Jharkhand


गांव की बेटी ने रचा इतिहास! ऑनलाइन पढ़ाई के दम पर NEET-2026 में चमकी नेहा कुमारी

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jul 2026, 12:48 pm
गांव की बेटी ने रचा इतिहास! ऑनलाइन पढ़ाई के दम पर NEET-2026 में चमकी नेहा कुमारी देवघर के सारठ प्रखंड की नेहा ने आर्थिक चुनौतियों के बीच ऑल इंडिया 41,223वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का मान देवघर: कहते हैं कि मजबूत इरादे और कड़ी मेहनत हर मुश्किल को आसान बना देते हैं। इस कहावत को सच साबित किया है देवघर जिले के सारठ प्रखंड के खाखरा गांव की रहने वाली नेहा कुमारी ने। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद नेहा ने गांव में रहकर केवल ऑनलाइन पढ़ाई और लगातार मेहनत के बल पर NEET-2026 परीक्षा में ऑल इंडिया 41,223वीं रैंक हासिल की है। नेहा की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव और देवघर जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इस वर्ष NEET परीक्षा को अपेक्षाकृत कठिन माना गया, वहीं सफल अभ्यर्थियों की संख्या भी कम रही। ऐसे में नेहा की सफलता और भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी भी संसाधनों की कमी को उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। गांव में रहकर उन्होंने प्रतिदिन करीब 6 घंटे ऑनलाइन क्लास और 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी की। लगातार 13 से 14 घंटे की पढ़ाई और दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज उन्होंने यह सफलता हासिल की है। नेहा की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला रखते हैं। #NEET2026 #NehaKumari #SuccessStory #Deoghar #Sarath #Jharkhand #NEETSuccess #InspiringStory #Education #OnlineLearning #HardWorkPaysOff #VillageToVictory #JharkhandNews #StudentSuccess #NewsPratyaksh

रांची पहुंची 135वें डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी, फुटबॉल के महाकुंभ के लिए झारखंड तैयार

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jul 2026, 12:47 pm
रांची पहुंची 135वें डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी, फुटबॉल के महाकुंभ के लिए झारखंड तैयार 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में होंगे मुकाबले, मंत्री सुदिव्य कुमार बोले— राज्य के लिए गर्व का क्षण रांची: एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी शनिवार को रांची पहुंची। इस अवसर पर दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में भव्य ट्रॉफी शोकेस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का प्रदर्शन किया गया। सेना के अधिकारियों, खेल विभाग के प्रतिनिधियों, फुटबॉल प्रेमियों और मीडिया की मौजूदगी में तीनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का भव्य स्वागत हुआ। इस वर्ष डूरंड कप का 135वां संस्करण देश के छह शहरों में आयोजित किया जाएगा। रांची में मुकाबले 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। देश के शीर्ष फुटबॉल क्लबों के साथ सर्विसेज टीमों की भागीदारी टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाएगी। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी कर रहा है। डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का रांची में आयोजन राज्य के लिए गर्व का विषय है। इससे प्रदेश में फुटबॉल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा निखारने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने कहा कि डूरंड कप केवल एक फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा और खेल भावना का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। डूरंड कप का गौरवशाली इतिहास डूरंड कप की शुरुआत वर्ष 1888 में शिमला के अन्नाडेल मैदान से हुई थी। यह एशिया का सबसे पुराना और दुनिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। वर्ष 1940 में मोहम्मडन स्पोर्टिंग इस प्रतियोगिता को जीतने वाला पहला भारतीय नागरिक क्लब बना था। समय के साथ यह टूर्नामेंट भारतीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में अपनी खास पहचान बना चुका है। #DurandCup2026 #Ranchi #Jharkhand #Football #BirsaMundaStadium #SudivyaKumar #IndianArmy #SportsNews #JharkhandSports #DurandCup #FootballIndia #NewsPratyaksh #BreakingNews #RanchiNews

रांची-गुमला NH-43 पर भीषण सड़क हादसा, चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने बचाईं जानें

