Bihar


बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 71वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) की प्रारंभिक परीक्षा आज

News Pratyaksh | Updated : Sat 13th Sep 2025, 09:04 am
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 71वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) की प्रारंभिक परीक्षा आज, 13 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। जिन उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है, वे अपना एडमिट कार्ड bpsc.bihar.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।परीक्षा दोपहर 12:00 बजे से 02:00 बजे तक एक ही पाली में आयोजित होगी। उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2.5 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रवेश सुबह 09:30 बजे शुरू होगा और गेट 11:00 बजे बंद हो जाएगा। 11 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह परीक्षा 150 अंकों की होगी, जिसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक (0.33) की नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्णिया दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर के पूर्णिया दौरे की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं

News Pratyaksh | Updated : Sat 13th Sep 2025, 09:03 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्णिया दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर के पूर्णिया दौरे की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। प्रधानमंत्री शीशाबारी के एसएसबी ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। यातायात परामर्श के अनुसार, 13 सितंबर की आधी रात से 15 सितंबर की रात 10 बजे तक जिले से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। 14 सितंबर की आधी रात से रैली समाप्त होने तक यात्री बसों को भी शहर में प्रवेश करने से रोका जाएगा। केवल आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर में 15 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों को पूरे जिले में तैनात किया गया है, और भीड़ की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।          

पटना में एपीडा कार्यालय का उद्घाटन, गोयल ने मखाना निर्यात को दिखाई हरी झंडी

News Pratyaksh | Updated : Fri 12th Sep 2025, 10:52 am
पटना में एपीडा कार्यालय का उद्घाटन, गोयल ने मखाना निर्यात को दिखाई हरी झंडी कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पटना में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय खोला है। यह कार्यालय कृषि भवन परिसर में स्थापित किया गया है। इस मौके पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘जीआई-टैग’ (भौगोलिक संकेतक) प्राप्त मिथिला मखाना की पहली वाणिज्यिक खेप को हरी झंडी दिखाई। करीब एक करोड़ रुपए मूल्य के सात टन मखाना अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड के लिए रवाना किया गया।

बिहार की नवाचारी देश के लिए मॉडल बन सकती हैं : डॉ. जितेंद्र सिंह

News Pratyaksh | Updated : Fri 12th Sep 2025, 10:51 am
बिहार की नवाचारी देश के लिए मॉडल बन सकती हैं : डॉ. जितेंद्र सिंह बिहार की राजधानी पटना में बृहस्पतिवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसका आयोजन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों, जिलाधिकारियों, नीति-निर्माताओं और नवाचार करने वालों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिहार सरकार और उसके अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की नवाचारी पहलें, विशेषकर शिकायत निवारण और डिजिटल परिवर्तन, पूरे देश के लिए अनुकरणीय मॉडल बन सकती हैं।

बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है. पितृपक्ष मेले में गया श्राद्ध के छठे दिन आश्विन कृष्ण पंचमी की तिथि को विष्णुपद मंदिर में ब्रह्म पद, रूद्र पद और विष्णु पद में पिंडदान करने का विधान है. यहां खीर के पिंड से पिंडदान किया जाता है. इ

News Pratyaksh | Updated : Fri 12th Sep 2025, 10:49 am
बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है. पितृपक्ष मेले में गया श्राद्ध के छठे दिन आश्विन कृष्ण पंचमी की तिथि को विष्णुपद मंदिर में ब्रह्म पद, रूद्र पद और विष्णु पद में पिंडदान करने का विधान है. यहां खीर के पिंड से पिंडदान किया जाता है. इन तीनों वेदियों पर आश्विन कृष्ण पंचमी तिथि को भीष्म पितामह ने अपने पिता शांतनु के मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान किया था.विष्णुपद मंदिर में स्थित रूद्र पद, विष्णु पद और ब्रह्म पद में पिंडदान का काफी महत्व है. धर्म पुराणों में जिक्र मान्यताओं के अनुसार भीष्म पितामह के सामने उनके पिता शांतनु के दोनों हाथ सामने आ गए थे, लेकिन भीष्म पितामह ने अपने पिता शांतनु के हाथ में पिंड ना देकर विष्णु पद पर अर्पित किया था.