Bihar


विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर आयकर विभाग की देशव्यापी कार्रवाई

News Pratyaksh | Updated : Wed 19th Aug 2026, 12:50 pm
विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर आयकर विभाग की देशव्यापी कार्रवाई नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार, आयकर विभाग ने संदिग्ध विदेशी धन प्रेषण के मामलों की जांच के लिए देशभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम के डेटा विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जा रही है। जांच में ऐसी कई कंपनियों और संस्थाओं की पहचान हुई है, जिनका घोषित कारोबार बेहद कम या शून्य है, लेकिन उन्होंने विदेशों में बड़ी रकम भेजी है। विभाग को इनके घोषित टर्नओवर और विदेश भेजे गए धन के बीच गंभीर असंगति मिली है। फर्जी ट्रस्ट और शेल कंपनियों का नेटवर्क CBDT के मुताबिक, फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों के खिलाफ तलाशी के दौरान कथित तौर पर एक नेटवर्क का पता चला। इन ट्रस्टों पर फर्जी दान के जरिए ‘अकोमोडेशन एंट्री’ तैयार करने और उस धन को विदेश भेजने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं या बेहद मामूली टर्नओवर दिखा रही थीं, जबकि उनके जरिए विदेशों में भारी रकम भेजी गई। कागजों पर दफ्तर, विदेशों में बड़ी रकम जमीनी सत्यापन के दौरान कुछ कंपनियां अपने घोषित पते पर कारोबार करती हुई नहीं मिलीं। विदेश भेजे गए धन के लिए सॉफ्टवेयर आयात, माल ढुलाई और कंसल्टेंसी जैसी वजहें बताई गईं, लेकिन ये दावे उनकी वास्तविक वित्तीय स्थिति से मेल नहीं खाते पाए गए। जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। विभाग के अनुसार, सीमित संख्या में पेशेवरों द्वारा बड़ी संख्या में Form 15CB प्रमाणपत्र जारी किए गए और विदेश भेजा गया पैसा कुछ चुनिंदा विदेशी समूहों के खातों तक पहुंचा। आयकर विभाग अब इन लेनदेन की कड़ियों, कंपनियों की वास्तविक गतिविधियों, संबंधित ट्रस्टों और विदेश में रकम प्राप्त करने वाले पक्षों की विस्तृत जांच कर रहा है।

बिहार के 144 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू, अब रजिस्ट्री के दिन ही मिलेगा रंगीन दस्तावेज

News Pratyaksh | Updated : Tue 18th Aug 2026, 12:45 pm
बिहार के 144 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू, अब रजिस्ट्री के दिन ही मिलेगा रंगीन दस्तावेज बिहार: राज्य के सभी 144 निबंधन कार्यालयों में सोमवार से पेपरलेस रजिस्ट्री की नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया, चनपटिया, नरकटियागंज, लौरिया और बगहा समेत सभी पांच निबंधन कार्यालयों में भी यह व्यवस्था लागू हो गई है। हालांकि, बेतिया जिला अवर निबंधन कार्यालय और चनपटिया में 3 अगस्त से ही पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत कर दी गई थी। नई व्यवस्था के तहत भूमि खरीदारों को बड़ा फायदा मिलने जा रहा है। अब रजिस्ट्री के दिन ही क्रेता को रंगीन दस्तावेज उपलब्ध कराया जाएगा। इस दस्तावेज पर कार्यालय की मुहर और संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर भी होंगे। जिला अवर निबंधक गिरीशचंद ने बताया कि विभाग के सचिव के निर्देश के बाद सोमवार से इस व्यवस्था को शुरू कर दिया गया है। इस पेपरलेस दस्तावेज की एक खासियत यह भी होगी कि इसके हर पन्ने पर QR कोड मौजूद रहेगा। QR कोड की मदद से संबंधित जमीन की जानकारी बैंक और वित्तीय संस्थान जरूरत पड़ने पर आसानी से जांच सकेंगे। नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में कागजी काम कम होने के साथ-साथ दस्तावेजों की जांच और सत्यापन भी पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है।

