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लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India ने भारतीय बाजार में अपनी 2026 Mercedes-Benz S-Class का नया फेसलिफ़्टेड मॉडल लॉन्च कर दिया है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 15th Jun 2026, 01:09 pm
लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India ने भारतीय बाजार में अपनी 2026 Mercedes-Benz S-Class का नया फेसलिफ़्टेड मॉडल लॉन्च कर दिया है. इस कार की शुरुआती कीमत 2.20 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है. कार को इस साल की शुरुआत में ग्लोबल मार्केट के लिए पेश किया गया था. इस अपडेटेड फ्लैगशिप सेडान में स्टाइलिंग, टेक्नोलॉजी और पावरट्रेन में कई बड़े बदलाव किए गए हैं.सबसे पहले इस कार के डिजाइन की बात करें तो इसमें बाहर की तरफ किए गए बदलाव बहुत ही मामूली हैं, फिर भी इतने बदलाव ज़रूर हैं, जिनसे इस फ़ेसलिफ़्ट मॉडल को पुराने मॉडल से अलग पहचाना जा सके.कार के फ्रंट फेसिया पर नजर डालें तो, S-Class में एक बड़ी ग्रिल लगाई गई है, जिसमें कई 'थ्री-पॉइंट स्टार' डिज़ाइन बने हैं. वहीं, कार के हेडलैंप्स में अब Mercedes-Benz की लेटेस्ट 'थ्री-पॉइंट स्टार' LED डे-टाइम रनिंग लाइट सिग्नेचर को शामिल किया गया है. कार के बंपर को भी रीडिज़ाइन किया गया है और इसमें एक्स्ट्रा क्रोम डिटेलिंग दी गई है. साइड प्रोफ़ाइल की बात करें तो इसमें बदलाव ज़्यादा हल्के हैं, जिसमें सबसे ज़्यादा ध्यान देने वाला अपडेट एलॉय व्हील डिज़ाइन की नई रेंज है.Mercedes-Benz ने कार को लेकर दावा किया है कि गाड़ी के लगभग आधे हिस्से में बदलाव किए गए हैं, और सबसे खास बात भारत के लिए S-Class 450e स्पेक वाला प्लग-इन हाइब्रिड पावरट्रेन उतारा गया है. इस कार की डिलीवरी 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होने की संभावना है.

उत्तराखंड पर्यटन विभाग अब गढ़वाल और कुमाऊं के बाद जौनसार-बावर क्षेत्र को वैश्विक एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है.

News Pratyaksh | Updated : Thu 11th Jun 2026, 01:27 pm
उत्तराखंड पर्यटन विभाग अब गढ़वाल और कुमाऊं के बाद जौनसार-बावर क्षेत्र को वैश्विक एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है. इसके तहत टौंस नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के वाटर स्पोर्ट्स आयोजन की योजना बनाई जा रही है. दिसंबर में कुमाऊं में देशभर के एडवेंचर टूरिज्म विशेषज्ञों का बड़ा सम्मेलन भी आयोजित होगा.उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में पर्यटन विभाग लगातार नए प्रयोग कर रहा है. इसी कड़ी में अब जौनसार-बावर क्षेत्र की टौंस नदी को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि विभाग द्वारा अगले बड़े आयोजन के लिए सर्वेक्षण कराया जा रहा है, जिसमें विदेशों से आए विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है. विशेषज्ञों ने यमुना नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी टौंस की रेकी की है और शुरुआती रिपोर्ट में इसे विश्वस्तरीय एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त पाया गया है. पर्यटन सचिव ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में उद्गम क्षेत्र से लेकर जौनसार-बावर के हिस्से तक टौंस नदी का यह उग्र और रोमांचक स्वरूप देखने को मिलता है. यही वजह है कि यह नदी सामान्य पर्यटकों के लिए नहीं बल्कि एडवांस स्किल वाले प्रोफेशनल राफ्टर्स और कयाकर्स के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है. उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना की तुलना में टौंस का वेग और प्रवाह कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के वाटर स्पोर्ट्स आयोजनों के लिए एक आदर्श मंच बनाता है.

हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार Anjana Om Kashyap और TV Today Network ने लोकप्रिय शिक्षक Khan Sir समेत कई लोगों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़ का मानहानि (Defamation) मुकदमा दायर किया है। मामला क्या है? विवाद तब शुरू हुआ जब अंजना ओम कश्यप ने एक टीवी क

News Pratyaksh | Updated : Tue 09th Jun 2026, 07:11 am
हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार Anjana Om Kashyap और TV Today Network ने लोकप्रिय शिक्षक Khan Sir समेत कई लोगों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़ का मानहानि (Defamation) मुकदमा दायर किया है। मामला क्या है? विवाद तब शुरू हुआ जब अंजना ओम कश्यप ने एक टीवी कार्यक्रम में कुछ "स्टार टीचर्स" की आलोचना की थी। इसके बाद खान सर और अन्य लोगों द्वारा की गई कथित टिप्पणियों को अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने मानहानिकारक बताया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ ऑनलाइन अभियान चलाया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और परिवार की निजता प्रभावित हुई। कोर्ट में क्या हुआ? Delhi High Court ने मामले पर नोटिस जारी किया है। अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम रोक (interim injunction) देने से इनकार किया है और मामले की आगे सुनवाई के लिए तारीख तय की है। मांग क्या की गई है? अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने ₹2 करोड़ हर्जाने (damages) की मांग की है। साथ ही कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने की भी मांग की गई है। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम फैसला आना बाकी है।

वियतनामी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी VinFast के समर्थन वाली कंपनी Green SM ने दिल्ली-NCR में अपनी फुली इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस की शुरुआत की है, जिसके साथ ही कंपनी ने भारतीय बाजार में पहली बार एंट्री मारी है. जानकारी के अनुसार कंपनी शुरुआत में नेशनल कैप

