जापान की F-2 फाइटर जेट की तैनाती की योजना :
नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी के बीच जापान की एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (ASDF) के F-2 लड़ाकू विमानों को पहली बार भारत में तैनात किए जाने की योजना की खबर सामने आई है। जापानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देश भारत में एक संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान F-2 फाइटर जेट्स की तैनाती पर विचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट में जापानी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस प्रस्तावित तैनाती का एक उद्देश्य चीन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना भी है। हालांकि, यह फिलहाल एक प्रस्तावित योजना है और इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
अगस्त में हो सकती है अहम चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की अगस्त के मध्य में प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। भारत और जापान इससे पहले 2023 में जापान में लड़ाकू विमानों से जुड़ा अपना पहला संयुक्त अभ्यास कर चुके हैं।
भारत में जापानी कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की संभावित तैनाती को दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का अहम संकेत माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल सहयोग, रक्षा औद्योगिक साझेदारी और सैन्य तालमेल को और मजबूती मिल सकती है।
चीन ने दी तीखी प्रतिक्रिया
जापानी F-2 फाइटर जेट्स को भारत भेजे जाने की खबर पर चीन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीनी सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में शंघाई इंस्टीट्यूट्स फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के विशेषज्ञ लियू जोंगयी के हवाले से कहा गया कि जापान अपनी रक्षा क्षमता और हथियार निर्यात को बढ़ाना चाहता है, जबकि भारत अपनी सैन्य क्षमता के आधुनिकीकरण और वैश्विक रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक में रुचि रखता है।
भारत-जापान रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत
पिछले एक दशक में भारत और जापान के रिश्ते रणनीतिक स्तर पर काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने 2014 में अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी तक बढ़ाया था। इसके बाद 2020 में दोनों देशों के बीच Acquisition and Cross-Servicing Agreement (ACSA) हुआ।
दोनों देश 2+2 विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता भी करते हैं। ऐसे में भारत में जापानी लड़ाकू विमानों की संभावित तैनाती को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास और सैन्य सहयोग के एक नए चरण के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, F-2 विमानों की भारत में तैनाती को लेकर अभी अंतिम आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है। यदि योजना आगे बढ़ती है, तो यह भारत-जापान रक्षा संबंधों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकता है