Jharkhand


परसुडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 अप्रैल से लापता छोटा गोविंदपुर निवासी मंगल तिवारी का शव 26 अप्रैल को एक नाले के पास गड्ढे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या कर साक्ष्य

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:39 pm
परसुडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 अप्रैल से लापता छोटा गोविंदपुर निवासी मंगल तिवारी का शव 26 अप्रैल को एक नाले के पास गड्ढे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान सुभाष नगर (छोटा गोविंदपुर) निवासी मंगल तिवारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगल 21 अप्रैल की दोपहर करीब एक बजे अपने घर से दोस्तों से मिलने की बात कहकर गोविंदपुर हाल्ट की ओर निकला था। उसके साथ एक अन्य युवक भी देखा गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात होते-होते मंगल का मोबाइल फोन भी बंद हो गया।मामले में मोड़ तब आया जब 22 अप्रैल को परिजनों ने मंगल के नंबर पर दोबारा कॉल किया। इस बार फोन एक अज्ञात व्यक्ति ने उठाया, जिसने खुद को सैलून संचालक बताया। उसने दावा किया कि उसे यह मोबाइल रास्ते में गिरा हुआ मिला था। परिजन मोबाइल लेकर घर तो आ गए, लेकिन मंगल का कोई अता-पता नहीं चला।मंगल के परिजनों का कहना है कि जिस रात वह लापता हुआ, उसके कुछ दोस्त नशे की हालत में घर आए थे। परिजनों को शक है कि मंगल की मौत में उसके दोस्तों का हाथ हो सकता है। शव की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का तर्क है कि जिस गड्ढे से शव मिला, वहां पानी बहुत कम था, इसलिए डूबने की कोई संभावना नहीं है। उन्हें अंदेशा है कि हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को वहां फेंका गया।

#newspratyaksh #jharkhand राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:39 pm
#newspratyaksh #jharkhand राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए हुए हैं।बताया जा रहा है कि ट्रेजरी से जुड़े घोटाले और जांच के कारण भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई है, जिससे रिम्स के लगभग 600 डॉक्टरों और कर्मियों पर सीधा असर पड़ा है।डॉक्टरों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। एक डॉक्टर ने कहा कि बच्चों की स्कूल फीस, घर का खर्च और बैंक के ईएमआई जैसे जरूरी भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। समय पर लोन जमा नहीं होने के कारण बैंक पेनाल्टी चार्ज भी लगा रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी में कथित घोटाले की जांच चल रही है, जिसके कारण भुगतान प्रणाली को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसका असर सिर्फ रिम्स तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी विभागों में भी एक माह तक का वेतन लंबित बताया जा रहा है। वहीं, रांची के सदर अस्पताल में भी आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां टुकड़ों में फंड आवंटन किया जा रहा है।लंबे समय तक वेतन न मिलने की स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। डाक्टर मानसिक दबाव में काम करेंगे, तो इसका असर मरीजों की देखभाल पर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में सरकार और प्रबंधन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे जल्द से जल्द समाधान निकालें। सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कई कर्मियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। महंगाई के इस दौर में वेतन रुकना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रिम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में वेतन भुगतान की यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं।

हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जेल से युवक के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का स

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:38 pm
हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जेल से युवक के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा।कहा गया कि जेल अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के कारण युवक के स्वास्थ्य से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सका है। उसे मंगवाने के लिए समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते करते हुए मौखिक कहा कि दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बहाना नहीं बनाएं।अदालत ने 5 मई तक हर हाल में दस्तावेज पेश करने को कहा है। यदि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया तो जेल आइजी और गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। मामले में सीजेएम पलामू ने मृतक युवक के खिलाफ दर्ज केस का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया।पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई थी कि युवक को रिमांड पर लेने के लिए पलामू सीजेएम कोर्ट के यहां अस्पताल का प्रमाण पत्र दिया गया था उसमें कस्टडी के लिए फिट लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। लेकिन सरकार के शपथ पत्र में छह मार्च 2025 को युवक का एक अन्य फिटनेस से संबंधित कागजात है, जिसमें युवक को घायल बताया गया है।कोर्ट ने इसको गंभीरता से लिया और सीजेएम पलामू से युवक के केस का मूल रिकार्ड मांगा था। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया था कि एक मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार में पुलिस पकड़ कर ले गई थी। हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई।बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना में केस दर्ज कर सीजेएम कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था ,जिसमें युवक के घायल होने के बाद भी उसे फिट फार कस्टडी बताया गया था।

शहर में यातायात को सुगम और जाममुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एयरपोर्ट पहुंच मार्ग पर बड़ा निर्णय लिया है। एयरपोर्ट के बाहर अब गाड़ियों का जमावड़ा नहीं लगेगा।पहले हर दिन सैकड़ों गाड़ियां जहां तहां लगी रहती थी। हिनू चौक से हेथु चौक तक के पूरे मार्ग

