Jharkhand


रांची के डोरंडा स्थित सत्यभामा अपार्टमेंट में फायरिंग का मामला में रांची पुलिस ने सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े 7 अपराधियों को हथियार के साथ किया गया गिरफ्तार..जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने वीडियो कॉल कर दिया था अपराधिक घटना को अंजाम देने का निर्देश..

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:20 pm
रांची के डोरंडा स्थित सत्यभामा अपार्टमेंट में फायरिंग का मामला में रांची पुलिस ने सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े 7 अपराधियों को हथियार के साथ किया गया गिरफ्तार..जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने वीडियो कॉल कर दिया था अपराधिक घटना को अंजाम देने का निर्देश..अमन साहू और सुजीत सिन्हा गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा मामला...

भारत में सितंबर माह में कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के लिए महंगाई दर में और कमी देखने को मिली है.

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:19 pm
भारत में सितंबर माह में कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के लिए महंगाई दर में और कमी देखने को मिली है. श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में कृषि मजदूरों के लिए वार्षिक महंगाई दर -0.07 प्रतिशत और ग्रामीण मजदूरों के लिए 0.31 प्रतिशत रही. यह संकेत है कि दोनों वर्गों के लिए उपभोग वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता या गिरावट आई है.कृषि मजदूरों के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI-AL) 0.11 अंक गिरकर 136.23 पर पहुंच गया, जबकि ग्रामीण मजदूरों के लिए (CPI-RL) यह 0.18 अंक की गिरावट के साथ 136.42 रहा. खाद्य वस्तुओं का सूचकांक भी कृषि मजदूरों के लिए 0.47 अंक और ग्रामीण मजदूरों के लिए 0.58 अंक घटा है, जो खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी को दर्शाता है.ये आंकड़े श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए हैं और आधार वर्ष 2019=100 पर आधारित हैं. आंकड़ों को देश के 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 787 नमूना गांवों से एकत्रित किया गया है. यह संशोधित श्रृंखला अब व्यापक दायरे और बेहतर पद्धति के साथ तैयार की गई है, जिससे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना और अधिक विश्वसनीय हुई है.इस संशोधन में उपभोग के पैटर्न में बदलाव के कारण खर्च के अनुपात (वेटिंग डायग्राम) में बदलाव किया गया है. साथ ही, मूल्य में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean) का उपयोग किया गया है, जो पारंपरिक अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean) की तुलना में अधिक स्थिरता प्रदान करता है. इसके अलावा, उपभोग वस्तुओं के वर्गीकरण में COICOP-2018 के अनुसार नवीनतम वर्गीकरण अपनाया गया है.वहीं, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति दर भी अगस्त के 0.52 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 0.13 प्रतिशत रह गई. यह गिरावट संकेत देती है कि थोक स्तर पर भी कीमतों में स्थिरता आई है.देश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति सितंबर में 1.54 प्रतिशत पर आ गई है, जो पिछले आठ वर्षों के सबसे निचले स्तर पर है. इसके पीछे खाद्य और ईंधन पदार्थों की कीमतों में गिरावट प्रमुख कारण मानी जा रही है.इस समग्र स्थिति से स्पष्ट होता है कि भारत के ग्रामीण और कृषि मजदूर वर्ग के लिए जीवन यापन की लागत में राहत मिल रही है, जिससे उनकी खरीद क्षमता में सुधार और आर्थिक स्थिरता की संभावना बढ़ रही है. यह आर्थिक संकेतक ग्रामीण भारत में विकास और समृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना सिन्हा के हत्या के मुख्य आरोपी अरुण उर्फ डोमन ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:17 pm
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना सिन्हा के हत्या के मुख्य आरोपी अरुण उर्फ डोमन ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मृतक मुन्ना सिन्हा झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांकी के प्रखंड अध्यक्ष थे.14 अक्टूबर को पांकी थाना क्षेत्र के डंडार में मुन्ना सिन्हा की टांगी से वार करके हत्या की गई थी. हत्या का आरोप गांव के ही रहने वाले अरुण ठाकुर पर लगा था. पांकी थाना की पुलिस ने पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार की देर शाम छापेमारी कर आरोपी अरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया है. अरुण ठाकुर पांकी के इलाके में ही छुपा हुआ था. पांकी पुलिस की एक टीम अरुण ठाकुर से पूछताछ कर रही है.पांकी के थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि झामुदरअसल, अरुण ठाकुर और झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांकी प्रखंड के अध्यक्ष मुन्ना सिन्हा के बीच काफी समय से जमीन का विवाद चल रहा था. घटना के दिन मुन्ना सिन्हा विवादित जमीन की जुताई करवा रहे थे, इसी क्रम में अरुण ठाकुर के साथ बहस भी हुई थी. आरोप है कि इसी विवाद में अरुण ठाकुर ने मुन्ना सिन्हा पर टांगी से वार कर उनकी हत्या कर दी. मुन्ना सिन्हा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में टांगी से गंभीर रूप से चोट लगे थे. पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल टांगी को पहले ही बरामद कर लिया था.

