Bihar


स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors अपनी Tata Punch का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च करने वाली है

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:17 pm
स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors अपनी Tata Punch का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च करने वाली है. कंपनी ने इस कार का एक टीजर जारी किया है, जिसमें अब तक की सबसे बड़ी जानकारी यह दी गई है, कि इसमें एक नया इंजन विकल्प दिया जाएगा. जो खरीदार इस माइक्रो SUV से ज़्यादा पावर और टॉर्क चाहते थे, वे अब स्टैंडर्ड नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल के साथ टर्बो-पेट्रोल इंजन का विकल्प भी चुन सकते हैं.इस माइक्रो SUV के दूसरे टीज़र में कुछ नए एलिमेंट्स की झलक दिखाई गई है, जिसमें एक नया कलर डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल है. लेकिन इसे Tata Punch EV की 10.25-इंच स्क्रीन से कन्फ्यूज़ न हों, साथ ही अलॉय व्हील्स और 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स, और सबसे ज़रूरी iTurbo बैज भी दिखाया गया है. टाटा ने पहले iTurbo बैज का इस्तेमाल टर्बो-पेट्रोल Tata Altroz को उसके स्टैंडर्ड पेट्रोल और डीज़ल मॉडल से अलग दिखाने के लिए किया था, जिसके बाद में इस वेरिएंट को रीब्रांड करके रेसर नाम दिया गया. इसमें दिखने वाले दूसरे एलिमेंट्स की बात करें तो इसमें फ्री-स्टैंडिंग सेंट्रल टचस्क्रीन मिलने वाली है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:14 pm
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने लालू यादव की याचिका पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को करने का आदेश दिया.बता दें कि 13 अक्टूबर को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया था. कोर्ट ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है. उन्होंने कहा था कि पहले सीबीआई ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है. उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है. ये कानून सम्मत नहीं है. लालू यादव की दलीलों का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं. 28 जनवरी 2019 को ट्रायल कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी थी. कोर्ट ने एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी.

#newspratyaksh #UPWarriorz वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL 2026) का चौथा सीजन 9 जनवरी से शुरू होने वाला है. उससे पहले यूपी वॉरियर्स (UP-W) ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग को अपना नया कप्तान बना दिया है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:12 pm
#newspratyaksh #UPWarriorz वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL 2026) का चौथा सीजन 9 जनवरी से शुरू होने वाला है. उससे पहले यूपी वॉरियर्स (UP-W) ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग को अपना नया कप्तान बना दिया है. फ्रेंचाइजी ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इसकी जानकारी दी.इससे पहले भारतीय महिला टीम के दिग्गज ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा यूपी वॉरियर्स की कप्तान थीं. दीप्ति शर्मा ने WPL के पिछले सीजन 2025 में नियमित कप्तान और मेग की पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टीम-मेट, विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली की गैरमौजूदगी में फ्रेंचाइजी का नेतृत्व किया था.मेग WPL के तीनों सीजन दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान रहीं और तीनों बार उन्होंने अपनी टीम को फाइनल में भी पहुंचाया, लेकिन कभी वो खिताब नहीं जीत सकीं. क्रिकेट फैंस को हैरानी तब हुई तब WPL के चौथा सीजन से पहले दिल्ली ने अपनी कप्तान को ही रिलीज कर दिया जिसके बाद यूपी ने उनको मेगा ऑक्शन 1.9 करोड़ रुपये में साइन कर लिया.

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय संथाल के देवघर और दुमका दौरे पर हैं

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:10 pm
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय संथाल के देवघर और दुमका दौरे पर हैं. सोमवार की सुबह दुमका में उन्होंने सपरिवार विधि विधान के साथ बासुकीनाथ धाम में पूजा अर्चना की. पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने बाबा से देश में सुख, समृद्धि और तरक्की की कामना की है. यहां से वे सीधे तपोवन जाएंगे. जहां तपोवन पहाड़ी का निरीक्षण करेंगे और फिर बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.आज थोड़ी देर बाद सुबह करीब 10:30 बजे देवघर स्थित तपोवन पहाड़ का निरीक्षण करेंगे. यहां चुनावी बुनियादी ढांचे की समीक्षा करेंगे. करीब 11:00 बजे मोहनानंद प्लस-2 उच्च विद्यालय, तपोवन में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ बैठक और संवाद करेंग. साथ ही झारखंड में होने जा रहे SIR पर भी विस्तृत चर्चा करेंगे. दोपहर 12:00 बजे तपोवन में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ इंटरैक्शन करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:20 बजे देवघर एयरपोर्ट से नई दिल्ली रवाना का शेड्यूल है.बासुकीनाथ धाम को फौजदारी बाबा भी कहा जाता है. देवघर के बाबा मंदिर में पूजा के बाद फौजदारी बाबा के दरबार में माथा टेकने से पूजा पूर्ण मानी जाती है. इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त के आगमन को लेकर बासुकीनाथ मंदिर में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई थी. इससे पहले मंदिर परिसर पहुंचने पर दुमका के निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. वहीं, दुमका जिला प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया.

