Bihar


नवादा जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत | मां से मुलाकात के बाद उठाया बड़ा कदम

News Pratyaksh | Updated : Thu 23rd Jul 2026, 11:46 am
नवादा जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत | मां से मुलाकात के बाद उठाया बड़ा कदम नवादा। बिहार के नवादा मंडल कारा में पॉक्सो मामले के एक 20 वर्षीय विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है। मृतक की पहचान घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद के रूप में हुई है। वह नाबालिग से गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले में 15 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में नवादा मंडल कारा में बंद था। यह मामला मेसकौर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। सीढ़ी वाले कमरे में मिला शव जानकारी के अनुसार, कैदी ने वार्ड संख्या 14 और 15 के बीच स्थित सीढ़ी वाले कमरे को अंदर से बंद कर लिया और ऊपर लगी ग्रिल में गमछा बांधकर फंदा लगा लिया। जब जेल प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रिल काटकर उसे नीचे उतारा गया और तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। मां से मुलाकात के बाद हुई घटना बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले कैदी की मां उससे मिलने जेल आई थीं। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत भी चल रही थी। हालांकि, मां के लौटने के बाद उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। जेल सूत्रों के मुताबिक, घटना से पहले वह सामान्य व्यवहार कर रहा था और दोपहर का भोजन भी किया था। अस्पताल में मृत घोषित जेल प्रशासन कैदी को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सदर अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने दोपहर 3:57 बजे क्लीनिकल परीक्षण और ईसीजी जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। बिहार के नवादा मंडल कारा में पॉक्सो मामले के एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की। मामले में लापरवाही के आरोप में एक सिपाही को निलंबित किया गया है और जांच जारी है। #Nawada #Bihar #JailNews #BreakingNews #BiharNews #CrimeNews #POCSO #LatestNews #PoliceInvestigation #PratyakshNews

बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने चुनाव आयोग से की प्रशांत किशोर की शिकायत, चुनावी खर्च और सोशल मीडिया प्रचार पर लगाए गंभीर आरोप

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Jul 2026, 09:38 am
बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने चुनाव आयोग से की प्रशांत किशोर की शिकायत, चुनावी खर्च और सोशल मीडिया प्रचार पर लगाए गंभीर आरोप पटना: बिहार बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पटना में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। भाजपा ने चुनाव आयोग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से अनिवार्य है। भाजपा का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में निर्धारित 40 लाख रुपये की चुनावी व्यय सीमा से कहीं अधिक खर्च किया है। पार्टी का दावा है कि चुनाव प्रचार में फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन खर्च किया गया और बड़े पैमाने पर संसाधनों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और बॉट नेटवर्क का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। पार्टी के अनुसार, इन आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य भी निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं। हालांकि, इस मामले में प्रशांत किशोर या जन सुराज की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निर्वाचन आयोग अब शिकायत और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।#Bihar #Patna #BankipurByElection #PrashantKishor #JanSuraaj #BJP #ElectionCommission #ShahnawazHussain #BiharPolitics #PoliticalNews #BreakingNews #LatestNews #IndiaNews #Election2026 #pratyakshnews #newspratyaksh

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jul 2026, 12:10 pm
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल : भारतीय रेलवे हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह पहल रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच संचालित होगी। यह एक तरफ लगभग 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप के साथ कुल 356 किलोमीटर का सफर करेगी। ट्रेन में 682 सीटों की व्यवस्था है, जबकि खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों सहित करीब 2,600 लोग एक साथ सफर कर सकेंगे। ट्रेन का अप और डाउन नंबर क्रमशः 74010 और 74009 होगा। यह जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रबड़ा, लाठ, मोहन हरियाणा और बरवासनी सहित 12 स्टेशनों पर रुकेगी। यह रूट उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत आता है और इसे खासतौर पर दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ट्रेन 1,200 किलोवाट-आवर क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम पर आधारित है। इस तकनीक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बिजली उत्पन्न की जाती है, जो ट्रेन के मोटरों को शक्ति प्रदान करती है। इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप निकलती है, जिससे यह लगभग पूरी तरह कार्बन-मुक्त तकनीक बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक उन रेलवे मार्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जहां अभी तक पूर्ण विद्युतीकरण नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज NDA की अहम बैठक, सरकार के कामकाज और चुनावी वादों की होगी समीक्षा

