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Bihar


कोचिंग जा रहे छात्र को मारी गोली, पटना रेफर;

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 01:08 pm
पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र के भुवनेश्वरी चौक पर बुधवार को कोचिंग जा रहे एक छात्र को अपराधियों ने गोली मार दी। दिनदहाड़े हुए इस घटना में अपराधी गोली मारकर भागने लगे। इसी क्रम में स्थानीय लोग उग्र हो गए और लोगों ने भाग रहे अपराधियों को पकड़ कर जमकर उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद मौके पर घंटा अपरा तफरी का माहौल बना रहा। घटना की पुष्टि करते हुए बाढ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपराजिता लोहान ने बताया है कि गिरफ्तार अपराधियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। घटना का कारण दो युवकों के आपसी विवाद की बात बताई जा रही है।घटना के बारे में बताया जा रहा है कि पंचशील नगर का दीपू कुमार 18 वर्ष जो की इंटर का छात्र बताया जा रहा है। बुधवार को वह कोचिंग जा रहा था। इसी क्रम में भुवनेश्वरी चौक के नजदीक फोर व्हीलर से कुछ युवक पहुंचे और दीपू कुमार पर गोली चला दी। गोली दीपू कुमार के पीठ में लगी जिससे वह घायल हो गया। इस बीच गोली मारने वाले सभी युवक भागने का प्रयास करने लगे। इसी क्रम में स्थानीय लोगों ने तीन युवकों को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घायल दीपू कुमार को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में रेफर कर दिया गया। वहीं पुलिस ने स्थानीय लोगों के बीच से तीनों युवकों को छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया और घायल तीनों युवकों को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। इस मामले को लेकर बाढ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि कोचिंग में पढ़ने की बात को लेकर युवकों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। उन्होंने आशंका जताई है कि इसी मामले को लेकर आज गोलीबारी की घटना हुई है। गिरफ्तार युवकों में प्रिंस कुमार 18 वर्ष ,रोशन कुमार 18 वर्ष एवं रोहित कुमार 19 वर्ष के बताए जा रहे हैं।

बिहार में जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू, :

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 01:07 pm
बिहार में जमीन विवाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने जमीन बेचने के तरीके में बदलाव किया है, लेकिन नया नियम आने के बाद रजिस्ट्री में गिरावट दिखी जा रही है. नए नियम के मुताबिक, दस्तावेज में जिन के नाम से जमाबंदी होगी उन्हें ही जमीन रजिस्ट्री करने का अधिकार होगा. इससे जमीन रजिस्ट्री के लिए जमा करने वालों की संख्या में 50 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ जिलों में तो यह गिरावट 90 प्रतिशत तक देखी जा रही है. हालांकि, यह फर्जीवाड़ा रोकने के लिए है और आम लोगों का इसमें फायदा है.बिहार में जमीन रजिस्ट्री को लेकर नया नियम लागू होने के बाद यही तय हुयआ है कि अब जिनके नाम से जमाबंदी कायम रहेगी, वो ही जमीन की बिक्री कर सकते हैं. इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि अंचल कार्यालय में जिस व्यक्ति का रजिस्टर टू में नाम दर्ज रहेगा वही जमीन की बिक्री कर सकेंगे. इसका उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री में चल रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है.बता दें कि बिहार सरकार ने भूमि निबंधन नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. इसके तहत अब जमीन रजिस्ट्री कराने से पहले जमाबंदी का नया नियम लागू हो गया है. इससे रजिस्ट्री में कमी आई है. लोगों को अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने जाना पड़ रहा है. अब पुश्तैनी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए बंटवारा अनिवार्य हो गया है. जमीन बेचने के लिए जमाबंदी में नाम दर्ज कराना होगा, जिससे जमीन की बिक्री के मामलों में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी.नया नियम बीते गुरुवार से लागू किया गया है. इसके तहत अब जिस जमीन की जमाबंदी जिनके नाम पर रहेगी केवल वे ही उस जमीन की बिक्री कर सकते हैं. सिविल कोर्ट के वकील क्रांति कुमार ने बताया कि नए नियम लागू होने से अब उस जमीन की बिक्री दूसरे लोग नहीं करेंगे, ऐसे में भूमि से संबंधित विवाद में कमी आने की संभावना है. यही नहीं अब जमीन रजिस्ट्री के पहले उससे संबंधित सभी कागजात सही किए जाएंगे, जिससे आने वाले भविष्य के भूमि विवाद में कमी आने की उम्मीद है.