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jul 2026, 12:45 pm
रांची-गुमला NH-43 पर भीषण सड़क हादसा, चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने बचाईं जानें : रांची : रांची-गुमला मुख्य मार्ग (NH-43) पर शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में 13 लोग घायल हो गए। इटकी थाना क्षेत्र के पलमा पेट्रोल पंप के समीप तेज रफ्तार बोलेरो और सवारी ऑटो की जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क किनारे पलट गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। जानकारी के अनुसार, रांची से बेड़ो की ओर जा रही बोलेरो (JH01DK 8067) ने आगे चल रहे सवारी ऑटो (JH01GR 6395) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गए और उनके चारों पहिए ऊपर हो गए। हादसे के समय कई यात्री वाहनों के अंदर फंस गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने कड़ी मशक्कत कर घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सूचना मिलते ही इटकी थाना के एएसआई किरण बरला, बेड़ो पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत कार्य में सहयोग करते हुए घायलों को अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। हादसे में घायल लोगों में संदीप उरांव, मंगरा उरांव, सगीया तिर्की, सुनीता उरांव, काजल उरांव, सुशीना उरांव, किरण देवी, शिला कुमारी, अजय सिंह, सुमती देवी, जगरनाथ महतो समेत अन्य यात्री शामिल हैं। कई महिलाएं और बच्चे भी हादसे की चपेट में आए। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए रांची-गुमला मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया। इटकी पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। #RanchiNews #GumlaRoadAccident #RoadAccident #JharkhandNews #BreakingNews #NH43 #Itki #Bero #RoadSafety #AccidentNews #RanchiGumlaRoad #Jharkhand #ViralNews #LatestNews #RIMSRanchi #HighwayAccident

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jul 2026, 12:10 pm
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल : भारतीय रेलवे हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह पहल रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच संचालित होगी। यह एक तरफ लगभग 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप के साथ कुल 356 किलोमीटर का सफर करेगी। ट्रेन में 682 सीटों की व्यवस्था है, जबकि खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों सहित करीब 2,600 लोग एक साथ सफर कर सकेंगे। ट्रेन का अप और डाउन नंबर क्रमशः 74010 और 74009 होगा। यह जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रबड़ा, लाठ, मोहन हरियाणा और बरवासनी सहित 12 स्टेशनों पर रुकेगी। यह रूट उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत आता है और इसे खासतौर पर दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ट्रेन 1,200 किलोवाट-आवर क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम पर आधारित है। इस तकनीक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बिजली उत्पन्न की जाती है, जो ट्रेन के मोटरों को शक्ति प्रदान करती है। इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप निकलती है, जिससे यह लगभग पूरी तरह कार्बन-मुक्त तकनीक बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक उन रेलवे मार्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जहां अभी तक पूर्ण विद्युतीकरण नहीं हुआ है।

WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:20 pm
WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी Meta की स्वामित्व वाली लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित 'Username' फीचर को लेकर केंद्र सरकार और कंपनी के बीच चल रही चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp ने सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है और अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उसकी समीक्षा कर रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह Meta को नोटिस जारी कर WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर पर कई सवाल उठाए थे। सरकार ने आशंका जताई थी कि इस फीचर के लागू होने से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और पहचान छिपाकर किए जाने वाले इम्पर्सनेशन अटैक जैसी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। क्या है Username फीचर? प्रस्तावित फीचर के तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूज़रनेम के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे और बातचीत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस सुविधा का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं, इसलिए इसके सुरक्षा पहलुओं की विस्तृत जांच आवश्यक है। सरकार की मंजूरी तक लॉन्च नहीं होगा फीचर सरकार ने Meta को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर संतोषजनक चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में Username फीचर लॉन्च न किया जाए। इसके बाद WhatsApp ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि बातचीत पूरी होने तक यह फीचर भारत में रोल आउट नहीं किया जाएगा। मंत्रालय कर रहा है जवाब की समीक्षा सूत्रों के मुताबिक, WhatsApp का जवाब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्राप्त हो गया है और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, आईटी सचिव S. Krishnan ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार को अपेक्षित था। वहीं, अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram और Signal को भेजे गए नोटिसों के जवाब का भी इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद Meta की एक टीम ने पिछले सप्ताह आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा भी की थी।

गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:18 pm
गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता गाजा में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार को हुए ताजा हमलों में छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी और स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में से दो लोगों की मौत सेंट्रल गाजा के नुसेरत कैंप में कथित ड्रोन हमले के दौरान हुई, जबकि अन्य चार लोगों के अलग-अलग इलाकों में मारे जाने की सूचना है। स्थानीय अस्पतालों ने भी छह शव मिलने की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और संघर्षविराम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जमीनी स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से भिन्न दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरें भी सुर्खियों में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, United States Central Command ने कहा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा से जुड़े खतरों को कम करने के उद्देश्य से कार्रवाई की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। वहीं, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अल-अजराक एयर बेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई हालिया घटनाओं के जवाब में की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात में और अधिक तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।