Bihar


बिहार के राजगीर में 13वीं सीनियर नेशनल रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन बिहार, पश्चिम बंगाल और केरल का दबदबा रहा : बिहार खेल अकादमी राजगीर में 16 और 17 अप्रैल को आयोजित 13वीं सीनियर नेशनल रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप 2026 का एक्शन और रोमांच से भरपूर र

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:46 pm
बिहार के राजगीर में 13वीं सीनियर नेशनल रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन बिहार, पश्चिम बंगाल और केरल का दबदबा रहा : बिहार खेल अकादमी राजगीर में 16 और 17 अप्रैल को आयोजित 13वीं सीनियर नेशनल रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप 2026 का एक्शन और रोमांच से भरपूर रहा. रग्बी के विमेंस ग्रुप स्टेज संपन्न हुआ, जिसमें सभी मैचों में 1000 से अधिक पॉइंट्स बने. अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 27 टीमों के ग्रुप स्टेज में जबरदस्त परफॉर्मेंस, करीबी मुकाबले और शानदार इंडिविजुअल प्रदर्शन देखने को मिले. जिससे नॉकआउट राउंड के लिए माहौल तैयार हो गया. होस्ट और डिफेंडिंग चैंपियन बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जबरदस्त जीत दर्ज की, जिसमें मध्य प्रदेश पर 59-0 की जीत और उत्तर प्रदेश के खिलाफ 60-0 का नतीजा शामिल है. सबसे जबरदस्त अटैकिंग टीमों में से, वेस्ट बंगाल ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाली टीम बनी, जिसने दो मैचों में 129 पॉइंट्स बनाए, वहीं मणिपुर पर 66-0 की जीत और आंध्र प्रदेश के खिलाफ 63-0 की जीत शामिल है. ग्रुप स्टेज का अंत खास लोगों की मौजूदगी में हुआ, जिसमें श्रवण कुमार, MLA और चेयरमैन, बिहार रग्बी और बिहार सरकार के रूरल डेवलपमेंट और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर, एंड्रिया क्रिजल, बोर्ड मेंबर, रग्बी इंडिया पंकज कुमार ज्योति, जनरल सेक्रेटरी, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार शामिल थे. ग्रुप स्टेज अब पूरा होने के साथ, टीमें नॉकआउट राउंड और रैंकिंग मैचों में आगे बढ़ेंगी, जहां नेशनल टाइटल की रेस जारी रहने के साथ मुकाबला और तेज होने वाला है. प्री-क्वार्टर फाइनल का एक्शन देर रात 10:30 बजे तक चला.

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. प्रशासन ने बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण काउंटर स्थापित किए हैं और यात्रा मार्ग पर ढाबों व होटलों में LPG सिलेंडर की प

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:42 pm
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. प्रशासन ने बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण काउंटर स्थापित किए हैं और यात्रा मार्ग पर ढाबों व होटलों में LPG सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं. चार धाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन शामिल होते हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं.

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के साथ ही जेडीयू कार्यालय का पोस्टर भी बदल गया है. '2025 से 2030 फिर से नीतीश' वाला पोस्टर पहले ही पार्टी दफ्तर से हटा दिया गया था. उसकी जगह नया पोस्टर लगा है, जिसमें उनके 20-21 वर्षों को विकास कार्यों का संकेत

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Apr 2026, 01:07 pm
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के साथ ही जेडीयू कार्यालय का पोस्टर भी बदल गया है. '2025 से 2030 फिर से नीतीश' वाला पोस्टर पहले ही पार्टी दफ्तर से हटा दिया गया था. उसकी जगह नया पोस्टर लगा है, जिसमें उनके 20-21 वर्षों को विकास कार्यों का संकेत है.अब नया पोस्टर दो दशक जन जन के स्लोगन वाला लगाया गया है, जिसमें नीतीश कुमार की तस्वीर है. इसके साथ ही नीतीश कुमार ने जो दो दशक में काम किया है, कुछ उसकी भी झलक दिखाई गई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि समय के साथ बदलाव होना स्वभाविक है.बुधवार को सम्राट चौधरी ने बतौर मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. उनके साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. हालांकि पहले चर्चा थी कि निशांत उप-मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आज निशांत ने कहा कि उनका लक्ष्य जेडीयू को मजबूत करना है.

बिहार के बक्सर से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक को पेड़ से उल्टा लटकाकर पीटा जा रहा है. इस वीडियो के संबंध में पुलिस ने बताया कि यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुरुदास मठिया गांव का है, जो रविवार देर रात घटित ह

News Pratyaksh | Updated : Wed 15th Apr 2026, 12:43 pm
बिहार के बक्सर से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक को पेड़ से उल्टा लटकाकर पीटा जा रहा है. इस वीडियो के संबंध में पुलिस ने बताया कि यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुरुदास मठिया गांव का है, जो रविवार देर रात घटित हुआ. यहां युवक के साथ भीड़ द्वारा की गई बर्बरता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है.घटना रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर पेड़ से उल्टा लटका दिया और उसकी जमकर पिटाई की. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद समूचे इलाके में सनसनी फैल गई है. इस घटना ने स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.स्थानीय लोगों का ऐसा आरोप है कि युवक चोरी करने की नीयत से गांव में घुसा था. आहट मिलते ही ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और युवक को धर-दबोचा. इसके बाद लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक को रस्सी के सहारे पेड़ से बांध दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर डाली. सुबह के समय सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह युवक को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया.

भारत का गिग वर्किंग सेक्टर अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जॉब प्लेटफॉर्म 'फाउंडिट' की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, गिग इकोनॉमी अब केवल कम कौशल वाले और अधिक संख्या वाले कामों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक विशेषज्ञता और क्षमता आधारित इकोसिस्टम म

News Pratyaksh | Updated : Wed 15th Apr 2026, 12:42 pm
भारत का गिग वर्किंग सेक्टर अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जॉब प्लेटफॉर्म 'फाउंडिट' की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, गिग इकोनॉमी अब केवल कम कौशल वाले और अधिक संख्या वाले कामों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक विशेषज्ञता और क्षमता आधारित इकोसिस्टम में बदल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब कंपनियों का ध्यान हाई-स्किल रिमोट भूमिकाओं और टियर-2 शहरों के टैलेंट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है.रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारत में व्हाइट-कॉलर गिग नौकरियों की संख्या में अभूतपूर्व उछाल आया है. वित्त वर्ष 2025 (FY25) में यह संख्या 68 लाख थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 82.3 लाख हो गई है. अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 तक यह आंकड़ा 1.02 करोड़ (10.2 मिलियन) को पार कर जाएगा. अब 'प्रोजेक्ट-बेस्ड हायरिंग' यानी किसी खास प्रोजेक्ट के लिए विशेषज्ञों को नियुक्त करना कंपनियों के लिए एक सामान्य मॉडल बन चुका है.