ने इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बाद मौलाना मजहरुल हक अरबी और फारसी विश्वविद्यालय (पटना), पूर्णिया विश्वविद्यालय (पूर्णिया), मुंगेर विश्वविद्यालय (मुंगेर) सहित विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों के खातों को ‘फ्रीज’ करने के अपने पहले के आदेश को वापस लेने का फैसला किया है।’’