झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव,
News Pratyaksh | Updated : Mon 03rd Nov 2025, 11:36 am
झारखंड में घाटशिला सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंंत्री चंपाई सोरेन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. क्योंकि सत्तारूढ़ दल इस उपचुनाव को बीजेपी नेता चंपाई सोरेन की राजनीतिक पारी समाप्ति की तरह देख रहा है.जैसे-जैसे घाटशिला उपचुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन की जगह उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आते जा रहे हैं. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता ने तो उन्हें विश्वासघाती बताते हुए घोषणा कर दी है कि 14 नवंबर को मतगणना के दिन बेटे और बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की हार होते ही चंपाई सोरेन का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा.झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी और नेता ने उन्हें राज्य की सबसे बड़े पद पर बैठाया और मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर चंपाई सोरेन के हाथों में सौंपी थी, उसी शख्स ने उनकी पार्टी और हेमंत सोरेन से विश्वासघात करके बीजेपी में चले गए. मनोज पांडेय ने कहा कि राज्य की जनता, खासकर आदिवासी, मूलवासी, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा समाज उस विश्वासघात को भूला नहीं है. घाटशिला की जनता चंपाई सोरेन के बेटे और बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को करारी हार देकर चंपाई सोरेन के विश्वासघात का बदला लेगी.