सरकारी क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में एक बार फिर बड़े लोन फ्रॉड का मामला सामने आया है.
News Pratyaksh | Updated : Sat 27th Dec 2025, 11:32 am
सरकारी क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में एक बार फिर बड़े लोन फ्रॉड का मामला सामने आया है. बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी है कि SREI इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) के पूर्व प्रमोटरों से जुड़े करीब 2,434 करोड़ रुपये के लोन को फ्रॉड के रूप में रिपोर्ट किया गया है. यह खुलासा शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को बाजार बंद होने के बाद की गई रेगुलेटरी फाइलिंग में हुआ.PNB के अनुसार, SEFL से संबंधित फ्रॉड की राशि 1,240.94 करोड़ रुपये है, जबकि SIFL से जुड़ा फ्रॉड 1,193.06 करोड़ रुपये का है. बैंक ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों में बकाया पूरी रकम के लिए पहले ही 100 प्रतिशत प्रोविजन कर लिया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि बैंक ने संभावित नुकसान को पहले ही अपनी बैलेंस शीट में शामिल कर लिया था.PNB ने 15 दिसंबर को एक अन्य एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हो रहा है. बेहतर रिकवरी, खातों के अपग्रेडेशन और नए स्लिपेज में कमी के चलते बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) सितंबर 2024 के अंत में 47,582 करोड़ रुपये से घटकर सितंबर 2025 के अंत तक 40,343 करोड़ रुपये रह गए हैं.विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि बैंक ने पहले ही पूरा प्रोविजन कर लिया है, इसलिए इस फ्रॉड का PNB की वित्तीय स्थिति पर दीर्घकालिक असर सीमित रह सकता है. हालांकि, बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से बैंकिंग सेक्टर की निगरानी और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सवाल जरूर खड़े होते हैं.