रांची के पटाखा विक्रेता एवं आम नागरिकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, राँची निम्नलिखित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता है-

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:16 pm
रांची के पटाखा विक्रेता एवं आम नागरिकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, राँची निम्नलिखित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता है- पटाखा विक्रेता के लिये दिशा निर्देशः- 1. प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित स्थल पर ही पटाखे की बिकी करें। 2. पटाखा बिक्री से पूर्व प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग से अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य रुप से लें। 3. बाजार, सड़क के किनारे, पेट्रोल पम्प, गैस के गोदाम, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखे की बिक्री ना करें। 4. उन्हीं पटाखों की बिक्री करें जो स्वास्थ्य तथा वातावरण को प्रभावित न करें। 5. ऐसे पटाखों की बिक्री न करें जिनकी ध्वनि स्तर की सीमा 125 डिसीबल से अधिक हो। 6. विक्रय कार्य में नाबालिग छोटे बच्चों को ना लगायें। 7. पटाखों के पंडाल में बिजली की वायरिंग किसी योग्य एवं प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से करायें एवं हमेशा आई०एस०आई० मार्क के कॉपर के तार का ही प्रयोग करें, नंगे तारों पर अच्छी प्रकार से टेप लगा कर रखें। 8. पटाखों के पंडाल में ज्वलनशील पदार्थ जैसे डीजल, केरोसीन पेट्रोल इत्यादि को एकत्र करके ना रखें, ना ही इनका प्रयोग करें। 9. पटाखों के पंडाल के आसपास पर्याप्त मात्रा में पानी, बालू एवं अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें एवं इनका प्रयोग किस प्रकार करना है इसकी जानकारी अवश्य रखें। 10. पटाखों के पंडाल में प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में प्राथमिक चिकित्सा किट अनिवार्य रुप से रखें। जो भी पटाखा विक्रेता उपर्युक्त निर्देशों का पालन नहीं करेगा उन पर प्रशासन द्वारा उचित एवं विधिसम्मत् कारवाई की जायेगी। नागरिकों के लिये सुरक्षा निर्देशः- 1. पटाखा सदैव अधिकृत विक्रेता या ख्याति प्राप्त निर्माता के यहां से ही खरीदें। 2. पटाखे घरों के अन्दर न जलायें। 3. पटाखा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच न जलायें। 4. पटाखे को सार्वजनिक सड़क एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर ना जलायें। 5. अधिक ध्वनि के लिए पटाखों को टिन, कंटेनर या काँच की बोतलों में ना जलायें। 6. अभिभावक बच्चों को अकेले में पटाखे ना छोडने दें, अपनी उपस्थिति में ही पटाखे छुड़वाएं। 7. पटाखों को जलाते समय लम्बी लकड़ी, फुलझड़ी या मोमबत्ती का प्रयोग करें, माचिस का प्रयोग सीधे तौर पर कदापि ना करें, उन्हें थोड़ी दूरी पर रखकर ही जलायें। 8. अगर कोई पटाखा आग लगाने के बावजूद भी न फटे तो उसको दोबारा जांचने की कोशिश ना करें, उसे हाथ से ना उठायें क्योंकि वो कभी भी फट सकता है, बेहतर होगा कि उस पर पानी डालकर उसे निष्क्रिय कर दें। 9. पटाखे छोड़ते समय लम्बे या ढीले कपड़े ना पहनें क्योंकि ये शीघ्र आग पकड़ सकते हैं। 10. पटाखे हमेशा खुली जगह पर ही छोड़ें और ध्यान रखें कि आसपास पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या गैस सिलेन्डर जैसे ज्वलनशील पदार्थ ना रखे हों। 11. पटाखे छोडने वाले स्थानों पर कम्बल, पानी व बालू अवश्य रखें। 12. अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेट कर उलट पलट कर उसे बुझाने का प्रयास करें। 13. बहुमंजिली मकान में रहने वाले लोग अपने घरों की खिड़कियां एवं दरवाजे बन्द करके रखें जिससे किसी प्रकार के जलते हुए पटाखा घरों में ना प्रवेश कर सकें। 14. किसी भी इमरजेंसी से बचने के लिये प्राथमिक चिकित्सा कीट पास में अवश्य रखें जिससे जलने व चोट की स्थिति में घायल की तुरन्त प्राथमिक चिकित्सा की जा सके। 15. अगर पटाखे से कोई व्यक्ति जल जाता है तो उसके शरीर के जले हुए हिस्से को बर्फ या ठंडे पानी से धोने के बाद प्राथमिक उपचार करें,, यदि रोगी गंभीर रूप से जला है तो तुरन्त नजदीक के अस्पताल ले जायें। 16. किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष में संपर्क किया जा सकता है, जिसका दूरभाष सं0-0651-2215855, 8987790664, 7667985619, 7070440888 है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, रांची द्वारा जनहित में जारी ।

दिल्ली में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी का असर हैदराबाद में भी दिखाई दे रहा है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मल्लापुर थोक बाजार में विक्रेता और खरीदार दिवाली पर शोर और रोशनी के लिए 'पर्यावरण-अनुकूल' पटाखों का समर्थन कर रहे हैं. हर बार

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Oct 2025, 11:20 am
दिल्ली में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी का असर हैदराबाद में भी दिखाई दे रहा है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मल्लापुर थोक बाजार में विक्रेता और खरीदार दिवाली पर शोर और रोशनी के लिए 'पर्यावरण-अनुकूल' पटाखों का समर्थन कर रहे हैं. हर बार की तरह इस बार भी इस बाजार के दुकानदारों ने पटाखे पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के शिवकाशी से मंगवाए हैं. पुराने और नए ग्राहक कहते हैं कि वे इस थोक बाजार में बिकने वाले पटाखों को लेकर उत्साहित हैं जहां तुलनात्मक रूप से सस्ते पटाखे मिलते हैं. दिवाली भारत का पारंपरिक त्यौहार है और पटाखे इस उत्सव का हिस्सा रहे हैं लेकिन हैदराबाद में लोग बदलते समय के हिसाब से हरित पटाखे बेच रहे हैं.
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