Jharkhand


घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में मतदान केंद्र पर क्षेत्र के मतदाता नए जनप्रतिनिधि के लिए अपना वोट दे रहे हैं

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:37 am
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में मतदान केंद्र पर क्षेत्र के मतदाता नए जनप्रतिनिधि के लिए अपना वोट दे रहे हैं. ढाई लाख से ज़्यादा मतदाता वोट के जरिये यह फैसला करेंगे की उनका विधायक कौन बनेगा.जमशेदपुर लोकसभा के अंतर्गत घाटशिला विधानसभा में उपचुनाव हो रहा है. सुबह से ही मतदाता मतदान केंद्र पर कतारबद्ध खडे़ होकर मतदान कर रहे हैं, जिनमें पुरुष महिलाएं शामिल हैं. हालांकि मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई है लेकिन मतदाता घरों से निकल पड़े हैं.घाटशिला का बागुड़िया जहां 2007 में सांसद सुनील महतो की हत्या हुई थी, यह इलाका सेंसेटिव इलाका था लेकिन अब यहां मतदान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह दिख रहा है. वहां का बूथ का जायजा ईटीवी भारत संवाददाता जितेंद्र ने लिया.आपको बता दें कि क्षेत्र के विधायक शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद यह उपचुनाव हो रहा है. इस चुनाव में स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन झामुमो के प्रत्याशी हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन भाजपा के प्रत्याशी हैं. बाबूलाल सोरेन दूसरी बार घाटशिला से चुनाव लड़ रहे है. पहली बार उन्हें सफलता नहीं मिली थी. उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी हैं, जिनमे एक महिला प्रत्याशी है. भाजपा और जेएमएम प्रत्यासी के बीच कड़ा मुकाबला है. विधानसभा के सभी 300 मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की जा रही है. जिनमें 186 क्रिटिकल मतदान केंद्र है, जहां 10 कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.

सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री अक्सर यह कहते नहीं थकते कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं.

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:36 am
सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री अक्सर यह कहते नहीं थकते कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं. लेकिन ईटीवी भारत की टीम जब रांची जिले के ही ग्रामीण इलाकों में खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) का जायजा लेने गई तो नजारा दूसरा ही था.ओरमांझी प्रखंड के सदमा और पास के कुल्ही गांव में ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद मिले. यहां न सीएचओ मिले और न ही नर्सें या अन्य कोई स्टाफ. मिले तो दीवारों पर आकर्षक प्रचार सरीखा लिखे ये शब्द कि यहां 24X7 प्रसव सेवा उपलब्ध है. सवाल यह है कि बिना डॉक्टर, बिना सीएचओ और बिना नर्स के जरूरत के समय यहां प्रसव कौन कराएगा?सदमा गांव के बंद पड़े आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बाहर हमें सकलदीप मुंडा नाम के ग्रामीण मिल गए. उन्होंने जो बताया वह हैरान करने वाला है. उन्होंने बताया कि सप्ताह में एकाध दिन लोग आते हैं और कागजी खानापूर्ति कर चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि जबसे इसका उद्घाटन हुआ है उसके बाद से यहां इलाज नहीं हुआ है.ईटीवी भारत की टीम जब पास के ही कुल्ही गांव के आयुष्मान आरोग्य सेंटर पहुंचीं तो वह भी बंद मिला. यहां भी पास के एक युवक ने बताया कि कभी-ेकभी यह सेंटर खुलता है लेकिन प्रसव कभी नहीं हुआ है. जब हमारी टीम रिपोर्टिंग के लिए पहुंची उस समय दो सहिया भी आरोग्य मंदिर पहुंचीं थीं पर उन्होंने चुप रहना ही अच्छा समझा.

दो वर्ष से बंद माइंस को शुरू करने के लिए दबंगई की गईं है. यहां गोली चलायी गईं है. गोली दो युवकों को लगने की बात कही जा रही है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:28 am
दो वर्ष से बंद माइंस को शुरू करने के लिए दबंगई की गईं है. यहां गोली चलायी गईं है. गोली दो युवकों को लगने की बात कही जा रही है. जिन्हें गोली लगी हैं उनमें जमुआ थाना इलाके के दलिया निवासी अरविंद वर्मा शामिल हैं. घटना में चचघरा निवासी सुरेश भी घायल हो गया था जिसकी बाद में इलाज के दरमियान मौत हो गईं. सुरेश माइंस का कर्मी बताया जा रहा है जबकि अरविंद ग्रामीण है. सुरेश की मौत गोली लगने से हुई या पिटाई से यह स्पष्ट नहीं हो सका है. घटना को लेकर घायल अरविंद के पिता सुखदेव महतो ने बताया कि गांव में पत्थर माइंस के संचालन का विरोध ग्रामीण कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि माइंस शुरू होगा तो पेयजल की दिक्कत हो जाएगी. हालांकि जिन लोगों ने माइंस की लीज ली है, वे लोग निरंतर माइंस शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को माइंस के संचालक द्वारा नवादा (बिहार) से गुंडों को बुलाया गया.इनके अलावा चार अन्य लोग मारपीट में घायल हैं जिनका भी इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. घटना मंगलवार की सुबह की है. घटना के बाद एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर खोरी महुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गईं है.

झारखंड की पहली महिला डीजीपी के तौर पर आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने अपना योगदान दे दिया

News Pratyaksh | Updated : Fri 07th Nov 2025, 12:01 pm
झारखंड की पहली महिला डीजीपी के तौर पर आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने अपना योगदान दे दिया है. गुरुवार को सरकार ने तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया था. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में बतौर डीजीपी के रूप में तदाशा मिश्रा ने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया. 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने झारखंड के प्रभारी डीजीपी के रूप में अपना योगदान दे दिया है. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में तदाशा मिश्रा ने अपना पदभार ग्रहण किया. आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता के वीआरएस लेने के बाद झारखंड में डीजीपी का पद रिक्त हो गया था.प्रभारी डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद तदाशा मिश्रा ने बताया कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता झारखंड स्थापना दिवस है. इसके अलावा बेसिक पुलिसिंग पर उनका विशेष जोर रहेगा. संगठित अपराध और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि पुलिस एक टीम की तरह काम करेगी, किसी एक व्यक्ति विशेष पर सब कुछ निर्भर नहीं करेगा. एक अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता है लेकिन एक टीम सब कुछ कर सकती है. पब्लिक का विश्वास जीतना उनकी विशेष प्राथमिकता में है.