Jharkhand


झारखंड में गुलाबी ठंड के साथ-साथ अब शाम के वक्त अच्छी खासी कंपकंपी हवा ने ठंड बढ़ा दी है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:22 am
झारखंड में गुलाबी ठंड के साथ-साथ अब शाम के वक्त अच्छी खासी कंपकंपी हवा ने ठंड बढ़ा दी है. अब आलम यह है कि शाम के वक्त अधिकतर लोग स्वेटर-जैकेट में नजर आ रहे हैं. जहां दिन में तेज धूप निकल रही है. वहीं, शाम को कंपकंपी हवा लोगों को ठंड का एहसास करा रही है. आने वाले 8 नवंबर तक कुछ ऐसी ही स्थिति रहने वाली है. झारखंड मौसम विभाग 9 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना जताई है.रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में राज्य का तापमान और नीचे जा सकता है. पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है. यही स्थिति लगभग हर जिले की देखी जा सकती है.रांची मौसम केंद्र ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छा सकता है. वहीं, दिन में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान पूरी तरह साफ रहने की संभावना है. इस दौरान बारिश का कोई संकेत नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर हो गया है, जो आमतौर पर सर्दी की शुरुआत का संकेत होता है.

झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव,

News Pratyaksh | Updated : Mon 03rd Nov 2025, 11:36 am
झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंंत्री चंपाई सोरेन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. क्योंकि सत्तारूढ़ दल इस उपचुनाव को बीजेपी नेता चंपाई सोरेन की राजनीतिक पारी समाप्ति की तरह देख रहा है.जैसे-जैसे घाटशिला उपचुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन की जगह उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आते जा रहे हैं. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता ने तो उन्हें विश्वासघाती बताते हुए घोषणा कर दी है कि 14 नवंबर को मतगणना के दिन बेटे और बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की हार होते ही चंपाई सोरेन का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा.झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी और नेता ने उन्हें राज्य की सबसे बड़े पद पर बैठाया और मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर चंपाई सोरेन के हाथों में सौंपी थी, उसी शख्स ने उनकी पार्टी और हेमंत सोरेन से विश्वासघात करके बीजेपी में चले गए. मनोज पांडेय ने कहा कि राज्य की जनता, खासकर आदिवासी, मूलवासी, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा समाज उस विश्वासघात को भूला नहीं है. घाटशिला की जनता चंपाई सोरेन के बेटे और बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को करारी हार देकर चंपाई सोरेन के विश्वासघात का बदला लेगी.

ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन माता तुलसी की पूजा का भी विधान है.

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Oct 2025, 11:45 am
ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन माता तुलसी की पूजा का भी विधान है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसीदल बेहद प्रिय हैं और उनकी पूजा-आराधना में तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रबोधिनी एकादशी के अगले दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह भी होता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में तुलसी विवाह भी कहा जाता है. बता दें, तुलसी को मां लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है. इसी सिलसिले में आइये जानते हैं देवउठनी एकादशी 2025 पर तुलसी पूजा के खास उपाय. उन्होंने कहा कि इस बार देवउठनी एकादशी की शुरुआत शनिवार 1 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट से हो रही है, जो रविवार 2 नवंबर को प्रात:काल 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. हिंदू धर्म में उदयातिथि की मान्यता है, इसलिए देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा और तुलसी विवाह भी इस दिन किया जाएगा. भगवान को लगाएं तुलसी दल का भोग डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन प्रात: काल पूजा के समय भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. ऐसा करने से श्री हरि और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा मिलेगी. धन संबंधित परेशानियां दूर होंगी और घर में सुख-समृद्धि आएगी. तुलसी के पौधे के नीचे जलाएं देसी घी का दीपक उन्होंने कहा कि इस दिन सभी जातकों को तुलसी के पौधे के नीचे गाय के शुद्ध घी का एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इसके बाद उस पौधे की परिक्रमा करें. ऐसा करेंगे तो मां लक्ष्मी के साथ-साथ तुलसी माता का भी आशीर्वाद मिलेगा. घर में सकारात्मकता आएगी. पूजा में करें इन मंत्रों का जाप डॉ. उमाशंकर मिश्र ने यह भी बताया कि सभी जातक पूजा के समय तुलसी मां के मंत्रों का जाप भी जरूर करें. ऐसा करने से मां की असीम कृपा बरसेगी. तुलसी के पौधे पर चढ़ाएं सुहाग सामग्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दिन सभी सुहागिनें तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा-अर्चना करें और उसके बाद 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. इससे धन की परेशानियों से निजात मिलती है.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले, जबकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद में एशियाई बाजारों में तेजी रही.

