Politics


तीन बार से जीत पार्टी को दर्ज दिलाने वाले विधायक केदार शुक्ला का टिकट इस बार कट गया !

News Pratyaksh | Updated : Tue 03rd Oct 2023, 06:47 pm
तीन बार से जीत पार्टी को दर्ज दिलाने वाले विधायक केदार शुक्ला का टिकट इस बार कट गया : मध्य प्रदेश के सीधी से बीजेपी के टिकट पर लगातार तीन बार से जीत पार्टी को दर्ज दिलाने वाले विधायक केदार शुक्ला का टिकट इस बार कट गया है. बीजेपी ने उनकी जगह सीधी सांसद रीति पाठक को टिकिट देकर चुनाव मैदान में उतारने का एलान किया है. पार्टी के इस फैसले से नाराज केदार शुक्ला सोमवार (2 अक्टूबर) को सीधी में शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि आदिवासी पेशाब कांड के कारण केदार शुक्ला का टिकट आलाकमान ने काट दिया है.यहां बताते चलें कि विधायक केदार शुक्ला ने संगठन के प्रति नाराजगी जाहिर करने के साथ ही सीधी सांसद रीति पाठक को टिकट मिलने पर भी सवाल उठाए हैं. सोमवार (2 अक्टूबर) को गांधी जयंती के अवसर पर विधायक केदार शुक्ला शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपने अगले निर्णय को सार्वजनिक करने की घोषणा की है. बताया गया कि गांधी जयंती पर सुबह 10.00 बजे विधायक केदार शुक्ला अपने निवास से पैदल मार्च करते हुए गांधी चौक स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे.इसके बाद कलेक्ट्रेट चौक स्थित बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प करने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण करेंगे. फिर यहीं पर एक सभा को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस सभा में विधायक केदार शुक्ला आगामी विधानसभा चुनाव में किसी दल से या फिर बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान करेंगे.टिकट कटने के बाद विधायक द्वारा नाराजगी जाहिर करने के साथ विभिन्न ग्रामों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की जा रही है. उन्होंने लोगों से जनसभा में पहुंचने की अपील भी की है. पिछले दिनों बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला ने सीधी सांसद रीति पाठक पर तंज भी कसा था. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता से पूछ लीजिए या सांसद से खुद पूछ लीजिए. अगर उन्होंने जिले की जनता के हित के लिए 100 रुपये भी खर्च किया हो. वे अब तक पार्टी के नाम से जीतती आई हैं. उन्होंने कहा कि रीति पाठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीतती आई हैं. जबकि उनके क्षेत्र में उनका कोई वर्चस्व नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि क्षेत्र में इस बार जिन्होंने टिकट के लिए सर्वे किया है, उन्होंने पार्टी आलाकमान को मिसगाइड किया है. क्योंकि क्षेत्र में जनता से जाकर कोई भी पूछ ले तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हो जाएगा. #newspratyaksh #MadhyaPradesh #bjp #kedarshukla  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना अंदाज बदलने की घोषणा पर अमल किया !

News Pratyaksh | Updated : Wed 27th Sep 2023, 03:24 pm
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना अंदाज बदलने की घोषणा की तो भी किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह किसी एक दिन में इतने मंत्रियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों की हाजिरी देखने पहुंच जाएंगे: वह एक झटके में मंत्री से लेकर विभागीय प्रमुख के चैंबर में पहुंचने लगे। यहां तक कि राष्ट्रीय जनता दल कोटे के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर अपने कक्ष में नजर नहीं आए तो मुख्यमंत्री ने तत्काल कॉल लगवा कर पूछ लिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद से मुख्मयंत्री नीतीश कुमार ने कभी एक दिन में इस तरह कई विभागों का निरीक्षण नहीं किया था। इस औचक निरीक्षण में जो मंत्री या अफसर जगह पर थे, वह सीएम को सामने पाकर हाथ जोड़े खड़े नजर आए तो जो अफसर-मंत्री नहीं थे, खबर पाकर परेशान हो गए।इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहे हैं। कभी सचिवालय तो कभी कभी जदयू कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सबको चौंकाने वाले सीएम नीतीश कुमार आज अचानक कई कार्यालय पहुंचे। बैक टू बैक कई विभाग पहुंचे तो कर्मचारी, अधिकारी और मंत्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ अधिकारी और मंत्री दफ्तर में मिले तो कुछ गायब भी दिखे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने की सूचना पर यह लोग अधिकारी दौड़ते आए। सबसे पहले सीएम सुबह साढ़े नौ बजे विकास भवन पहुंचे और वहां का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद सीएम विश्वेश्वरैया भवन पहुंचे और वहां भी औचक निरीक्षण किया। बता दें कि 2013 के बाद वापस 20 सितंबर से नीतीश कुमार सरकारी विभाग के कार्यालय का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वो लापरवाह अधिकारियों की क्लास लगाते भी दिखे। सीएम नीतीश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह सप्ताह में तीन दिन साढ़े 9 बजे सरकारी विभाग के कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे। सीएम नीतीश कुमार के इस कदम के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार ने एक साथ इतने विभागों का निरीक्षण कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।सीएम नीतीश कुमार ने विकास भवन तथा विश्वेश्वरैया भवन स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों का निरीक्षण किया निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर, गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता, उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे सभी मंत्री अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित नहीं थे। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित थे। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे लेकिन जब मुख्यमंत्री उनके कक्ष में खड़े थे तो उसी समय भवन निर्माण मंत्री अपने कार्यालय पहुंचे और देर से पहुंचने की सफाई दी। मुख्यमंत्री जब शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के कार्यालय कक्ष पहुंचे और वहां वे उपस्थित नहीं थे तो मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री को फोन लगवाया और पूछा कि अभी तक कार्यालय क्यों नहीं पहुंचे हैं, सभी को साढ़े नौ बजे तक कार्यालय पहुंचना है। मंत्रियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और निर्धारित समय पर कार्यालय आने के लिये निर्देशित किया। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, कृषि एवं परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे। शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव भी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। इन सभी की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संदीप पौण्ड्रिक, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि अपने कार्यालय में उपस्थित थे। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी अपने कक्ष में नहीं थे लेकिन जानकारी मिली कि वे आधिकारिक तौर पर दिल्ली गए हुए है। मुख्यमंत्री ने विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम का जायजा लिया। #NitishKumar #Bihar #NitishKumar

