बोकारो में मां-बेटे की मौत का मामला: मां की 8-10 दिन पहले, बेटे की 24 घंटे पहले हुई मौत
बोकारो: को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट संख्या 69 में मां-बेटे के शव मिलने के मामले में पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। 60 वर्षीय अनीता देवी की मौत करीब 8 से 10 दिन पहले, जबकि उनके 30 वर्षीय बेटे नीतेश कुमार की मौत शव मिलने से लगभग 24 घंटे पहले हुई थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में फिलहाल किसी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच जारी है। गुरुवार शाम प्लॉट संख्या 69 से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी।
सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी राजीव रंजन और सिटी थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आवास का दरवाजा खुला हुआ था। जांच के दौरान ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में अनीता देवी का शव मिला, जबकि प्रथम तल पर बाथरूम के पास नीतेश का शव पड़ा था।
रांची से पहुंची FSL टीम, नहीं मिला संदिग्ध सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से चार सदस्यीय FSL टीम को बुलाया गया। टीम ने गुरुवार देर रात प्लॉट संख्या 69 के अंदर जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। हालांकि, जांच के दौरान ऐसा कोई संदिग्ध सामान या स्पष्ट सुराग नहीं मिला, जिससे किसी आपराधिक घटना की पुष्टि हो सके।
पुलिस के अनुसार, नीतेश के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले और गले पर भी किसी तरह के निशान नहीं थे। घर के अंदर भी तत्काल ऐसी कोई स्थिति नहीं मिली, जिससे मौत का स्पष्ट कारण सामने आए।
मां की मौत के बाद कई दिन तक घर में रहा बेटा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि अनीता देवी की मौत के बाद नीतेश ने इसकी सूचना किसी को नहीं दी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि नीतेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह पहले से कमजोर था। इसी आधार पर पुलिस इस संभावना की पड़ताल कर रही है कि मां की मौत के बाद वह कई दिनों तक घर में अकेला रहा और बाद में उसकी भी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, नीतेश ने जून महीने के बाद अपने मोबाइल से किसी से बातचीत नहीं की थी और उसके पास किसी के फोन आने की जानकारी भी नहीं मिली है।
रात दो बजे मर्चरी भेजे गए शव
FSL जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने रात करीब दो बजे दोनों शवों को घटनास्थल से उठाकर BGH के मर्चरी हाउस में रखवाया। शुक्रवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम जानकारी में अनीता देवी की मौत 8 से 10 दिन पहले और नीतेश की मौत करीब 24 घंटे पहले होने की बात सामने आई।
शुक्रवार को प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. अभय सिन्हा समेत परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार किया। अनीता देवी डॉ. अभय सिन्हा की बहन थीं, जबकि नीतेश उनका भांजा था।
लंबे समय से कटा था बिजली कनेक्शन
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्लॉट संख्या 69 स्थित इस आवास में कई वर्षों से बिजली कनेक्शन नहीं था। बकाया बिजली बिल के कारण BSL की ओर से कनेक्शन काट दिया गया था। बताया गया कि तीनों भाई-बहन अलग-अलग रहते थे।
फिलहाल पुलिस मौत के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।