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:38 pm
शहर में यातायात को सुगम और जाममुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एयरपोर्ट पहुंच मार्ग पर बड़ा निर्णय लिया है। एयरपोर्ट के बाहर अब गाड़ियों का जमावड़ा नहीं लगेगा।पहले हर दिन सैकड़ों गाड़ियां जहां तहां लगी रहती थी। हिनू चौक से हेथु चौक तक के पूरे मार्ग को नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया गया है। यह फैसला भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, बिरसा मुंडा विमानपत्तन, रांची से प्राप्त पत्र के आधार पर गठित समिति के स्थलीय निरीक्षण के बाद लिया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस मार्ग पर अनियंत्रित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी असुविधा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।निर्णय के तहत संतोषी माता मंदिर, हिनू से लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र रांची होते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कैंप तक सड़क के दोनों किनारों पर वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस मार्ग पर वाहन खड़ा न करें और रांची एयरपोर्ट परिसर में उपलब्ध निर्धारित पार्किंग स्थल का ही उपयोग करें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धातकीडीह स्थित हुसैन बिल्डिंग में शुक्रवार दोपहर एक गंभीर हादसा हो गया।लिफ्ट गिरने से 45 वर्षीय महिला रुकसाना गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह जुगसलाई की निवासी हैं और उक्त बिल्डिंग के एक फ्लैट में घरेलू काम करती थीं

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:37 pm
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धातकीडीह स्थित हुसैन बिल्डिंग में शुक्रवार दोपहर एक गंभीर हादसा हो गया।लिफ्ट गिरने से 45 वर्षीय महिला रुकसाना गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह जुगसलाई की निवासी हैं और उक्त बिल्डिंग के एक फ्लैट में घरेलू काम करती थीं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुकसाना रोज की तरह काम पर पहुंची थीं और लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। इसी दौरान अचानक लिफ्ट में खराबी आ गई और वह नीचे गिर गई।तेज आवाज सुनकर बिल्डिंग के लोग और आसपास के स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को लिफ्ट से बाहर निकाला और तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) पहुंचाया।अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताई है। फिलहाल उनका इलाज सीसीयू में चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।घटना की सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या किसी लापरवाही का परिणाम है। बिल्डिंग प्रबंधन से भी इस संबंध में जानकारी ली जा रही है।इस हादसे के बाद बिल्डिंग में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने लिफ्ट की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग की है।

प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ओरिजिनल सीरीज लुक्खे का जबरदस्त और रोमांच से भरपूर ट्रेलर लॉन्च किया. यह एक काल्पनिक म्यूजिकल एक्शन ड्रामा है, जहां रैप, बदला और मोक्ष आपस में टकराते हैं. इस ट्रेलर का भव्य लॉन्च मुंबई में उत्साहित लाइव दर्शकों के साम

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Apr 2026, 11:46 am
प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ओरिजिनल सीरीज लुक्खे का जबरदस्त और रोमांच से भरपूर ट्रेलर लॉन्च किया. यह एक काल्पनिक म्यूजिकल एक्शन ड्रामा है, जहां रैप, बदला और मोक्ष आपस में टकराते हैं. इस ट्रेलर का भव्य लॉन्च मुंबई में उत्साहित लाइव दर्शकों के सामने किया गया, जिसमें प्राइम वीडियो ने अपने एक्सक्लूसिव म्यूजिक स्ट्रीमिंग पार्टनर अमेजन म्यूजिक और म्यूजिक लेबल वार्नर म्यूजिक इंडिया के साथ मिलकर यह आयोजन किया. इस सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है और इसका निर्माण विपुल डी. शाह और राजेश बहल ने ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट और व्हाइट गुरिल्ला LLP के बैनर तले किया है. इसे एग्रीम जोशी और देबोजीत दास पुरकायस्थ ने बनाया है और यह उनके ही द्वारा एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूस भी की गई है. इस सीरीज में मुख्य भूमिकाओं में राशि खन्ना और किंग है, जहां किंग, जो एक प्रशंसित भारतीय रैपर, गीतकार और सिंगर हैं, इस शो के साथ अपना अभिनय डेब्यू कर रहे हैं. इसके अलावा पलक तिवारी (जो भी अपनी स्ट्रीमिंग डेब्यू कर रही हैं) और लक्षवीर सिंह सारण प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे. सीरीज में नकुल रोशन सहदेव, कृतिका भारद्वाज, शिवांकित परिहार, योगराज सिंह और आयशा रजा मिश्रा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे. यह आठ एपिसोड की सीरीज 8 मई को विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर हिंदी में भारत सहित दुनिया के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में रिलीज होगी.