Jharkhand


परंपरागत तरीके से वैशाली के हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता

News Pratyaksh | Updated : Wed 05th Nov 2025, 11:39 am
परंपरागत तरीके से वैशाली के हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है .मान्यता के अनुसार कौनहार घाट, सीढ़ी घाट सहित दर्जन पर से ज्यादा घाटों पर भूत खेली मेला लगता है . जिसके लिए हजारों की संख्या में यहां ओझाओं का जमघट लगा था विभिन्न राज्यों और विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ओझा अपने शिष्यों के साथ घाट पर पहुंचे थे. इस भूत खेली मेला में जहां एक ओर भूत भगाने की प्रक्रिया चल रही थी दूसरी ओर ओझा नए प्रशिक्षु ओझाओं को भी ट्रेनिंग दे रहे थे. बताया जाता है कि गंगा और गंडक के संगम स्थल पर परंपरागत तरीके से कार्तिक पूर्णिमा के दिन भूतों का मेला लगता है. मान्यता है कि यहां अनुष्ठान करने से तमाम तरह के भूत प्रेतों से छुटाकारा मिलता है. यही कारण है की बड़ी संख्या में लोग गंगा और गंगा के संगम स्थल पर मौजूद घाटों और आसपास के इलाकों में झाड़ फूंक करते देखे जाते हैं.

सीएम सोरेन का विपक्ष पर तीखा हमला :

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:23 am
  झारखंड के घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव का चुनावी संग्राम अब चरम पर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद प्रचार की कमान संभाल ली है, जिससे मुकाबले में तेजी आ गई है. घाटशिला में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह चुनाव एक तरफ व्यापारियों की जमात और दूसरी तरफ गरीब के बीच की लड़ाई है.सीएम सोरेन ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि काम के लिए ये पैर भी पकड़ लेंगे और काम होने पर गर्दन दबाएंगे. वहीं, अब सीएम हेमंत सोरेन के इस बयान पर सियासत पूरी तरह से गर्म हो गई है. इस बीजेपी ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है.बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हम सीएम की बात से पूरी तरह सहमत हैं, हां, व्यापारियों की जमात हैं. लूटने वाले व्यापारियों की जमात हैं. पिछले 6 साल से लोहा चोर व्यापारी आ गए हैं. आपके 2012-14 के कालखंड में बालू की चोरी करने वाले व्यापारी आ गए थे. अब आयरन की चोरी करने वाला गिरोह भी चाइबासा में सक्रिय है.इस पर झामुमो विधायक एमटी राजा ने कहा कि घाटशिला में एकतरफा लड़ाई है. दूसरे खिलाड़ी का जमानत जब्त होने जा रहा है, मजा नहीं आ रहा. वो भी स्पीड पकड़े तो मजा आए. इससे पहले झामुमो छोड़कर जो-जो दिग्गज गए हैं, उनका हश्र तो पता ही है. वही, हाल इनका भी होगा. वो सभी डाउन फॉल में जाएंगे. सीएम हेमंत सोरेन के मैदान में आने के बाद वोटर भी कैडर बन गए हैं. सच्ची श्रद्धांजलि के लिए अच्छा प्रदर्शन होगा.

झारखंड में गुलाबी ठंड के साथ-साथ अब शाम के वक्त अच्छी खासी कंपकंपी हवा ने ठंड बढ़ा दी है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:22 am
झारखंड में गुलाबी ठंड के साथ-साथ अब शाम के वक्त अच्छी खासी कंपकंपी हवा ने ठंड बढ़ा दी है. अब आलम यह है कि शाम के वक्त अधिकतर लोग स्वेटर-जैकेट में नजर आ रहे हैं. जहां दिन में तेज धूप निकल रही है. वहीं, शाम को कंपकंपी हवा लोगों को ठंड का एहसास करा रही है. आने वाले 8 नवंबर तक कुछ ऐसी ही स्थिति रहने वाली है. झारखंड मौसम विभाग 9 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना जताई है.रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में राज्य का तापमान और नीचे जा सकता है. पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है. यही स्थिति लगभग हर जिले की देखी जा सकती है.रांची मौसम केंद्र ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छा सकता है. वहीं, दिन में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान पूरी तरह साफ रहने की संभावना है. इस दौरान बारिश का कोई संकेत नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर हो गया है, जो आमतौर पर सर्दी की शुरुआत का संकेत होता है.

झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव,

News Pratyaksh | Updated : Mon 03rd Nov 2025, 11:36 am
झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंंत्री चंपाई सोरेन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. क्योंकि सत्तारूढ़ दल इस उपचुनाव को बीजेपी नेता चंपाई सोरेन की राजनीतिक पारी समाप्ति की तरह देख रहा है.जैसे-जैसे घाटशिला उपचुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन की जगह उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आते जा रहे हैं. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता ने तो उन्हें विश्वासघाती बताते हुए घोषणा कर दी है कि 14 नवंबर को मतगणना के दिन बेटे और बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की हार होते ही चंपाई सोरेन का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा.झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी और नेता ने उन्हें राज्य की सबसे बड़े पद पर बैठाया और मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर चंपाई सोरेन के हाथों में सौंपी थी, उसी शख्स ने उनकी पार्टी और हेमंत सोरेन से विश्वासघात करके बीजेपी में चले गए. मनोज पांडेय ने कहा कि राज्य की जनता, खासकर आदिवासी, मूलवासी, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा समाज उस विश्वासघात को भूला नहीं है. घाटशिला की जनता चंपाई सोरेन के बेटे और बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को करारी हार देकर चंपाई सोरेन के विश्वासघात का बदला लेगी.

ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन माता तुलसी की पूजा का भी विधान है.

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Oct 2025, 11:45 am
ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन माता तुलसी की पूजा का भी विधान है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसीदल बेहद प्रिय हैं और उनकी पूजा-आराधना में तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रबोधिनी एकादशी के अगले दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह भी होता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में तुलसी विवाह भी कहा जाता है. बता दें, तुलसी को मां लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है. इसी सिलसिले में आइये जानते हैं देवउठनी एकादशी 2025 पर तुलसी पूजा के खास उपाय. उन्होंने कहा कि इस बार देवउठनी एकादशी की शुरुआत शनिवार 1 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट से हो रही है, जो रविवार 2 नवंबर को प्रात:काल 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. हिंदू धर्म में उदयातिथि की मान्यता है, इसलिए देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा और तुलसी विवाह भी इस दिन किया जाएगा. भगवान को लगाएं तुलसी दल का भोग डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन प्रात: काल पूजा के समय भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. ऐसा करने से श्री हरि और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा मिलेगी. धन संबंधित परेशानियां दूर होंगी और घर में सुख-समृद्धि आएगी. तुलसी के पौधे के नीचे जलाएं देसी घी का दीपक उन्होंने कहा कि इस दिन सभी जातकों को तुलसी के पौधे के नीचे गाय के शुद्ध घी का एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इसके बाद उस पौधे की परिक्रमा करें. ऐसा करेंगे तो मां लक्ष्मी के साथ-साथ तुलसी माता का भी आशीर्वाद मिलेगा. घर में सकारात्मकता आएगी. पूजा में करें इन मंत्रों का जाप डॉ. उमाशंकर मिश्र ने यह भी बताया कि सभी जातक पूजा के समय तुलसी मां के मंत्रों का जाप भी जरूर करें. ऐसा करने से मां की असीम कृपा बरसेगी. तुलसी के पौधे पर चढ़ाएं सुहाग सामग्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दिन सभी सुहागिनें तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा-अर्चना करें और उसके बाद 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. इससे धन की परेशानियों से निजात मिलती है.
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