घर बैठे पूर्वजों को दिलाएं मोक्ष, पितृपक्ष मेला में ऑनलाइन पिंडदान की सारी व्यवस्था,बुकिंग 25 अगस्त या 26 अगस्त से शुरू हो जाएगी. :
News Pratyaksh | Updated : Mon 25th Aug 2025, 11:44 am
घर बैठे पूर्वजों को दिलाएं मोक्ष, पितृपक्ष मेला में ऑनलाइन पिंडदान की सारी व्यवस्था,बुकिंग 25 अगस्त या 26 अगस्त से शुरू हो जाएगी. :
बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2025 आगामी 6 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 21 सितंबर तक चलेगा. यह मेला अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, जहां लाखों तीर्थयात्री अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान करने पहुंचते हैं. भारत के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पिंडदानी इस पवित्र स्थल पर आते हैं.कई लोग विभिन्न कारणों से गयाजी धाम नहीं पहुंच पाते, उनके लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने ऑनलाइन पिंडदान की सुविधा शुरू की है. जिसके तहत पिंडदानी घर बैठे अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान कर सकते हैं. इस सुविधा में पंडा, पुजारी, पूजा सामग्री और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं. ऑनलाइन पिंडदान की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई जाती है, जो पेन ड्राइव के माध्यम से पिंडदानी को उनके पते पर भेजी जाती है.बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने ऑनलाइन पिंडदान के लिए 23 हजार रुपये का पैकेज निर्धारित किया है. इस पैकेज में सभी धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आवश्यक सामग्री, पंडा जी और पुजारी की सेवाएं शामिल हैं. निगम की वेबसाइट पर 25 या 26 अगस्त से ऑनलाइन बुकिंग शुरू होगी. यह पैकेज न केवल भारत में रहने वालों के लिए, बल्कि विदेशों में रहने वाले पिंडदानियों के लिए भी उपलब्ध है, जो गया जी नहीं पहुंच सकते.ऑनलाइन पिंडदान की प्रक्रिया गयाजी की तीन प्रमुख वेदियों विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट और फल्गु नदी पर पूरी की जाती है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित इस कर्मकांड में सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है. पिंडदान की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड कर पेन ड्राइव में उपलब्ध कराया जाता है, जिसे पिंडदानी को भेजा जाता है. यह सुविधा हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हो रही है.पितृपक्ष मेला न केवल भारतीयों, बल्कि विदेशी तीर्थयात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है. जो विदेशी पिंडदानी गया जी नहीं पहुंच पाते, वे भी ऑनलाइन पिंडदान के माध्यम से अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना कर सकते हैं. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की इस पहल ने वैश्विक स्तर पर गयाजी की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाया है. ऑनलाइन सुविधा ने उन लोगों के लिए भी रास्ता खोल दिया है, जो भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते.बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के पदाधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि 23 हजार के पैकेज में ऑनलाइन पिंडदान की पूरी व्यवस्था है. इसकी बुकिंग करने की सुविधा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट (बीएसटडीसी) bstdc.bihar.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है. बुकिंग 25 अगस्त या 26 अगस्त से शुरू हो जाएगी.