Jharkhand


झारखंड में लाल आतंक अब पूरी तरह खत्म होने के कगार पर है. झारखंड पुलिस के आधिकारिक आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं कि पिछले पांच सालों में नक्सल कांडों की संख्या लगातार घट रही है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:08 am
झारखंड में लाल आतंक अब पूरी तरह खत्म होने के कगार पर है. झारखंड पुलिस के आधिकारिक आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं कि पिछले पांच सालों में नक्सल कांडों की संख्या लगातार घट रही है. नक्सल मामलों की कम होती रिपोर्टिंग यह स्पष्ट संकेत देती है कि झारखंड से लाल आतंक का साया मिटने के करीब पहुंच गया है.झारखंड में नक्सलवाद की जड़ें कैसे खोखली हो रही हैं, इसकी शुरुआत 2026 के शुरुआती आंकड़ों से करते हैं. झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर फिलहाल जनवरी 2026 तक के सभी अपराधों के आंकड़े उपलब्ध हैं. इनमें नक्सल कांडों पर फोकस करते हुए देखें तो जनवरी 2026 में पूरे महीने के दौरान राज्य के 24 जिलों में मात्र पांच नक्सल कांड थानों में दर्ज हुए. इनमें चतरा में तीन और पश्चिम सिंहभूम में दो कांड शामिल हैं. यानी 24 जिलों में से सिर्फ दो जिलों में नक्सल कांड दर्ज हुए. ये पांच मामले भी ज्यादातर नक्सलियों के साथ हुए एनकाउंटर से जुड़े हैं, जिनमें बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए थे.दिसंबर 2025 में पूरे राज्य में मात्र 11 नक्सल कांड दर्ज हुए. इनमें रांची में एक, चतरा में छह, खूंटी में दो और पश्चिम सिंहभूम में दो कांड शामिल थे. नवंबर 2025 में पूरे झारखंड में मात्र आठ नक्सल कांड दर्ज हुए, जिनमें रांची में दो, चतरा में एक, लोहरदगा में एक, पश्चिम सिंहभूम में एक और लातेहार में तीन केस थे. इनमें से अधिकांश मामले नक्सलियों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर से संबंधित थे.    

मार्च महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी ने भारत के सुरक्षा माहौल के एक उभरते और काफी हद तक कम जांचे गए पहलू पर ध्यान खींचा है –

News Pratyaksh | Updated : Fri 20th Mar 2026, 10:42 am
मार्च महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी ने भारत के सुरक्षा माहौल के एक उभरते और काफी हद तक कम जांचे गए पहलू पर ध्यान खींचा है – भारतीय जमीन पर या उसके आसपास पश्चिमी देशों सहित विदेशी भाड़े के सैनिकों की मौजूदगी.आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ी एजेंसी NIA ने 13 मार्च को कोलकाता में अमेरिकी नागरिक वैनडाइक को गिरफ्तार किया. उस पर ड्रोन ऑपरेशन से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल होने का आरोप है. NIA ने दिल्ली की एक अदालत में जो दस्तावेज जमा किए हैं, उनके मुताबिक, वैनडाइक गिरफ्तार किए गए उन सात विदेशी नागरिकों में शामिल है, जिसमें छह यूक्रेनी नागरिक भी शामिल हैं.एजेंसी ने आरोप लगाया कि आरोपी यूरोप से ड्रोन की खेप खरीदने और उसे ठिकाने लगाने में शामिल थे, जिन्हें कथित तौर पर भारत के उत्तर-पूर्वी इलाके और म्यांमार में बॉर्डर पार कर रहे समूहों को डिलीवर किया गया था. गुरुवार को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटनाक्रम को "कानूनी मामला" बताया.स सवाल के जवाब में कि क्या भारत को यूक्रेन से गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों तक राजनयिकों या कांसुलर अधिकारियों को मिलने देने का अनुरोध मिला है, जायसवाल ने कहा: "हां, हमें कॉन्सुलर एक्सेस अनुरोध मिला है और इस खास मामले में शामिल कानूनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पर ध्यान दिया जाएगा." उन्होंने आगे कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है और सरकार देखेगी कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए. जायसवाल ने कहा, "हम मामले में जरूरी कानूनी जरूरतों के हिसाब से इसकी जांच करेंगे." इस बीच, नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उसे हालात की जानकारी है. अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, "गोपनीयता कारणों से, हम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते."NIA की FIR के मुताबिक, कुछ आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और असम और मिजोरम जैसे राज्यों में गए थे, जहां विदेशी नागरिकों के लिए बिना संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) के घूमना गैरकानूनी है. कहा जाता है कि वे बिना जरूरी परमिट के म्यांमार में घुस गए थे. एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि उन्होंने म्यांमार के जातीय हथियारबंद समूहों के लिए ड्रोन ऑपरेशन से जुड़ी ट्रेनिंग दी, जिनके बारे में एनआईए का दावा है कि उनके उत्तर-पूर्वी भारत के विद्रोही संगठनों से लिंक हैं.