स्टेट फूड कॉर्पोरेशन के एजीएम गिरफ्तार :

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 01:05 pm
खगड़िया में निगरानी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट फूड कॉर्पोरेशन के एजीएम को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पटना से आई निगरानी टीम ने स्टेट फूड कॉर्पोरेशन के एजीएम मो. शहीद रजा को 1 लाख 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी डीएसपी विकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एजीएम के विरुद्ध शिकायत मिली थी। जिसके बाद युक्त कारवाई की गई है। बुधवार को निगरानी की गिरफ्त में आये स्टेट फूड कॉर्पोरेशन के एजीएम मो. शहीद रजा ने जिले के अलौली प्रखंड में संचालित हाईटेक एग्रो उड़ान लिमिटेड से रिश्वत मांगा था। इस बावत कंपनी के मालिक संतोष कुमार के द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। स्टेट फूड कॉर्पोरेशन में चावल की सप्लाई के लिए कंपनी के मालिक से एजीएम ने रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।इस संबंध में शिकायतकर्ता संतोष कुमार ने बताया कि उनको स्टेट फूड कॉर्पोरेशन के एजीएम मो. शहीद रजा उनको बहुत दिनों से परेशान कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी स्टेट फूड कॉर्पोरेशन में चावल की सप्लाई करती है। एजीएम मो. शहीद रजा उनको चावल की गुणवत्ता को लेकर बार-बार परेशान कर रहे थे। इस बार चावल लेने के लिए जब एजीएम राजी हुए तो उनके द्वारा रिश्वत की मांग की गई। जिसके बाद उन्होंने निगरानी से इस मामले में शिकायत की।

पटना और रोहतास समेत कई जिलों में बारिश की संभावना

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 01:02 pm
राजधानी पटना समेत प्रदेश के अधिकतर भागां में मौसम शुष्क बना हुआ है। पछुआ हवा के प्रवाह से सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान किशनगंज राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केन्द्र पटना के अनुसार एक चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र बनने के कारण 24 चौबीस घंटों के दौरान पटना, कैमूर, रोहतास समेत राज्य के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।

BJP में शामिल हुए कांग्रेस-राजद के 3 विधायक :

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 12:59 pm
इस वक्त की बड़ी खबर बिहार से है जहां 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और राजद को बड़ा झटका लगा है. दरअसल मंगलवार को महागठबंधन में फूट हो गई. राजद की एक महिला विधायक और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपनी पार्टी का साथ छोड़ दिया और एनडीए का हाथ थाम लिया. तीनों विधायक ने अपनी पार्टी को छोड़ा और बीजेपी में शामिल हो गए.जन विधायकों ने कांग्रेस और राजद को छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है उनमें कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ, कांग्रेस के ही विधायक मुरारी प्रसाद गौतम और राजद की विधायक संगीता देवी का नाम शामिल है. इस मामले में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे महागठबंधन के लिहाज से बड़ा झटका माना जा रहा है.बीजेपी में शामिल होने वाले विधायक सिद्धार्थ पटना की बिक्रम सीट से विधायक हैं वहीं मुरारी प्रसाद गौतम महागठबंधन की सरकार में पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं. वो रोहतास जिला की एक सीट से विधानसभा के सदस्य हैं.मंगलवार को महागठबंधन का साथ छोड़ने वाले इन तीनों विधायकों को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी विधानसभा लेकर पहुंचे थे. मालूम हो कि इससे पहले नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान राजद के तीन विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्वाद यादव पाला बदल चुके हैं. राजद का छोड़ने वाले ये तीनों विधायक जेडीयू खेमे में चले गये थे

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से खासे नाराज दिखे :

News Pratyaksh | Updated : Tue 27th Feb 2024, 12:33 pm
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को कई नसीहतें एक साथ दे डाली। तेजस्वी के बयानों के लिए उन्होंने खूब सुनाया। वहीं, संविधान का भी ज्ञान दिया। जीतन राम मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव बजट सेशन छोड़ कर गायब हैं। उन्होंने ये भी कहा कि 42 वर्षों के राजनीतिक करियर में उन्होंने पहली बार ऐसा देखा है कि नेता प्रतिपक्ष सदन में नहीं आ रहे हैं। सदन चल रहा है और वो अपनी बात दूसरी जगह कह रहे हैं। उल-जुलूल बात कर रहे हैं। इसके अलावा मांझी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में घूसखोरी को लेकर बड़ा दावा किया।जीतन राम मांझी ने कहा कि 21 लाख एकड़ जमीन भूदान, सीलिंग और बिहार सरकार की है। मात्र 13 या 14 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास एक धुर जमीन नहीं है। बंटवा देते वो (तेजस्वी यादव) तब हम मानते। राजस्व विभाग तो उनके ही पास था, तो वो तो ट्रांसफर और पोस्टिंग में पड़े थे, जिसको मुख्यमंत्री ने बंद कर दिया।इससे साबित होता है कि मुख्यमंत्री का ही चलता है न कि मंत्री का? इससे भी वो नहीं समझते हैं? अगर चलता तो आज सभी अंचलाधिकारी से 50-50 लाख रुपए लेकर हजारों करोड़ रुपए कमा लिए थे लोग। नतीजा होता कि सबकी पोस्टिंग हो जाती, लेकिन नीतीश कुमार ने रोक दिया। मुख्यमंत्री का वर्चस्व होता है और नियुक्ति में भी वही होता है। नीतीश कुमार नहीं चाहेंगे तो तेजस्वी यादव एक नियुक्ति नहीं कर सकते। आज जाकर क्या कह रहे हैं कि 17 महीने में हमने ये कर दिया और वो कर दिया।
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