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच उत्तर 24 परगना के बारासात में टीएमसी नेता के सामने रखे टेबल पर भारी मात्रा में नोटों के बंडल रखे होने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:08 pm
पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच उत्तर 24 परगना के बारासात में टीएमसी नेता के सामने रखे टेबल पर भारी मात्रा में नोटों के बंडल रखे होने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.हालांकि ईटीवी भारत ने वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं की है. लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाई दे रहा है कि बारासात ब्लॉक नंबर एक के पंचायत समिति के उपाध्यक्ष मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल बैठे हैं. रुपयों के बंडल के ठीक पीछे एक व्यापारी भी कुर्सी पर बैठा है. वह फ़ोन पर किसी और से बात करने में व्यस्त है. इस दौरान फोन पर बातचीत में, उसे यह कहते हुए सुना गया, कैश नहीं लेंगे, फ़ाइनेंस से पैसे चाहिए.वीडियो सामने आने के बाद ऐसे सवाल उठने लगे हैं कि यह सारा पैसा किस काम का है? वहीं बीजेपी ने इसको लेकर तृणमूल पर तंज कसा है.सत्ताधारी टीएमसी ने कहा है कि यदि वीडियो असली पाया जाता है तो पार्टी सही एक्शन लेगी. वीडियो में दिख रहे नोटों की गड्डियों ने कुर्सी पर बैठे बिजनेसमैन के चेहरे को लगभग ढक दिया है. उनके बाईं ओर गियासुद्दीन मंडल हैं. वह भी किसी से फोन पर बात कर रहे हैं. मोहम्मद गियासुद्दीन इलाके में एक प्रभावशाली तृणमूल नेता के रूप में जाने जाते हैं. पता चला है कि वह लंबे समय से जमीन के लेन-देन में शामिल रहा है.वीडियो में टेबल पर पांच सौ रुपये के नोटों के बंडल रखे हुए दिख रहे हैं. साथ ही उस कमरे में दो लोग पैसे गिनते हुए दिख रहे हैं. थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति नायलॉन बैग लेकर आता है. वह बैग भी पैसों से भरा हुआ है. हालांकि, लोगों में यह जानने की उत्सुकता पैदा हो गई है कि वह पैसा क्या है.हालांकि, तृणमूल नेता गियासुद्दीन मंडल ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. परंतु, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वीडियो 2002 का है. उस कमरे में जमीन के लेन-देन के पैसे गिने जा रहे थे. गियासुद्दीन के करीबी लोगों का दावा है कि उस लेन-देन में तृणमूल नेता का कोई रोल नहीं था. हालांकि, उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया.इस बीच, वीडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू शुरू हो गई है. पर भी तक यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो किसने बनाया.भाजपा ने इस मुद्दे पर तृणमूल की आलोचना की है. इस संबंध में, भाजपा राज्य समिति के सदस्य तपस मित्रा ने कहा, "गियासुद्दीन मंडल एक भू-माफिया है. तृणमूल पार्टी इन सभी चोरों और माफियाओं के साथ चल रही है. और यह घटना इस बात का सबूत है कि सत्ताधारी पार्टी के नेता पश्चिम बंगाल को कैसे लूट रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता अब मैदानों में रहना पसंद नहीं करते. जहां भी उन्हें रुपयों का पहाड़ दिखता है, वे वहीं रुक जाते हैं. उन्होंने कहा कि गियासुद्दीन मंडल और उससे जुड़े लोगों को तुरंत ईडी की कस्टडी में लेने की जरूरत है और इस पैसे के स्रोत का पता लगाने की ज़रूरत है."

बिहार के गया के रहने वाले आर्मी कैप्टन मनोज सिंह 30 सालों के तक भारतीय सेना में योगदान देने के बाद रिटायर हुए हैं.

News Pratyaksh | Updated : Mon 05th Jan 2026, 12:04 pm
बिहार के गया के रहने वाले आर्मी कैप्टन मनोज सिंह 30 सालों के तक भारतीय सेना में योगदान देने के बाद रिटायर हुए हैं. सेवानिवृत होने के बाद जब वह अपने गांव पहुंचे तो उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया गया. उनके स्वागत में लोग कई किलोमीटर तक पैदल चले. फूल मालाओं से लाद दिया. वही, बैंड बाजे से देश भक्ति धुनों की गूंज होती रही. रिटायर आर्मी कैप्टन मनोज सिंह गया के मानपुर प्रखंड अंतर्गत अमरा गांव के रहने वाले हैं. जानकारी के अनुसार आर्मी कैप्टन मनोज सिंह ऑपरेशन कारगिल जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में भी शामिल रहे. 30 वर्षों तक भारतीय सेना में योगदान के दौरान उन्होंने कई मौके पर विशिष्ट सेवा दी.वहीं, कैप्टन मनोज सिंह के रिटायर होने पर उन्हें आशीर्वाद देने उनकी मां शांति देवी और पिता सिद्धेश्वर सिंह भी मानपुर बाजार पहुंचे थे. इस दौरान अमरा के सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण भी आए थे. तमाम लोग कई किलोमीटर पहले से ही कैप्टन मनोज सिंह के साथ पैदल चलकर भव्य स्वागत का हिस्सा बने. कई किलोमीटर पैदल चलकर अमरा गांव को पहुंचे.
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