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Oct 2025, 11:32 am
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले, जबकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद में एशियाई बाजारों में तेजी रही. वहीं उच्च बाजार मूल्यांकन पर मजबूत कॉर्पोरेट आय वृद्धि का अभाव भारतीय इक्विटी के लिए एक अवरोधक कारक बना हुआ है.निफ्टी 50 सूचकांक 45.80 अंक या 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,982 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स ने 26.28 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,654.44 पर सत्र की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे बढ़कर 88.18 पर पहुंच गया.बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, "जून 2024 के बाद से भारतीय बाजारों का निफ्टी में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है, जो अक्टूबर में 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है. एफपीआई शॉर्ट्स 94 प्रतिशत से घटकर 80 प्रतिशत हो गए हैं.बाजार की चाल के अनुसार, भारतीय बाजारों को नवंबर में सितंबर 2024 में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर जाना चाहिए. हालांकि, वैश्विक बाजारों का सही मूल्यांकन मध्यम अवधि के लिए एक जोखिम है."उन्होंने आगे कहा कि तरलता, आय, मौद्रिक समर्थन और एआई-संचालित लाभ वैश्विक बाजारों को सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा रहे हैं.बग्गा ने कहा, "यह पार्टी शायद कम से कम एक और साल तक जारी रहेगी. पिछले 13 महीनों के खराब प्रदर्शन को देखते हुए, भारतीय बाजार 'पकड़ने और बेहतर प्रदर्शन' के क्षेत्र में हैं. उच्च बाजार मूल्यांकन पर मजबूत कॉर्पोरेट आय वृद्धि की कमी भारतीय बाजारों के लिए एक अवरोधक कारक रही है. अगले छह महीनों में इस परिदृश्य में सुधार होना चाहिए क्योंकि बाजारों में तेजी की उम्मीद है." अमेरिका में, अमेरिका-चीन तनाव में कमी, फेड द्वारा आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और मजबूत आय अनुमानों के बीच बाजारों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी रखी.निवेशक आज रात फेड के नीतिगत फैसले और अमेरिकी श्रम बाजार, मुद्रास्फीति और आर्थिक परिदृश्य पर टिप्पणियों पर कड़ी नजर रखेंगे. इस बीच, अमेरिकी सरकार के बंद होने का गतिरोध चार हफ्तों बाद भी बिना किसी समाधान के जारी है.

पूरे राज्य में अचानक ई-रिक्शा की संख्या में वृद्धि हुई है. इलेक्ट्रिक ऑटो रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर उभरा है.

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Oct 2025, 11:22 am
पूरे राज्य में अचानक ई-रिक्शा की संख्या में वृद्धि हुई है. इलेक्ट्रिक ऑटो रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर उभरा है. ई-रिक्शा चालकों को इस बात की जानकारी नहीं है कि इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने के लिए भी रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, साथ ही चालक को भी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है. जिस तरह से दो पहिया और चार पहिया गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस निर्गत किया जाता है, ठीक उसी तरह तीन पहिया गाड़ी चलाने का भी लाइसेंस जिला परिवहन कार्यालय निर्गत करता है.हजारीबाग जैसे छोटे शहर में लगभग 6000 से अधिक ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालय से हुआ है. इससे अधिक गाड़ी सड़कों पर दौड़ रही है. ई-रिक्शा युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा साधन बनकर उभरा है. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही कई ऐसे चालक हैं जो इलेक्ट्रिक ऑटो चला रहे हैं. यह नियम के खिलाफ है.हजारीबाग जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती ने बताया कि लोगों को जानकारी का अभाव होता है कि तीन पहिए गाड़ी चलाने के लिए भी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है. ई-रिक्शा चलाने के लिए भी जिला परिवहन कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करना होता है. चालक के पास रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो ई-रिक्शा चलाना गैरकानूनी है. उनके खिलाफ समय समय पर ड्राइव भी चलाया जाता है.जिले में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा जो बिना रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट के शहर में दौड़ रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की है. सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा जब्त कर कंट्रोल रूम में रखा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैसे ई-रिक्शा जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.ट्रैफिक थाना प्रभारी सरवन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कई दिनों से शहर में ट्रैफिक की समस्या बनी हुई है. बिना नंबर के ई-रिक्शा और ऑटो काफी संख्या में चल रहे हैं. पदाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगामी केरल विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए राज्य के पार्टी नेताओं के साथ नई दिल्ली के इंदिरा ..

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Oct 2025, 11:19 am
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगामी केरल विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए राज्य के पार्टी नेताओं के साथ नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बैठक के बाद आगामी केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत पर विश्वास व्यक्त किया.कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को राज्य के पार्टी नेताओं के साथ लगभग छह घंटे लंबी बैठक की. इसमें पार्टी को मजबूत करने और आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों पर चर्चा हुई. बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव दीपा दासमुनि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर, सांसद प्रियंका गांधी और अन्य कई नेता मौजूद थे.खड़गे ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, 'हम 100 फीसदी जीतेंगे. खड़गे ने पार्टी की राज्य इकाई में गुटबाजी की किसी भी अफवाह को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी नेता और पूर्व केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन के साथ चुनावों की रणनीतियों पर चर्चा की है. खड़गे ने आगे कहा, 'उन्होंने आपको (कथित गुटबाजी के बारे में) बताया होगा, लेकिन उन्होंने हमारी बैठक में कुछ ऐसा बताया है जिसका मैं खुलासा नहीं करना चाहता.'पार्टी नेता के. सुधाकरन भी इंदिरा भवन में हुई बैठक में शामिल हुए थे और उन्होंने बताया कि नेताओं ने अपनी राय साझा की और आगामी चुनावों पर चर्चा की. केपीसीसी के पूर्व प्रमुख के. सुधाकरन ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, 'हमने वर्तमान राजनीति, आगामी चुनावों और पार्टी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. हमने अपनी राय साझा की और अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर चर्चा करके निर्णय लेगा. उसके अनुसार हम चुनावों का सामना करेंगे.' गहन चर्चा के तुरंत बाद पार्टी नेता दीपा दासमुंशी ने भी कांग्रेस की केरल इकाई में गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी एकजुट है. मंगलवार को बैठक के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए दासमुंशी ने कहा कि इस तरह के आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा कृत्रिम रूप से गढ़े जा रहे हैं.