Education


नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय ने जिले के एके सिंह डिग्री कॉलेज, हुसैनाबाद और एसएसएमएस डिग्री कॉलेज, तरहसी के आवेदन को रोक दिया है। ग्रेजुएशन सत्र 2026-30 में विज्ञान संकाय में नामांकन के लिए दोनों कॉलेजों को अभी संबद्धता नहीं दी गई है। एचआरडी विभाग के नि

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 11:58 am
    निरीक्षण में कई खामियां पाई गई थीं, जिन्हें दूर करने के निर्देश भी दिए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों कॉलेजों में 3000 छात्रों पर केवल 1 शिक्षक उपलब्ध है।इस संबंध में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पाई गई कमियों के कारण ही विज्ञान संकाय के लिए आवेदन रोके गए हैं। कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह की तैयारी कर रहा है। राजभवन से सितंबर महीने में दीक्षांत समारोह आयोजित करने के निर्देश मिले हैं। #NilamberPitamberUniversity #Hussainabad #Tarhasi #AKSinghCollege #SSMSCollege #JharkhandEducation #UGAdmission2026 #ScienceFaculty #HRD #DineshKumarSingh #Convocation2026 #JharkhandNews #newspratyaskh

पटना खान सर की कोचिंग में आग लग गयी :

News Pratyaksh | Updated : Fri 26th Jun 2026, 11:33 am
पटना खान सर की कोचिंग में आग लग गयी : राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में गुरुवार देर शाम अचानक भीषण आग लग गई. इस हादसे के दौरान परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे और कक्षाएं चल रही थीं. अचानक धुआं उठता देख पूरे भवन में अफरातफरी और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई.प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय भवन के एक हिस्से से काला धुआं निकलना शुरू हुआ था. देखते ही देखते धुएं का गुबार पूरे परिसर में फैल गया, जिससे छात्रों के बीच दहशत का माहौल बन गया. अपनी जान बचाने के लिए सैकड़ों छात्र बिना अपना सामान लिए ही क्लासरूम से बाहर की तरफ भागने लगे.राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कोचिंग संस्थान के बाहर भारी भीड़ और धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा है. इस भयावह दृश्य को देखकर स्थानीय लोग भी सहम गए थे.

किताब में आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका पर भी जोर दिया गया :

News Pratyaksh | Updated : Thu 25th Jun 2026, 12:35 pm
किताब में आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका पर भी जोर दिया गया : भारत में इमरजेंसी लागू होने के लगभग पांच दशक बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने पहली बार कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में इस विषय को शामिल किया है. इसमें इसे 'प्रमुख चुनौतियों में से एक' के तौर पर पेश किया गया है, क्योंकि उस दौरान ज़्यादातर मौलिक अधिकार सस्पेंड कर दिए गए थे. यह जिक्र हाल ही में तैयार की गई सोशल साइंस की पाठ्यपुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में मिलता है, जिसमें भारतीय लोकतंत्र की खूबियों और चुनौतियों का विश्लेषण करने वाले एक अध्याय में इमरजेंसी को शामिल किया गया है.एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह पहली बार है जब कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में 'आपातकाल' (Emergency) पर एक सेक्शन जोड़ा गया है. स्कूल के पाठ्यक्रम में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, खासकर तब जब देश ने हाल ही में 1975 में लगाए गए आपातकाल के 50 साल पूरे होने का समय देखा है.इस सेक्शन में लिखा गया, 'भारत में लोकतंत्र के सामने एक बड़ी चुनौती तब आई जब 1975-77 में आपातकाल लगाया गया. 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति जनता में असंतोष बढ़ रहा था. बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कुशासन के आरोपों के कारण बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए.इसमें आगे कहा गया,'जून 1975 में सरकार ने आंतरिक अशांति के आधार पर देश में आपातकाल लागू किया. इस दौरान, ज़्यादातर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया. लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भारी दबाव पड़ा और नागरिकों की आजादी सीमित कर दी गई.किताब में आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की भूमिका पर भी जोर दिया गया. 'जयप्रकाश नारायण - जो एक राजनीतिक नेता और समाजवादी विचारक थे और जिन्हें 'लोकनायक' के नाम से जाना जाता है - के नेतृत्व में चले जन-आंदोलनों ने छात्रों और नागरिकों, ख़ासकर बिहार और गुजरात में, बड़े पैमाने पर लामबंद किया. 1977 में आपातकाल हटा लिया गया और आम चुनाव हुए, जिससे लोगों को वोट के जरिए अपनी इच्छा जाहिर करने का मौका मिला. सत्ताधारी सरकार की हार ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और लोकतंत्र के महत्व को उजागर किया.

NEET री-एग्जाम के बाद Telegram पर लगा टेम्पररी बैन हटा

News Pratyaksh | Updated : Tue 23rd Jun 2026, 12:46 pm
NEET री-एग्जाम के बाद Telegram पर लगा टेम्पररी बैन हटा : भारत में कुछ यूज़र्स के लिए Telegram चालू हो गया है, क्योंकि मैसेजिंग एप्लिकेशन पर टेम्पररी बैन 22 जून, 2026 को खत्म हो गया था. यह ऐप 23 जून की सुबह ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं था, लेकिन तब से यह एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए Google Play Store पर वापस आ गया है. आज से पूरे देश में ऑपरेशन फिर से शुरू होने की उम्मीद है, साथ ही Apple App Store पर भी वापसी होगी, क्योंकि सरकार का बैन बढ़ाने का कोई इरादा नहीं लग रहा है. हालांकि, Telegram का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद रहेगा.इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeitY) ने 22 जून, 2026 तक भारत में Telegram ऐप के एक्सेस पर रोक लगा दी थी. यह टेम्पररी बैन 21 जून को होने वाले NEET (UG) 2026 के री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की सिफारिशों पर लगाया गया था. मंत्रालय के एक अलग ऑर्डर में Telegram को 30 जून तक अपना मैसेज-एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश दिया गया था.NTA ने कहा कि ये कदम पब्लिक ऑर्डर के हित में उठाए गए थे, जिसमें री-एग्जाम के दौरान उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए चीटिंग रैकेट द्वारा प्लेटफॉर्म का संगठित रूप से गलत इस्तेमाल करने का ज़िक्र किया गया था.NTA ने आगे बताया कि एडिटिंग फीचर का इस्तमाल कथित 'पेपर लीक' सबूत बनाने के लिए किया गया था, जिसमें पुराने मैसेज में बदलाव करके और टेस्ट होने के बाद एग्जाम के पेपर डालकर, ओरिजिनल टाइमस्टैम्प को बनाए रखा गया था.

बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई। फायरिंग में सिक्योरिटी गार्ड घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा पुलिस फोर्स के

News Pratyaksh | Updated : Wed 03rd Jun 2026, 12:04 pm
बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई। फायरिंग में सिक्योरिटी गार्ड घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। घायल सिक्योरिटी गार्ड को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है।एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा का कहना है कि यह मामला मारपीट से जुड़ा है। सिक्योरिटी गार्ड को चोटें आई हैं। फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है
Follow us
Categories
Latest News
Popular Categories