Jharkhand


झारखंड की पहली महिला डीजीपी के तौर पर आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने अपना योगदान दे दिया

News Pratyaksh | Updated : Fri 07th Nov 2025, 12:01 pm
झारखंड की पहली महिला डीजीपी के तौर पर आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने अपना योगदान दे दिया है. गुरुवार को सरकार ने तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया था. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में बतौर डीजीपी के रूप में तदाशा मिश्रा ने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया. 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने झारखंड के प्रभारी डीजीपी के रूप में अपना योगदान दे दिया है. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में तदाशा मिश्रा ने अपना पदभार ग्रहण किया. आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता के वीआरएस लेने के बाद झारखंड में डीजीपी का पद रिक्त हो गया था.प्रभारी डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद तदाशा मिश्रा ने बताया कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता झारखंड स्थापना दिवस है. इसके अलावा बेसिक पुलिसिंग पर उनका विशेष जोर रहेगा. संगठित अपराध और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि पुलिस एक टीम की तरह काम करेगी, किसी एक व्यक्ति विशेष पर सब कुछ निर्भर नहीं करेगा. एक अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता है लेकिन एक टीम सब कुछ कर सकती है. पब्लिक का विश्वास जीतना उनकी विशेष प्राथमिकता में है.

तमिलनाडु के एक प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान वहां ये खजाना मिला. ये 103 प्राचीन सोने के सिक्के तीन नवंबर को मिट्टी के एक घड़े में दबे मिले.प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने बताया कि यह मंदिर कई सदियों पुराना है और माना जाता है कि इसे चोल सम्राट राज

News Pratyaksh | Updated : Thu 06th Nov 2025, 11:30 am
तमिलनाडु के एक प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान वहां ये खजाना मिला. ये 103 प्राचीन सोने के सिक्के तीन नवंबर को मिट्टी के एक घड़े में दबे मिले.प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने बताया कि यह मंदिर कई सदियों पुराना है और माना जाता है कि इसे चोल सम्राट राजराजा चोलन तृतीय के समय बनाया गया था. हालांकि, सिक्कों की पूर्ण इतिहासिक पहचान अब आगे की जांच में की जाएगी.मंदिर तिरुवन्नामलाई के जाव्वदु पहाड़ियों के पास स्थित है. मुख्य देवता के गर्भगृह के जीर्णोद्धार कार्य के दौरान ही ये सिक्के मिले.पुलिस अधिकारियों ने बताया इन सिक्कों को राजस्व विभाग और हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के संरक्षण में रखा गया है.अधिकारियों के अनुसार ये मंदिर कई शताब्दियों पुराना है और इसके निर्माण के समय और इतिहास को समझने के लिए आगे की जांच जारी है.

झारखंड की तत्कालीन हेमंत सरकार ने अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की थी.

News Pratyaksh | Updated : Thu 06th Nov 2025, 11:29 am
झारखंड की तत्कालीन हेमंत सरकार ने अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की थी. मकसद था, 18 साल से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं को हर माह 2,500 रुपये देकर सशक्त बनाना. तब से यह योजना पूरे राज्य में चर्चा का पर्याय बनी हुई है. क्योंकि हर माह लाभुकों के खाते में 2,500 रुपये ट्रांसफर हो रहे हैं. योजना सुचारु रूप से चल रही है. राशि ट्रांसफर करने के दौरान पर्व-त्यौहार का विशेष ख्याल रखा जाता है. सामाजिक सुरक्षा के निदेशक विजय कुमार के मुताबिक, अब नवंबर माह की किस्त जारी करने की तैयारी चल रही है. एक नजर डालते हैं इस योजना के लेखा-जोखा पर.इस योजना की पहली किस्त अगस्त 2024 में 1,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से जारी हुई थी. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनने पर तत्कालीन सरकार ने वादा किया था कि दोबारा सत्ता में आने पर महिलाओं को हर माह मिलने वाली राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया जाएगा. सरकार ने उस वादे को पूरा भी किया और दिसंबर माह से बढ़ी हुई राशि जारी होने लगी.
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