BPSC TRE-4 का इंतजार खत्म! 32,388 पदों पर शिक्षक बहाली, STET अभ्यर्थियों को भी मौका

News Pratyaksh | Updated : Tue 18th Aug 2026, 12:43 pm
BPSC TRE-4 का इंतजार खत्म! 32,388 पदों पर शिक्षक बहाली, STET अभ्यर्थियों को भी मौका पटना: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC मंगलवार शाम तक TRE-4 का विज्ञापन जारी कर सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई अधियाचना के मुताबिक, इस भर्ती अभियान के तहत कुल 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस भर्ती में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षकों के पद शामिल हैं। किस कक्षा के लिए कितने पद? TRE-4 में सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 के लिए 3,877 पद और कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847 पद हैं। यानी कुल भर्ती में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी उच्च माध्यमिक यानी 11वीं-12वीं के शिक्षकों की होगी। STET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत TRE-4 को लेकर सबसे अहम खबर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए है। विभिन्न विषयों में कक्षा 9-10 और 11-12 के शिक्षकों की पात्रता के लिए STET परीक्षा आयोजित की जा रही है और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान STET में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को भी TRE-4 में आवेदन करने का अवसर मिल सकता है। यानी जो अभ्यर्थी इस समय STET परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी चौथे चरण की शिक्षक भर्ती में आवेदन कर सकेंगे। अब अभ्यर्थियों की नजर BPSC के विज्ञापन पर है, जिसके जारी होते ही आवेदन की तारीख, पात्रता और अन्य महत्वपूर्ण नियमों की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।

पटना में लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा बढ़ा? 5 दिन में दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव

News Pratyaksh | Updated : Tue 18th Aug 2026, 12:41 pm
पटना में लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा बढ़ा? 5 दिन में दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव पटना: नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल यानी NMCH के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण की जांच में एक और महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। सोमवार को टॉक्सोप्लाज्मा लैब में लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण के चार संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई। इनमें खुशरूपुर की 31 वर्षीय महिला की रिपोर्ट लेप्टोस्पायरोसिस IgM के लिए पॉजिटिव आई है। विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार के मुताबिक, महिला फिलहाल NMCH के औषधि विभाग में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। खास बात यह है कि पांच दिनों के भीतर लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का यह दूसरा पॉजिटिव मामला सामने आया है। इससे पहले 13 अगस्त को अगमकुआं निवासी 48 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट भी लेप्टोस्पायरोसिस IgM के लिए पॉजिटिव मिली थी। वह भी अस्पताल के औषधि विभाग में भर्ती थी। बिहार में NMCH में जांच की सुविधा डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बिहार के सरकारी अस्पतालों में फिलहाल NMCH में लेप्टोस्पायरोसिस की जांच की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल को इस संक्रमण के लिए निगरानी केंद्र भी बनाया गया है। सरकारी अस्पताल में भर्ती किसी मरीज में लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण पाए जाने पर NMCH में उसकी निःशुल्क जांच कराई जा सकती है। चूहे और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा लेप्टोस्पायरोसिस एक ऐसा संक्रमण है जो संक्रमित चूहों और अन्य पशुओं के मल-मूत्र, दूषित पानी या संक्रमित मिट्टी के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंच सकता है। बारिश और बाढ़ के दौरान इसका खतरा बढ़ सकता है। बाढ़ का पानी आबादी वाले इलाकों में पहुंचने पर जंगली चूहे सुरक्षित जगह की तलाश में घरों और शहरों की तरफ आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को दूषित पानी और गंदे पानी के संपर्क से बचने और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।

बिहार पुलिस का बड़ा फैसला: प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण में AK-47, INSAS और SLR पर रोक