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:21 pm
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज NDA की अहम बैठक, सरकार के कामकाज और चुनावी वादों की होगी समीक्षा बिहार की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी, जिसमें गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रहने की संभावना है। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha सहित दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य, बिहार NDA के पांचों घटक दलों के वरिष्ठ नेता, विधायक और जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। सरकार के प्रदर्शन की होगी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार के करीब तीन महीने के कार्यकाल की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। विभिन्न विभागों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और जनता तक पहुंच रही सेवाओं पर नेताओं से फीडबैक लिया जाएगा। चुनावी वादों की प्रगति पर भी चर्चा सूत्रों के अनुसार, बैठक में 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों और घोषणाओं पर अब तक हुई प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। राजनीतिक जानकारों की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:20 pm
WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी Meta की स्वामित्व वाली लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित 'Username' फीचर को लेकर केंद्र सरकार और कंपनी के बीच चल रही चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp ने सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है और अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उसकी समीक्षा कर रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह Meta को नोटिस जारी कर WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर पर कई सवाल उठाए थे। सरकार ने आशंका जताई थी कि इस फीचर के लागू होने से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और पहचान छिपाकर किए जाने वाले इम्पर्सनेशन अटैक जैसी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। क्या है Username फीचर? प्रस्तावित फीचर के तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूज़रनेम के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे और बातचीत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस सुविधा का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं, इसलिए इसके सुरक्षा पहलुओं की विस्तृत जांच आवश्यक है। सरकार की मंजूरी तक लॉन्च नहीं होगा फीचर सरकार ने Meta को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर संतोषजनक चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में Username फीचर लॉन्च न किया जाए। इसके बाद WhatsApp ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि बातचीत पूरी होने तक यह फीचर भारत में रोल आउट नहीं किया जाएगा। मंत्रालय कर रहा है जवाब की समीक्षा सूत्रों के मुताबिक, WhatsApp का जवाब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्राप्त हो गया है और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, आईटी सचिव S. Krishnan ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार को अपेक्षित था। वहीं, अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram और Signal को भेजे गए नोटिसों के जवाब का भी इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद Meta की एक टीम ने पिछले सप्ताह आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा भी की थी।

पति से विवाद के बाद मां ने दो बेटियों को कुएं में फेंका, दोनों की मौत; आरोपी महिला गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:19 pm
पति से विवाद के बाद मां ने दो बेटियों को कुएं में फेंका, दोनों की मौत; आरोपी महिला गिरफ्तार जिले के नवाबाजार थाना क्षेत्र के कंडा गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। पारिवारिक विवाद के बाद एक महिला ने कथित तौर पर अपनी दो मासूम बेटियों को कुएं में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद महिला ने खुद भी कुएं में छलांग लगा दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सरिता देवी और उसके पति छोटेलाल प्रजापति के बीच बुधवार रात किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान सरिता देवी ने अपनी सास की गोद में खेल रही एक बेटी को छीनकर कुएं में फेंक दिया। इसके बाद उसने दूसरी बेटी को भी कुएं में धक्का दे दिया। बताया जा रहा है कि महिला तीसरी बेटी को भी कुएं में फेंकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बच्ची वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही। इसके बाद सरिता देवी ने स्वयं भी कुएं में छलांग लगा दी। परिजनों और ग्रामीणों के शोर मचाने पर महिला को कुएं से बाहर निकाल लिया गया, जबकि दोनों बच्चियों के शव बाद में बरामद किए गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन बेटियां होने के कारण महिला को ताने और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। हालांकि, इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। नवाबाजार थाना प्रभारी Sanjay Kumar Yadav ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मृत बच्चियों प्रिया कुमारी और डॉली कुमारी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।