JPSC Protest का 15वां दिन: सरकार-छात्रों की दूसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा, आंदोलन जारी :
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
सरकार की पांच सदस्यीय टीम ने सबसे पहले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से करीब दो घंटे बातचीत की। इसके बाद कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और JCM के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई।
इससे पहले शुक्रवार रात सरकार ने 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी। लगातार दूसरे दिन हुई बैठक के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो का अनशन 7वें दिन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शनिवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लगातार गिर रहा है। डॉक्टरों ने चेस्ट इंफेक्शन की बात कहते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को अब उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
JCM और NSUI ने रखीं अपनी मांगें
सरकार के साथ बैठक में झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) ने पांच मांगें रखीं। इनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग प्रमुख रही।
वहीं NSUI ने छह मांगें सरकार के सामने रखीं। संगठन ने संदेह के घेरे में आई JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच कराने और भर्ती परीक्षाओं के लिए NTA की तर्ज पर Jharkhand Testing Agency (JTA) गठित करने की मांग की।
सरकार बोली- छात्रों की मांगें जायज
बैठक के बाद राज्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं और सरकार इन मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखेगी।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और छात्रों की ओर से बताई गई भर्ती संबंधी विसंगतियों का जल्द समाधान किया जाएगा।
वहीं मंत्री सुदिव्य कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए सरकार ने jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल आईडी जारी की है।
JPSC मामले में 19 गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
आंदोलनकारी अभ्यर्थी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की कमेटी से कराई जाए।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने से रांची में आंदोलन जारी रहने के आसार हैं।