News Pratyaksh | Updated : Thu 13th Aug 2026, 11:59 am
बिहार पुलिस का बड़ा फैसला: प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण में AK-47, INSAS और SLR पर रोक पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय के नए आदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिस बल द्वारा अत्यधिक घातक हथियारों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब सामान्य प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी में पुलिस अधिकारी और जवान AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियार लेकर नहीं चल सकेंगे। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अनावश्यक बल प्रयोग को नियंत्रित करना है। भीड़ नियंत्रण में असॉल्ट हथियारों पर रोक मुख्यालय के निर्देश के मुताबिक, विधि-व्यवस्था की ड्यूटी और आम प्रदर्शनों के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इन हथियारों को केवल विशेष परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। इनका उपयोग उग्रवाद, आतंकवाद, संगठित अपराध और बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष छापेमारी या गंभीर अभियानों तक सीमित रखा जाएगा। सामान्य प्रदर्शन या भीड़ नियंत्रण के दौरान कोई भी अधिकारी या जवान इन हथियारों को साथ नहीं ले जा सकेगा। बिना अनुमति इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई पटना में एडीजी PHQ सुनील कुमार ने बताया कि महानिदेशक की ओर से सभी पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में ऑटोमैटिक हथियारों का इस्तेमाल वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और गंभीर मामलों में ही इन हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। बिना अनुमति इन हथियारों का इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभाग पहले भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुका है। पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को भीड़ नियंत्रण के दौरान बल प्रयोग को अधिक नियंत्रित और परिस्थिति के अनुरूप रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस के 29 जवान होंगे सम्मानित, 5 को वीरता पदक; कैलाश प्रसाद श्रेष्ठ को राष्ट्रपति पदक

News Pratyaksh | Updated : Wed 12th Aug 2026, 12:19 pm
स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस के 29 जवान होंगे सम्मानित, 5 को वीरता पदक; कैलाश प्रसाद श्रेष्ठ को राष्ट्रपति पदक रांची: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 झारखंड पुलिस के लिए गौरव का दिन बनने जा रहा है। वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए राज्य के कुल 29 पुलिस अधिकारी-कर्मियों को पदकों से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी सूची में राष्ट्रपति पदक, वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक पाने वाले अधिकारियों और जवानों के नाम शामिल हैं। कैलाश प्रसाद श्रेष्ठ को राष्ट्रपति पदक विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM) के लिए अवर निरीक्षक कैलाश प्रसाद श्रेष्ठ का चयन किया गया है। वर्तमान में वह झारखंड सशस्त्र पुलिस बल-1, रांची में पदस्थ हैं। उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। 5 पुलिसकर्मियों को मिलेगा वीरता पदक वीरता के लिए Gallantry Medal (GM) पाने वालों में लातेहार और जामताड़ा में तैनात पांच पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें विनय कुमार, प्रमोद कुमार राय, आरक्षी/175 पेद प्रकाश महतो, रामचन्द्र कुमार महतो और आरक्षी कृष्णा मुर्मू शामिल हैं। 23 को सराहनीय सेवा पदक Meritorious Service Medal (MSM) के लिए कुल 23 पुलिस अधिकारी-कर्मियों का चयन हुआ है। इनमें पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मी तक शामिल हैं। सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में आईपीएस डॉ. माइकलराज एस, आईपीएस अन्नपू विजायलक्ष्मी और आईपीएस अनुरंजन किस्पोट्टा समेत कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा नीरज कुमार, अरुण कुमार, अरविंद कुमार पालित, वाशिष्ट कुंवर, संजय कुमार झा, विजय कुमार, मो. इरफान, द्वारका मंडल, मानती खलखो, प्रभा देवी, मनोज कुमार राय, असीत कुमार मोदी, दीपक मुंडा, महेंद्र महतो, हवलदार विजय थापा, रंजिता कुजूर, विदेशी मांझी, अजय कुमार दुबे, पूजा अंडा और दीपक कुमार सिंह को भी सम्मानित किया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मी पुलिस मुख्यालय, ATS, STF, विशेष शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड सशस्त्र पुलिस बल, संचार एवं तकनीकी सेवाओं के साथ-साथ रांची, गढ़वा, चतरा, गुमला समेत विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।