Bihar


भाजपा बिहार कोर कमिटी की आज नई दिल्ली में बैठक होगी। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

News Pratyaksh | Updated : Sat 11th Oct 2025, 10:18 am
भाजपा बिहार कोर कमिटी की आज नई दिल्ली में बैठक होगी। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में उम्मीदवारों के चयन पर विचार-विमर्श होगा। वहीं, पार्टी की 12 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।

प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने राज्य में उम्मीदवारों के टिकट तय करते समय जातिगत समीकरणों का जिस तरह ध्यान रखा है, उससे महागठबंधन और एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। गुरुवार को जिन 51 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई, उनमें से 17 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी

News Pratyaksh | Updated : Sat 11th Oct 2025, 10:18 am
प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने राज्य में उम्मीदवारों के टिकट तय करते समय जातिगत समीकरणों का जिस तरह ध्यान रखा है, उससे महागठबंधन और एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। गुरुवार को जिन 51 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई, उनमें से 17 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) से, 11 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से, नौ सामान्य वर्ग से और सात मुस्लिम समुदाय से हैं।

महागठबंधन के घटक दलों के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है। राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए विकासशील इंसान पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी के साथ बातचीत की। सीपीआई औैर सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव भी सीट बंट

News Pratyaksh | Updated : Sat 11th Oct 2025, 10:17 am
महागठबंधन के घटक दलों के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है। राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए विकासशील इंसान पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी के साथ बातचीत की। सीपीआई औैर सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव भी सीट बंटवारे के मुद्दे को सुलझाने के लिए पटना में हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लद्दाखी शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि

News Pratyaksh | Updated : Tue 07th Oct 2025, 11:26 am
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लद्दाखी शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हालिया नजरबंदी को चुनौती दी गई है. शीर्ष अदालत ने केंद्र, लद्दाख प्रशासन और जोधपुर जेल से जवाब मांगा है.यह मामला न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ के समक्ष आया. अंगमो ने जलवायु कार्यकर्ता की एनएसए के तहत हिरासत को चुनौती दी है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है.वांगचुक को 26 सितंबर को कठोर एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था. बता दें कि इससे दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में केंद्र शासित प्रदेश में 5 लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे.वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व किया और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र का प्रतिनिधित्व किया. शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार के लिए निर्धारित की है. मेहता ने कहा कि उनके निर्देश हैं कि यह उपलब्ध करा दिया गया है. पीठ ने कहा कि वह नोटिस जारी करेगी और मामले में एक छोटी तारीख तय करेगी.सिब्बल ने कहा कि उन्होंने बंदी (वांगचुक) को आधार बता दिए हैं और वे हमें भी हिरासत के आधार बता सकते हैं. मेहता ने कहा कि बंदी के वकील और भाई ने जेल में उससे मुलाकात की थी.सिब्बल ने कहा कि उन्होंने हमें इंटरकॉम पर उससे बात करने की अनुमति दी और कोई व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हुई. मेहता ने कहा कि कानून के अनुसार हिरासत के आधार बताए गए हैं.सब्ल ने कहा कि इस न्यायालय के दो फैसले हैं, जिनमें से एक फैसला न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला ने सुनाया था, और उन फैसलों के अनुसार परिवार के सदस्यों को हिरासत के आधार बताए जाने चाहिए.मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ता ने मुलाकात के संबंध में पहले ही अनुरोध कर दिया है और इस पर विचार किया जा रहा है, और अब तक 12 नाम दिए गए हैं. और एक-एक करके सभी को अनुमति दी जा रही है. मेहता ने कहा कि हमें अनावश्यक रूप से प्रचार नहीं करना चाहिए, और इस बात पर जोर दिया कि किसी को भी उससे मिलने से नहीं रोका जा रहा है.सुनवाई के दौरान, सिब्बल ने तर्क दिया कि उनकी मुवक्किल को उनके पति की हिरासत के आधार नहीं बताए गए हैं और हिरासत आदेश के अभाव में वह सरकार के समक्ष अभ्यावेदन दायर नहीं कर सकती हैं.

सुरक्षा के लिए पहुंची 8 कंपनियां बिहार चुनाव का ऐलान होते ही कैमूर जिले की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिले में चारों बोर्डर पर पांच चेकपोस्ट लगाए गए हैं। चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पैरामिलिट्री की 6 कंपनियां पहुंच चुकी हैं। कैमूर के एसपी हर

News Pratyaksh | Updated : Tue 07th Oct 2025, 11:25 am
सुरक्षा के लिए पहुंची 8 कंपनियां बिहार चुनाव का ऐलान होते ही कैमूर जिले की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिले में चारों बोर्डर पर पांच चेकपोस्ट लगाए गए हैं। चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पैरामिलिट्री की 6 कंपनियां पहुंच चुकी हैं। कैमूर के एसपी हरि मोहन शुक्ला ने बताया कि सुरक्षा के लिए कुल 72 कंपनियों की मांग थी, जिनमें से 8 कंपनियां आ चुकी हैं। यूपी बोर्डर पर पांच मल्टी एजेंसी फोर्स और 14 SST फोर्स भी तैयार हैं। जिले के पहाड़ी क्षेत्र में 11 बूथ ऐसे हैं, जहां नेटवर्किंग की समस्या है, वहां वायरलेस और इंटरनेट फोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मतदान के दौरान किसी भी समस्या से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।