News Pratyaksh | Updated : Sat 06th Jun 2026, 12:36 pm
वियतनामी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी VinFast के समर्थन वाली कंपनी Green SM ने दिल्ली-NCR में अपनी फुली इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस की शुरुआत की है, जिसके साथ ही कंपनी ने भारतीय बाजार में पहली बार एंट्री मारी है. जानकारी के अनुसार कंपनी शुरुआत में नेशनल कैपिटल रीजन यानी NCR में यह सर्विस चलाएगी और बाद में इसे धीरे-धीरे देश के दूसरे शहरों तक फैलाय जाएगा.खास बात यह है कि फ्लीट-ओरिएंटेड मॉडल को कंपनी ने सियान कलर में पेश किया है, और इन पर Green SM की ब्रांडिंग दी गई है. कार में व्हील कवर वाले स्टील व्हील्स दिए गए हैं. Limo Green के पावरट्रेन की बात करें तो इसमें एक सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर लगाई जाती है, जो इसके अगले व्हील्स को पावर देती है.इस मोटर को चलाने के लिए कंपनी ने इसमें 60.13 kWh का बड़ा बैटरी पैक लगाया है. कार की इलेक्ट्रिक मोटर 201 bhp की पावर और 280 Nm का टॉर्क प्रदान करती है. यह MPV फुल चार्ज होने पर 517 km तक की ARAI-सर्टिफाइड रेंज प्रदान करती है.इसके आने से, Green SM देश में Uber और Ola जैसी पहले से मौजूद राइड-हेलिंग कंपनियों से मुकाबला करेगी. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सर्विस VinFast Limo Green का इस्तेमाल करके ऑपरेट की जाएगी, जो कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्टेशन के लिए खास तौर पर बनाई गई एक 7-सीट वाली इलेक्ट्रिक MPV है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रुद्रपुर में साल 2012 में 11 वर्षीय बच्चे का किडनैप करके परिजनों से फिरौती मांगने के बाद उसे मौत की घाट उतारने के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की

News Pratyaksh | Updated : Sat 06th Jun 2026, 12:34 pm
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रुद्रपुर में साल 2012 में 11 वर्षीय बच्चे का किडनैप करके परिजनों से फिरौती मांगने के बाद उसे मौत की घाट उतारने के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने उसके खिलाफ कोई ठोस सबूतों न होने के कारण याचिका के विचाराधीन रहने तक अभियुक्त जगपाल को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं. मामले के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुद्रपुर ने संदीप शर्मा और जगपाल को 13 अगस्त 2015 को 11 वर्षीय बच्चे का अपहरण करने उसके बाद परिजनों से फिरौती मांगने फिर उसकी हत्या करने के जुर्म में आईपीसी की धारा 302, 364 अ के तहत आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माने से दंडित किया था और धारा 201 के तहत 10-10 हजार का जुर्माना और तीन साल की सजा सुनवाई थी. बीते दिन इस मामले में जगपाल के द्वारा जमानत के लिए प्रार्थनापत्र पेश किया गया. जमानत प्रार्थनापत्र में उनके द्वारा कहा गया कि इस मामले के सह अभियुक्त संदीप शर्मा की जमानत आठ अगस्त 2024 को हो चुकी है.उसी के आधार पर उन्हें भी जमानत पर रिहा किया जाए. उनके खिलाफ सीडीआर की कॉल डिटेल के अलावा कोई ठोस सबूत नहीं है. वह 13 साल से जेल में बंद है. मृत बच्चे का डीएनए उसके माता पिता से मेल नहीं खाता है. सरकार की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्तों ने रुद्रपुर से 27 जुलाई 2012 को 11 वर्षीय बच्चे का अपहरण किया गया. परिजनों से फिरौती मांगी और बाद में उसकी हत्या मेरठ में कर दी. पुलिस ने मेरठ से उसका शव बरामद किया. घटना के ठीक 24 दिन बाद बच्चे की स्कूल की ड्रेस रुद्रपुर बस स्टैंड के पास मिली. बच्चा 27 जुलाई 2012 को गयाब हुआ था, 29 जुलाई को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी. इसलिए सजा को बरकरार रखने के लिए पेश की गई सीडीआर की कॉल डिटेल ही काफी है. इसलिए इनकी जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाए

भारत के सबसे बड़े और लोकप्रिय टेलीकॉम कंपनियों में से एक वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) यानी Vi ने मेटा के साथ मिलकर भारत में एक नई टवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी लॉन्च की है, जिसका नाम Silent Mobile Verification यानी SMV है. यह टेक्नोलॉजी WhatsApp, In

News Pratyaksh | Updated : Fri 05th Jun 2026, 12:53 pm
भारत के सबसे बड़े और लोकप्रिय टेलीकॉम कंपनियों में से एक वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) यानी Vi ने मेटा के साथ मिलकर भारत में एक नई टवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी लॉन्च की है, जिसका नाम Silent Mobile Verification यानी SMV है. यह टेक्नोलॉजी WhatsApp, Instagram और Facebook जैसे Meta के प्लेटफॉर्म्स पर लॉगिन को न सिर्फ ज्यादा सुरक्षित बनाएगी, बल्कि पूरे प्रोसेस को कहीं ज्यादा आसान और तेज भी कर देगी. अब वीआई के यूज़र्स को बार-बार ओटीपी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए फीचर की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई भी क्रेडेंशियल या OTP की जरूरत नहीं होती है. इससे न यूजर को दूसरे ऐप में जाकर कोड देखना पड़ेगा, न ही किसी मैसेज का इंतजार करना होगा. वेरिफिकेशन सीधे टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए होती है, जो इसे पारंपरिक OTP सिस्टम से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाती है