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बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है. पितृपक्ष मेले में गया श्राद्ध के छठे दिन आश्विन कृष्ण पंचमी की तिथि को विष्णुपद मंदिर में ब्रह्म पद, रूद्र पद और विष्णु पद में पिंडदान करने का विधान है. यहां खीर के पिंड से पिंडदान किया जाता है. इ

News Pratyaksh | Updated : Fri 12th Sep 2025, 10:49 am
बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है. पितृपक्ष मेले में गया श्राद्ध के छठे दिन आश्विन कृष्ण पंचमी की तिथि को विष्णुपद मंदिर में ब्रह्म पद, रूद्र पद और विष्णु पद में पिंडदान करने का विधान है. यहां खीर के पिंड से पिंडदान किया जाता है. इन तीनों वेदियों पर आश्विन कृष्ण पंचमी तिथि को भीष्म पितामह ने अपने पिता शांतनु के मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान किया था.विष्णुपद मंदिर में स्थित रूद्र पद, विष्णु पद और ब्रह्म पद में पिंडदान का काफी महत्व है. धर्म पुराणों में जिक्र मान्यताओं के अनुसार भीष्म पितामह के सामने उनके पिता शांतनु के दोनों हाथ सामने आ गए थे, लेकिन भीष्म पितामह ने अपने पिता शांतनु के हाथ में पिंड ना देकर विष्णु पद पर अर्पित किया था.