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में समस्तीपुर के जवान सीताराम राय शहीद हो गए :: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान समस्तीपुर जिले के वीर जवान सीताराम राय शहीद हो गए. जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक और गर्व का माहौल एक

News Pratyaksh | Updated : Fri 20th Mar 2026, 10:40 am
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में समस्तीपुर के जवान सीताराम राय शहीद हो गए :: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान समस्तीपुर जिले के वीर जवान सीताराम राय शहीद हो गए. जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक और गर्व का माहौल एक साथ फैल गया.समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड स्थित लोदीपुर गांव के रहने वाले सीताराम राय (40) जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए. बुधवार को हुई इस मुठभेड़ में उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए.परिजनों के अनुसार, पत्नी सुमन राय के पास रात करीब 11 बजे आर्मी यूनिट से फोन आया, जिसमें बताया गया कि सीताराम राय को गोली लगी है. कुछ ही देर बाद उनके शहीद होने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. बताया जा रहा है कि शहादत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी. यह बातचीत अब परिवार के लिए आखिरी याद बन गई है शहादत की खबर मिलते ही लोदीपुर गांव समेत पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में लोग शहीद के घर पहुंच रहे हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं. परिजनों के अनुसार, पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. गांव के लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

देवघर में युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने घटना के 48 घंटे के अंदर तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया :जिले में बीते रविवार को रिखिया थाना क्षेत्र में दिलीप तूरी नाम के युवक का सिर कटा शव मिला था. जिसके बाद स्थानीय लोगों में काफी उबाल देखने

News Pratyaksh | Updated : Thu 19th Mar 2026, 12:00 pm
देवघर में युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने घटना के 48 घंटे के अंदर तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया :जिले में बीते रविवार को रिखिया थाना क्षेत्र में दिलीप तूरी नाम के युवक का सिर कटा शव मिला था. जिसके बाद स्थानीय लोगों में काफी उबाल देखने को मिल रहा था. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने बैजनाथपुर चौक को जाम कर दिया था. लोगों ने प्रशासन से हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था.घटना को लेकर एसपी ने बताया कि इस हत्या को बबीता देवी, पायल रावत और संजीव ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया है. देवघर पुलिस अधीक्षक सौरव ने घटना को लेकर बताया कि मृतक दिलीप तूरी बबीता का ड्राइवर था. ड्राइवर होने के नाते दिलीप तूरी बबीता की सारी जानकारी उसके पुरुष मित्र को देता था, जो बबीता को अच्छा नहीं लग रहा था.दिलीप तूरी के इसी हरकत की वजह से बबीता ने अपने सहयोगी पायल राउत और संजीव के साथ मिलकर रविवार की देर रात सुनसान जगह पर गला रेत कर उसकी हत्या कर दी. जिसके बाद शव को घटनास्थल पर छोड़कर भाग निकले. लेकिन पुलिस की तत्परता ने बुधवार की देर शाम तक सभी आरोपियों को पकड़ लिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का काम किया.स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. स्थानीय और परिवार वालों के घटना को लेकर आक्रोश को देखते हुए देवघर पुलिस ने दिलीप तूरी के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने घटना के 48 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने का काम किया है.

झारखंड विधानसभा से आज वीबी जी राम जी के खिलाफ बहुमत से प्रस्ताव पारित किया गया :केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण, 2025 यानी वीबी जी राम जी लाए जाने के खिलाफ झारखंड विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित हुआ ह

News Pratyaksh | Updated : Thu 19th Mar 2026, 12:00 pm
झारखंड विधानसभा से आज वीबी जी राम जी के खिलाफ बहुमत से प्रस्ताव पारित किया गया :केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण, 2025 यानी वीबी जी राम जी लाए जाने के खिलाफ झारखंड विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित हुआ है जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. इस प्रस्ताव को झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिनियम झारखंड सरकार के साथ साथ यहां की ग्रामीण जरुरतों के लिहाज से सही नहीं है. उनके प्रस्ताव पर स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने गैर सरकारी संकल्प की प्रक्रिया शुरु करने से ठीक पहले वोटिंग कराई जो ध्वनिमत से पारित हो गई.ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने वीबी जी राम जी के खिलाफ प्रस्ताव लाने की वजह बताई. उन्होंने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-1 सरकार ने वर्ष 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू किया था. झारखंड के लिए यह योजना यहां के ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा है. इस योजना ने गरीबी कम करने, पलायन रोकने और महिलाओं के सशक्तिकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. लेकिन हाल ही में प्रस्तावित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन अधिनियम, 2025 वीबी ग्राम जी के प्रावधानों से ग्रामीण गरीबों के अधिकारों के हनन की आशंका है. प्रस्तावित अधिनियम काम मांगने की गारंटी को समाप्त करता है.

रांची: रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के लिए हुए चुनाव में वार्ड 31 के पार्षद नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कुल 39 वोट प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस जीत के साथ नीरज कुमार रांची के निर्वाचित डिप्टी मेयर बन गए हैं। नगर

News Pratyaksh | Updated : Thu 19th Mar 2026, 11:30 am
रांची: रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के लिए हुए चुनाव में वार्ड 31 के पार्षद नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कुल 39 वोट प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस जीत के साथ नीरज कुमार रांची के निर्वाचित डिप्टी मेयर बन गए हैं। नगर निगम की राजनीति में यह परिणाम अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे शहर की आगामी नीतियों और विकास कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई और परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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