Bihar


CM योगी को 24 घंटे में मारने की धमकी, डायल-112 पर कॉल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

News Pratyaksh | Updated : Wed 05th Aug 2026, 11:44 am
CM योगी को 24 घंटे में मारने की धमकी, डायल-112 पर कॉल करने वाला आरोपी गिरफ्तार बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 24 घंटे के भीतर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने डायल-112 पर कॉल कर मुख्यमंत्री को 24 घंटे के भीतर हत्या करने की धमकी दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और सर्विलांस की मदद से कॉल करने वाले की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

दलबदल कानून पर फिर होगी बहस? सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 12:00 pm
दलबदल कानून पर फिर होगी बहस? सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उस याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई, जिसमें संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) की संवैधानिक व्याख्या पर पुनर्विचार की मांग की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ-4 का वर्तमान स्वरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, क्योंकि इसके जरिए राजनीतिक दलों के विलय (Merger) के नाम पर विधायक और सांसद दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अल्पमत दल बहुमत में और बहुमत दल अल्पमत में बदल सकता है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत में इस मामले पर सुनवाई को लेकर हिचकिचाहट दिखाई और कहा कि यह ऐसा विषय है, जिस पर संसद और राजनीतिक दलों को भी विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि इस मुद्दे को अनुच्छेद 32 के तहत क्यों उठाया गया है। दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। यह याचिका हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में हुए राजनीतिक दलबदल और विधायकों के विलय की घटनाओं की पृष्ठभूमि में दाखिल की गई है। क्या आपको लगता है कि दलबदल विरोधी कानून में बदलाव की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

मॉनसून का रौद्र रूप! कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:57 am
मॉनसून का रौद्र रूप! कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित नई दिल्ली: देशभर में मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के असर से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं घाघरा, शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खराब मौसम के कारण कई उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। मध्य प्रदेश के 55 जिलों और राजस्थान के 10 जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 135 सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। उधर गुजरात में बाढ़ जैसे हालात के बीच 790 से अधिक लोगों को सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अगर आप बारिश प्रभावित क्षेत्र में हैं, तो प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।

बिहार बंद के आह्वान पर शनिवार को सिवान में छात्र सड़कों पर उतर आए। धीरे-धीरे गांधी मैदान की ओर बढ़ रही छात्रों की भीड़ बढ़ती गई। गांधी मैदान में पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।प्रदर्शन के दौरान छात्र नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस से उनकी

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jul 2026, 11:57 am
बिहार बंद के आह्वान पर शनिवार को सिवान में छात्र सड़कों पर उतर आए। धीरे-धीरे गांधी मैदान की ओर बढ़ रही छात्रों की भीड़ बढ़ती गई। गांधी मैदान में पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।प्रदर्शन के दौरान छात्र नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस से उनकी तीखी बहस हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।पथराव के बीच फायरिंग का आरोप छात्रों के एक गुट द्वारा पथराव शुरू किए जाने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के कारण मौके पर भगदड़ मच गई। पथराव में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। कुछ देर में पथराव तेज हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।#SiwanNews #BiharBandh #BiharNews #StudentProtest #SiwanProtest #GandhiMaidan #Lathicharge #BiharPolice #BreakingNews #newspratyaskh

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

News Pratyaksh | Updated : Thu 23rd Jul 2026, 11:47 am
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर नई दिल्ली। मेघालय में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की कथित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की रिहाई से चल रहे ट्रायल में बाधा उत्पन्न हो सकती है। हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर जताई आपत्ति सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कथित कमियों के आधार पर राहत देकर गलती की। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के आधारों से जुड़े विवाद जांच को प्रभावित करने का आधार नहीं बन सकते। पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि आरोपी को गिरफ्तारी से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे। 'जमानत नियम है, लेकिन…' सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि "जमानत नियम है और जेल अपवाद", लेकिन इस मामले में पहले भी मेरिट के आधार पर जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं और ट्रायल शुरू हो चुका है। ऐसे में इस चरण पर आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा। 6 महीने में ट्रायल पूरा नहीं हुआ तो दोबारा जमानत का विकल्प अदालत ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल में पर्याप्त प्रगति नहीं होती या वह पूरा नहीं होता, तो सोनम रघुवंशी नई जमानत याचिका दाखिल कर सकती हैं। मेघालय सरकार ने दी थी चुनौती यह आदेश मेघालय सरकार की उस याचिका पर आया, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई राहत को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि घटना के बाद आरोपी फरार हो गई थी और सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक का शव 10 दिन बाद मिला था और उसकी पहचान टैटू के आधार पर हुई थी। #SupremeCourt #SonamRaghuvanshi #RajaRaghuvanshi #Meghalaya #CourtNews #BreakingNews #CrimeNews #IndiaNews https://www.newspratyaksh.com/ #LatestNews #Judiciary #newspratyaksh