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महागठबंधन में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित हुए तेजस्वी यादव ने मंगलवार सुबह फिर से बड़ा एलान कर दिया है।

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:27 am
महागठबंधन में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित हुए तेजस्वी यादव ने मंगलवार सुबह फिर से बड़ा एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो माई बहिन योजना के तहत एक साल की पूरी राशि यानी 30 हजार एकमुश्त महिलाओं के खाते में भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद 14 जनवरी को हमारी सरकार 1 साल का पूरा पैसा माता बहनों के खाते में भेज देगी।तेजस्वी यादव ने कहा कि हम लोगों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकार बनने के साथ ही जीविका (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थाई करेंगे उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये दिया जाएंगे। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त में देंगे। यानी सिंचाई में बिजली का खर्चा सरकार देगी। अभी राज्य सरकार 55 पैसा प्रति यूनिट लेती है। लेकिन, हमारी सरकार इसे मुफ्त कर देगी। राज्य के व्यापार मंडलों के 8463 पैक्स को जनप्रतिनिधि का दर्जा दिया जाएगा। इधर, हर परिवार को नौकरी देने के लिए बजट कहां से लाएंगे? इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों ने एक्सपर्ट से विचार के बाद हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। भाजपा की बातों को छोड़िए। जब नौकरी देंगे तो उन्हें भी पता चल जाएगा कि कुछ भी असंभव नहीं है। तेजस्वी यादव ने हर चीज को संभव कर दिखाई है।

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मोकामा में सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं का रोड शो विवादों में घिर गया है। रोड शो खत्म होने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिल

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:26 am
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मोकामा में सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं का रोड शो विवादों में घिर गया है। रोड शो खत्म होने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के लिए चुनाव प्रचार कर रहे दोनों नेताओं ने मोकामा में रोड शो कर चुनाव आचार संहिता और प्रशासनिक नियमों की खुलेआम उल्लंघन किया। आरोप यह भी है कि रोड शो के दौरान भीड़ नियंत्रण, अनुमति और सुरक्षा से जुड़ी कई शर्तों का पालन नहीं किया गया। चुनाव आयोग के निर्देशों के बावजूद एनडीए के इन दिग्गज नेताओं ने मोकामा की सड़कों पर विशाल जनसमूह के साथ रैली निकाली।

नालंदा की धरती इन दिनों सिर्फ फसलों से नहीं

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:26 am
नालंदा की धरती इन दिनों सिर्फ फसलों से नहीं, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनावी जोश से भी लहलहा रही है। धान की खुशबू में अब राजनीति की महक घुल गई है, चौपालों पर बहस, गलियों में चर्चाएं और हर दिल में एक ही सवाल गूंज रहा है, “इस बार सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी?” जब अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ नालंदा पहुंचा, तो लगा मानो लोकतंत्र की धड़कन यहीं सबसे तेज चल रही हो। कहीं उम्मीदों की आहट है, कहीं नारों की आवाज, और बीच में जनता, जो अपने वोट से बिहार के भविष्य की नई कहानी लिखने को तैयार है। वैसे भी नालंदा ज्ञान की भूमि रही है। सियासी रूप से देखें तो लंबे वक्त से सीएम नीतीश कुमार का यह क्षेत्र गढ़ रहा है।सुबह चाय की चर्चा पर यहां के स्थानीय निवासी अर्पित कुमार सिन्हा कहते हैं कि कोई संशय नहीं है। एनडीए के प्रत्याशी की जीत तय है। केंद्र में एनडीए की सरकार है। यहां लंबे समय से नीतीश का प्रभाव रहा है। काम भी बहुत हुआ है। सड़कें अच्छी बनी हैं। विकास लोगों को दिखता है, इसमें कोई संशय नहीं है। पूरे बिहार में यातायात के लिए रोड की जरूरत थी, डबल इंजन की सरकार ने इसे पूरा किया है। पहले हम सड़कों पर चलते थे तो शाम तक जिला और राज्य मुख्यालय पर नहीं पहुंच पाते थे। आज तीन से चार घंटे में आप कहीं भी पहुंच सकते हैं। रोजगार के मुद्दों पर सिन्हा कहते हैं कि रोजगार का सृजन हुआ है। मेरे मोहल्ले में 50 लोगों को काम मिला है। एनडीए का दबदबा है।वहीं, अरुण कुमार कहते हैं कि यहां NDA के आलावा कोई नहीं दिख रहा है। अच्छी सरकार है। और इससे अच्छी कोई सरकार समझ में हमें नहीं आता है। लालू राज जैसे बुरे दिन हमने नहीं देखेगा। अगर नीतीश रहेंगे तो आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा। लालू का सरकार लाठी की सरकार है। हम अब नहीं चाहते हैं कि उनकी सरकार आए। हम देख रहे हैं कि जो योग्य है वो कहीं न कहीं नौकरी पा ही लेता है। नौकरी करने में पलायन क्या बात है? यदि आप केंद्र के साथ काम करेंगे तो क्या दूसरे राज्य नहीं जाएंगे आप? तो ये कैसे पलायन हुआ।

बिहार की इस मिट्टी में एक पुरानी कहावत है कि यहां धूल सिर्फ उड़ती नहीं, इतिहास भी लिखती

