Jharkhand


भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jul 2026, 12:10 pm
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई को मिलेगी हरी झंडी, जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी ग्रीन रेल : भारतीय रेलवे हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह पहल रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच संचालित होगी। यह एक तरफ लगभग 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप के साथ कुल 356 किलोमीटर का सफर करेगी। ट्रेन में 682 सीटों की व्यवस्था है, जबकि खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों सहित करीब 2,600 लोग एक साथ सफर कर सकेंगे। ट्रेन का अप और डाउन नंबर क्रमशः 74010 और 74009 होगा। यह जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रबड़ा, लाठ, मोहन हरियाणा और बरवासनी सहित 12 स्टेशनों पर रुकेगी। यह रूट उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत आता है और इसे खासतौर पर दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ट्रेन 1,200 किलोवाट-आवर क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम पर आधारित है। इस तकनीक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बिजली उत्पन्न की जाती है, जो ट्रेन के मोटरों को शक्ति प्रदान करती है। इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप निकलती है, जिससे यह लगभग पूरी तरह कार्बन-मुक्त तकनीक बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक उन रेलवे मार्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जहां अभी तक पूर्ण विद्युतीकरण नहीं हुआ है।

WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:20 pm
WhatsApp के 'Username' फीचर पर सरकार सख्त, Meta ने नोटिस का दिया जवाब; जांच जारी Meta की स्वामित्व वाली लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित 'Username' फीचर को लेकर केंद्र सरकार और कंपनी के बीच चल रही चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp ने सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है और अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उसकी समीक्षा कर रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह Meta को नोटिस जारी कर WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर पर कई सवाल उठाए थे। सरकार ने आशंका जताई थी कि इस फीचर के लागू होने से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और पहचान छिपाकर किए जाने वाले इम्पर्सनेशन अटैक जैसी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। क्या है Username फीचर? प्रस्तावित फीचर के तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूज़रनेम के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे और बातचीत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस सुविधा का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं, इसलिए इसके सुरक्षा पहलुओं की विस्तृत जांच आवश्यक है। सरकार की मंजूरी तक लॉन्च नहीं होगा फीचर सरकार ने Meta को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर संतोषजनक चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में Username फीचर लॉन्च न किया जाए। इसके बाद WhatsApp ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि बातचीत पूरी होने तक यह फीचर भारत में रोल आउट नहीं किया जाएगा। मंत्रालय कर रहा है जवाब की समीक्षा सूत्रों के मुताबिक, WhatsApp का जवाब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्राप्त हो गया है और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, आईटी सचिव S. Krishnan ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार को अपेक्षित था। वहीं, अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram और Signal को भेजे गए नोटिसों के जवाब का भी इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद Meta की एक टीम ने पिछले सप्ताह आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा भी की थी।

गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:18 pm
गाजा में फिर तेज हुए हमले, 6 लोगों की मौत की खबर; ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता गाजा में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार को हुए ताजा हमलों में छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी और स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में से दो लोगों की मौत सेंट्रल गाजा के नुसेरत कैंप में कथित ड्रोन हमले के दौरान हुई, जबकि अन्य चार लोगों के अलग-अलग इलाकों में मारे जाने की सूचना है। स्थानीय अस्पतालों ने भी छह शव मिलने की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और संघर्षविराम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जमीनी स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से भिन्न दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरें भी सुर्खियों में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, United States Central Command ने कहा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा से जुड़े खतरों को कम करने के उद्देश्य से कार्रवाई की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। वहीं, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अल-अजराक एयर बेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई हालिया घटनाओं के जवाब में की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात में और अधिक तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

झारखंड में निवेश की बड़ी उड़ान: ₹99,639 करोड़ के 14 एमओयू पर हस्ताक्षर, उद्योग और रोजगार को मिलेगा नया बल

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:18 pm
झारखंड में निवेश की बड़ी उड़ान: ₹99,639 करोड़ के 14 एमओयू पर हस्ताक्षर, उद्योग और रोजगार को मिलेगा नया बल झारखंड सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन पर 14 अहम एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के माध्यम से राज्य में करीब ₹99,639 करोड़ के प्रस्तावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह पहल झारखंड को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उद्योग क्षेत्र पर सबसे बड़ा फोकस नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान उद्योग क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई। इस दौरान देश की कई प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश संबंधी समझौते किए गए। Jindal Steel Limited ने झारखंड में ₹40,000 करोड़ के निवेश का एमओयू किया। Jindal Nuclear Power Private Limited ने ₹30,000 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई। इन दोनों बड़े निवेश प्रस्तावों को राज्य के औद्योगिक विकास के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। सरकार का विश्वास है कि इससे विनिर्माण, ऊर्जा और संबद्ध क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति राज्य सरकार के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में हुए ये निवेश समझौते झारखंड की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बुनियादी ढांचे, उद्योग और कौशल विकास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

झारखंड मौसम अपडेट: आज पूरे राज्य में बारिश और वज्रपात की संभावना

News Pratyaksh | Updated : Fri 10th Jul 2026, 12:17 pm
झारखंड मौसम अपडेट: आज पूरे राज्य में बारिश और वज्रपात की संभावना झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मुख्य अपडेट: राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार। अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी। 12 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना। 13–14 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम बारिश का पूर्वानुमान। IMD की सलाह: खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। गरज-चमक के समय अनावश्यक यात्रा से बचें। किसान मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
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