बिहार में चल रहा है जंगलराज, मांझी, पशुपति और चिराग अकारण नहीं हैं भाजपा के साथ : संबित पात्रा

News Pratyaksh | Updated : Wed 27th Sep 2023, 03:17 pm
बिहार में चल रहा है जंगलराज, मांझी, पशुपति और चिराग अकारण नहीं हैं भाजपा के साथ : संबित पात्रा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बिहार में एक महादलित महिला के साथ हुई दरिंदगी को संगीन मामला बताते हुए कहा है कि बिहार में जंगलराज चल रहा है। भाजपा मुख्यालय में मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा कि जब जंगलराज होगा तो ऐसा ही (अपराध) होगा। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि जब-जब बिहार में जंगलराज आया है तब-तब महादलितों, दलितों और पिछड़ों के साथ यही हुआ है। यह अकारण नहीं है कि आज चाहे जीतनराम मांझी हो चाहे पशुपति पारस हो या चाहे चिराग पासवान हो, ये सारे भाजपा के साथ एनडीए में हैं, कारण है कि इन सभी ने इस खून के घूंट को झेला है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का जंगलराज बिहार में चल रहा है, यह केवल निंदा का विषय नहीं है बल्कि उठकर घोर संघर्ष करने का विषय है। कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एवं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की बयानबाजी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा कि घमंडिया गठबंधन आपस में ही लड़ रही है, इंतजार कीजिए, जब जोरदार धमाका होगा तब सब सुनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि यह सब आपस में लड़ेंगे क्योंकि ये सब देश का कल्याण करने या देश को बचाने कर लिए नहीं, बल्कि लूटखसोट के लिए और अपने परिवार को बचाने के लिए एक साथ आए हैं और इनके बीच खेल शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि बाजवा और मान के बीच चल रही बयानबाज़ी का सवाल तो रेफरी राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए। #newspratyaksh #bihar #SambitPatra

ऐसे तो बिहार में शराबबंदी है नहीं। इसके नाम पर गरीबों की हत्या हो रही है - जीतन राम मांझी

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:11 pm
बिहार के मुजफ्फरपुर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत और दो लोगों के आंख की रोशनी जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है।गया में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुजफ्फरपुर की घटना के विषय में पूछे गए सवाल पर मांझी ने कहा कि ऐसे तो बिहार में शराबबंदी है नहीं। इसके नाम पर गरीबों की हत्या हो रही है, गरीबों को जेल भेजा जा रहा है।उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार अपने अहंकार में हैं। इन्हें समझ ही नहीं आता है कि क्या करें। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख मांझी ने कहा कि जब हमलोग इनके साथ थे तब भी मैंने खुद इन्हें कहा था कि आपकी शराब नीति गलत है।उन्होंने कहा कि मैंने गुजरात की तरह शराब नीति बनाने की वकालत की थी। इससे राज्य को आर्थिक लाभ भी होता और गरीब जो जहरीली शराब पीने से मर जा रहे हैं, वे भी नहीं मरेंगे।उन्होंने आगे कहा कि लोग चोरी छिपे जल्दबाजी में शराब बनाते हैं और नशा के लिए कई तरह की चीजें अधिक मात्रा में डाल देते है, जिससे शराब जहरीली हो जाती है और यही गरीब पीकर मरते हैं। बड़े लोग तो महंगी शराब पीते हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी लागू है और लोगों की शराब पीने से मौत भी होती रहती है। #newspratyaksh #Bihar #sarabbandi #JitanRamManjhi