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:25 am
बिहार की इस मिट्टी में एक पुरानी कहावत है कि यहां धूल सिर्फ उड़ती नहीं, इतिहास भी लिखती है...और इसी धूल में खड़े होकर तारतर की सड़क पर लोगों ने फिर से गुजरा हुआ बिहार देखा। उसे देखने और समझने अमर उजाला की टीम भी पहुंची।युवाओं को बिहार में या मोकामा में वह दौर नहीं चाहिए, जब सत्ता की भाषा बंदूकों व कारतूसों से लिखी जाती थी। वोट सिर्फ मत नहीं, ताकत की घोषणा हुआ करते थे। नब्बे के दशक में अखबारों की सुर्खियां...कहीं अपहरण, कहीं नरसंहार, कहीं चुनावी हत्याएं थीं। लालू-राबड़ी शासन और जंगलराज का शब्द उसी समय राजनीतिक शब्दावली में स्थायी जगह ले गया। जहानाबाद की धरती पर नक्सली सेनाएं और प्रतिहिंसक जन्म यानी रणवीर सेना बनी थी। तब यहां की रातें सिर्फ अंधेरी नहीं, बल्कि खौफ से सनी होती थीं। यही वह पृष्ठभूमि थी जिसमें बिहार की राजनीति में बाहुबली अध्याय फूटा। कोई जाति के बुर्ज पर खड़ा होकर ताकत दिखाता था तो कोई अपराध व राजनीति की साझेदारी से साम्राज्य चलाता था। तब चुनाव क्षेत्र नहीं, इलाके कहलाते थे। शासन दिल्ली-पटना से आकार पाती थी, असली कानून स्थानीय सरकार तय करती थी। इन्हीं कहानियों के बीच मोकामा भी एक केंद्र बना बिहार के सबसे धनवान इलाके मोकामा में राजनीतिक वर्चस्व में हुई हत्या और जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामला पूरे बिहार में गरमाया है। पर, उससे भी महत्वपूर्ण बिंदु है सियासत पर इसका असर क्या है? अब मोकामा का युवा उस दौर को देखना नहीं चाहता, जहां जातीय श्रेष्ठता का बोध या गुटबंदी यहां के आकाश पर अपराध और दहशत की कालिमा लगाने को तैयार हो।

बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ दिनों का समय शेष रह गया है।

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:25 am
बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ दिनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने प्रचार-प्रसार के दौरान प्रतिद्वंदी दलों पर जमकर निशाना साध रही है। एक तरफ जहां सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजद और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी ने भी पीएम मोदी और एनडीए पर निशाना साधा। हरसा और कटिहार में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस की शब्दावली में केवल कट्टा, क्रूरता, कड़वाहट, भ्रष्टाचार और जंगलराज जैसे शब्द भरे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सरकार बिहार की प्रगति को रोक रही थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जंगलराज खत्म हुआ और बिहार में अच्छी शासन व्यवस्था आई।इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं और युवाओं से वोट देने की अपील की। साथ ही कहा कि मैं बिहार की बहन और बेटियों से अपील कर रहा हूं कि वो मतदान करते समय सतर्क रहे, एनडीए की पहचान विकास से है, जबकि राजद और कांग्रेस की पहचान विनाश से है। उन्होंने राजद और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे अवैध घुसपैठियों की सुरक्षा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने केवल 20 करोड़ का वादा किया और भूल गई, जबकि उनकी सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर शिक्षा संस्थानों की स्थिति सुधार दी।इसी क्रम में पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी एनडीए और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए में फूट है। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्यों नहीं दिखे और भाषणों में उनका नाम मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर क्यों नहीं लिया गया। खरगे ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नेताओं को रोजगार, निवेश और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि विपक्ष पर हमला करने में समय गंवाना चाहिए।

समस्तीपुर में भड़का बवाल:

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Nov 2025, 11:24 am
समस्तीपुर में भड़का बवाल: बिहार विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर आए एक सब-इंस्पेक्टर की हरकत से सोमवार की देर शाम पूरा इलाका तनावग्रस्त हो गया. मामला समस्तीपुर जिले के उजियारपुर विधानसभा के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के रामपुर जलालपुर स्थित पीटीसी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज का है. आरोप है कि विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर आए एक सब-इंस्पेक्टर ने शराब के नशे में एक युवक को बेरहमी से पीटकर छात्रावास की तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया.घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण उग्र हो गए. सैकड़ों की भीड़ कॉलेज पहुंची, मुख्य द्वार बंद कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी एसआई की गिरफ्तारी की मांग की. ग्रामीणों के अनुसार वार्ड संख्या 21 निवासी मनीष कुमार (27), पिता चीना दास, मजदूरी कर परिवार चलाता है और चार बच्चों का पिता है. सोमवार शाम कॉलेज चौक के पास किसी बात को लेकर एसआई से उसकी कहासुनी हो गई.बताया गया कि एसआई नशे की हालत में था. पहले उसने चौक पर मनीष की पिटाई की और फिर जबरन कॉलेज परिसर के छात्रावास में ले गया. आरोप है कि छात्रावास के कमरे में मनीष को लाठी और पिस्टल के बट से बेरहमी से पीटा गया. इसी बीच पिस्टल से वार कर उसका दांत तोड़ दिया गया और फिर तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया. मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे अनुमंडलीय अस्पताल दलसिंहसराय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
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